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Bageshwar News: चेक बाउंस मामले में दोषी महिला को छह माह का कारावास
Fri, 13 Oct 2023 11:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 13 Oct 2023 11:54 PM IST
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बागेश्वर। न्यायिक मजिस्ट्रेट/ सिविज जज पुनीत कुमार की अदालत ने चेक बाउंस के दो मामलों में दोषी महिला को छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई। दोषी को दोनों मामलों में अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
कथानक के अनुसार भगवती साह निवासी कत्यूर बाजार बागेश्वर ने लोक अदालत में अपने ऋण अदायगी के मामले का निस्तारण इंडियन ओवरसीज बैंक के प्रबंधक कुलदीप के पक्ष में बैंक ऑफ बड़ोदा के दो चेक दिए। एक चेक 30 मार्च 2021 की तिथि का था जो 1,25,000 रुपये का था। दूसरा चेक 25 अप्रैल 2021 का था जो 1,50,000 का था। दोनों चेक बाउंस हो गए। बैंक ने आरोपी महिला के खिलाफ चेक अनादरण के दो अलग-अलग केस धारा 138 एनआई एक्ट के तहत दर्ज कराए।
न्यायालय ने मामले में पत्रावली का परिसीलन करते हुए उपलब्ध मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी महिला को दोषी पाते हुए पहले मामले में छह माह का साधारण कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। दोषी को 1,25,000 रुपये परिवादी बैंक को अदा करने का आदेश दिया। दूसरे मामले में भी दोषी महिला को छह माह का साधारण कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। परिवादी बैंक को 1,50,000 रुपये अदा करने के आदेश दिए। अर्थदंड की अदायगी नहीं करने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। संवाद
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कथानक के अनुसार भगवती साह निवासी कत्यूर बाजार बागेश्वर ने लोक अदालत में अपने ऋण अदायगी के मामले का निस्तारण इंडियन ओवरसीज बैंक के प्रबंधक कुलदीप के पक्ष में बैंक ऑफ बड़ोदा के दो चेक दिए। एक चेक 30 मार्च 2021 की तिथि का था जो 1,25,000 रुपये का था। दूसरा चेक 25 अप्रैल 2021 का था जो 1,50,000 का था। दोनों चेक बाउंस हो गए। बैंक ने आरोपी महिला के खिलाफ चेक अनादरण के दो अलग-अलग केस धारा 138 एनआई एक्ट के तहत दर्ज कराए।
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न्यायालय ने मामले में पत्रावली का परिसीलन करते हुए उपलब्ध मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी महिला को दोषी पाते हुए पहले मामले में छह माह का साधारण कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। दोषी को 1,25,000 रुपये परिवादी बैंक को अदा करने का आदेश दिया। दूसरे मामले में भी दोषी महिला को छह माह का साधारण कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। परिवादी बैंक को 1,50,000 रुपये अदा करने के आदेश दिए। अर्थदंड की अदायगी नहीं करने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। संवाद
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