फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   student fell from the roof in kapkot

Bageshwar News: छत से गिरा छात्र, सिस्टम ने स्ट्रेचर पर लिटाया; ग्रामीण कंधे पर आठ किमी दूर सड़क तक लाए

Sat, 19 Jul 2025 05:08 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर
अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 19 Jul 2025 05:08 PM IST
सार

सोराग गांव निवासी 11वीं कक्षा का छात्र दिवाकर दानू (16) विगत बृहस्पतिवार के दिन छत से गिर गया था। इससे उसकी कमर में चोट लग गई। वह उठने और बैठने में असमर्थ हो गया। ग्रामीण उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर सड़क तक लाए।

विज्ञापन
student fell from the roof in kapkot
बागेश्वर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कपकोट के सोराग गांव के लिए मोटर मार्ग बनने के बाद भी पिंडर नदी पर पुल नहीं बनने का दंश ग्रामीण झेल रहे हैं। बीमार होने पर लोगों को डोली की मदद से सड़क तक लाना पड़ता है। विगत दिनों एक किशोर के कमर में चोट लगने पर उसे स्ट्रेचर की मदद से आठ किमी दूर सड़क तक लाना पड़ा। ग्रामीणों ने जल्द मोटरपुल का निर्माण कराने की मांग की है।

विज्ञापन

सोराग गांव निवासी 11वीं कक्षा का छात्र दिवाकर दानू (16) विगत बृहस्पतिवार के दिन छत से गिर गया था। इससे उसकी कमर में चोट लग गई। वह उठने और बैठने में असमर्थ हो गया। उसे डोली पर बैठाकर सड़क तक लाना संभव नहीं था। इसलिए ग्रामीण बलवंत सिंह, प्रवीण सिंह, नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, सूरज आदि उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर सड़क तक लाए।

विज्ञापन

लंबी दूरी होने के चलते ग्रामीण उसे कई जगह रोककर लेकर पहुंचे। इस दौरान छात्र दर्द से कराहता रहा। सड़क पर पहुंचाने के बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों के अनुसार किशोर के कमर की हड्डी में फ्रेक्चर है। उसे बेड रेस्ट की सलाह देकर डिस्चार्ज किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रेडक्रॉस का स्ट्रेचर आया काम
ग्रामीणों ने बताया कि गांव से मरीज को लाने के लिए डोली का ही प्रयोग किया जाता है। दिवाकर की कमर में चोट के कारण उसे डोली से लाना संभव नहीं था। ऐसे समय में रेडक्रॉस समिति की ओर से दिए गए स्ट्रेचर की काफी मदद मिली। इससे पूर्व भी समिति के दिए स्ट्रेचर की मदद से मरीजों को सड़क तक लाने में मदद मिली थी।


पांच साल से पिंडर नदी पर पुल नहीं बन पाया है। ग्रामीणों ने लकड़ी का वैकल्पिक पुल बनाया था। बारिश के दौरान वह भी बह गया। गांव में दो टैक्सी तो खड़ी है। इसके बाद भी मरीजों को डोली या स्ट्रेचर पर लाना पड़ रहा है। - बलवंत सिंह, ग्रामीण

सोराग के लोग आज भी वाहन सुविधा से वंचित हैं। डोली और स्ट्रेचर गांव के लोगों की नियति बन गइ है। कई बार पुल का निर्माण जल्द करवाने के लिए आंदोलन किया गया। इसके बाद भी हालत नहीं बदले हैं। - नितिन सोरागी, ग्रामीण


जब से सड़क के लिए सर्वे हुआ है तब से बच्चे जवान और जवान बूढ़े हो चुके हैं। इसके बाद भी पुल नहीं होने से ग्रामीण वाहन सुविधा से वंचित है। लोगों ने जोखिम उठाकर नदी पर जुगाड़ का पुल बनाया था जो बह गया है। - दिनेश सोरागी, ग्रामीण

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed