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खुली नालियों में बह रहा घरों और होटलों का सीवर
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Wed, 12 Apr 2017 11:20 PM IST
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धार्मिक नगरी बागेश्वर में सीवर लाइन नहीं होने से घरों और होटलों की गंदगी खुली नालियों में बह रही है। इसके कारण आम लोगों का जीना दूभर हो गया है। व्यापारी वर्ग को इससे सर्वाधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर के जागरूक लोगों ने खुले में सीवर बहाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
सरयू और गोमती के संगम पर स्थित बागेश्वर का बड़ा धार्मिक महत्व है। इस महत्व के बावजूद इस शहर में आज तक सीवर लाइन की सुविधा नहीं है। ऐसे में लोगों के घरों से लेकर होटलों तक की गंदगी नालियों से होकर सीधे इन्हीं नदियों में समाती है। सीवर लाइन नहीं होने के कारण घरों का सीवर कुछ लोग खुली नालियों में बहा देते हैं। इन दिनों स्टेशन रोड से लेकर माल रोड तक यही स्थिति बनी हुई है। नालियों से उफनती दुर्गंध लोगों का सांस लेना मुश्किल बना हुआ है।
दुर्गंध से बीमारी का खतरा भी बना हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता और व्यापारी नेता भूपेंद्र जोशी का कहना है कि सीवर के नालियों में बहने से पर्यावरण तो प्रदूषित हो ही रहा है साथ ही लोगों का स्वास्थ्य भी इससे प्रभावित होगा। लोगों को इस तरह सीवर खुले में नहीं बहाना चाहिए। इधर नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी ईश्वर सिंह रावत का कहना है कि खुली नालियों में सीवर बहाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सरयू और गोमती के संगम पर स्थित बागेश्वर का बड़ा धार्मिक महत्व है। इस महत्व के बावजूद इस शहर में आज तक सीवर लाइन की सुविधा नहीं है। ऐसे में लोगों के घरों से लेकर होटलों तक की गंदगी नालियों से होकर सीधे इन्हीं नदियों में समाती है। सीवर लाइन नहीं होने के कारण घरों का सीवर कुछ लोग खुली नालियों में बहा देते हैं। इन दिनों स्टेशन रोड से लेकर माल रोड तक यही स्थिति बनी हुई है। नालियों से उफनती दुर्गंध लोगों का सांस लेना मुश्किल बना हुआ है।
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दुर्गंध से बीमारी का खतरा भी बना हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता और व्यापारी नेता भूपेंद्र जोशी का कहना है कि सीवर के नालियों में बहने से पर्यावरण तो प्रदूषित हो ही रहा है साथ ही लोगों का स्वास्थ्य भी इससे प्रभावित होगा। लोगों को इस तरह सीवर खुले में नहीं बहाना चाहिए। इधर नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी ईश्वर सिंह रावत का कहना है कि खुली नालियों में सीवर बहाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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