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घिंगारुतोला से देवली की रोड का डामरीकरण शुरू
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घिंघारूतोला (बागेश्वर)। सिरौली दुबट्टा (घिंगारूतोला) से देवली के लिए विधायक बलवंत सिंह भौर्याल के प्रयासों से रोड कटिंग के बाद अब सोलिंग का काम शुरू हो गया है। जल्द ही इस पर डामरीकरण कार्य शुरू हो जाएगा। करीब तीन किमी लंबी इस सड़क की लागत 1.77 करोड़ रुपये है।
पीएमजीएसवाई खंड कपकोट के ईई संजय पांडे ने बताया कि पहले चरण में पहाड़ कटान कर सोलिंग का काम चल रहा है। नाली, कॉजवे, कलवर्ट, सुरक्षा दीवार बनाने का काम पूरा होने के बाद डामरीकरण कार्य शुरू होगा। ग्रामीणों की मांग पर विधायक भौर्याल के पूर्व कार्यकाल में यह सड़क स्वीकृत हुई थी। रोड कटने के बाद देवली, मयूं आदि के ग्रामीणों ने इस कच्ची सड़क पर वाहन चलाने शुरू कर दिए थे। लेकिन जगह-जगह रोड धंसने या कीचड़ हो जाने से लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए विधायक ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही रोड के डामरीकरण के लिए धनराशि स्वीकृत करा दी। गांव के बाशिंदे नरेश भट्ट, बिशनदत्त भट्ट, आनंद बल्लभ भट्ट, हरीश चंद्र भट्ट आदि ने इसके लिए विधायक का आभार जताया है। लोगों ने ठेकेदार गोपाल सिंह सत्याल से बेहतर काम की उम्मीद जताई है।
देवली गांव अतीत में जीवट लोगों का आबाद गांव था। बद्रीनाथ के कुंड के चलते भी इस गांव का महत्व है। पहले पर्वों पर यहां कई किलोमीटर दूर से लोग स्नान करने आते थे। धीरे-धीरे गांव उजाड़ होता गया और श्रद्धालुओं की आमद भी कम हुई। सड़क कटने के बाद से ही गांव में रिवर्स पलायन का रुझान देखा जा रहा है। बाहर रह रहे कुछ लोगों ने यहां घर बना लिए हैं और कई और लोग सेवानिवृत्ति के बाद गांव का रुख करने जा रहे हैं।
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पीएमजीएसवाई खंड कपकोट के ईई संजय पांडे ने बताया कि पहले चरण में पहाड़ कटान कर सोलिंग का काम चल रहा है। नाली, कॉजवे, कलवर्ट, सुरक्षा दीवार बनाने का काम पूरा होने के बाद डामरीकरण कार्य शुरू होगा। ग्रामीणों की मांग पर विधायक भौर्याल के पूर्व कार्यकाल में यह सड़क स्वीकृत हुई थी। रोड कटने के बाद देवली, मयूं आदि के ग्रामीणों ने इस कच्ची सड़क पर वाहन चलाने शुरू कर दिए थे। लेकिन जगह-जगह रोड धंसने या कीचड़ हो जाने से लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए विधायक ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही रोड के डामरीकरण के लिए धनराशि स्वीकृत करा दी। गांव के बाशिंदे नरेश भट्ट, बिशनदत्त भट्ट, आनंद बल्लभ भट्ट, हरीश चंद्र भट्ट आदि ने इसके लिए विधायक का आभार जताया है। लोगों ने ठेकेदार गोपाल सिंह सत्याल से बेहतर काम की उम्मीद जताई है।
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देवली गांव अतीत में जीवट लोगों का आबाद गांव था। बद्रीनाथ के कुंड के चलते भी इस गांव का महत्व है। पहले पर्वों पर यहां कई किलोमीटर दूर से लोग स्नान करने आते थे। धीरे-धीरे गांव उजाड़ होता गया और श्रद्धालुओं की आमद भी कम हुई। सड़क कटने के बाद से ही गांव में रिवर्स पलायन का रुझान देखा जा रहा है। बाहर रह रहे कुछ लोगों ने यहां घर बना लिए हैं और कई और लोग सेवानिवृत्ति के बाद गांव का रुख करने जा रहे हैं।
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