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कपकोट से ही मैला हो जाता है सरयू नदी का पानी

Wed, 07 Dec 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Wed, 07 Dec 2016 12:02 AM IST
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Sarayu river water becomes muddy from Kapkot
कपकोट से ही मैला हो जाता है सरयू नदी का पानी - फोटो : अमर उजाला

बागेश्वर। पतित पावनी सरयू नदी का पानी कपकोट से ही मैला होना शुरू हो जाता है। हर दिन घरों और दुकानों से निकलने वाला टनों कूड़ा, सीवर और खड़िया खदानों से निकलने वाला मलबा तक इसी नदी में डाल दिया जाता है। कपकोट और भराड़ी बाजार में एक दर्जन से अधिक स्थानों से कूड़ा सरयू नदी में डाला जाता है। बागेश्वर में संगम तक पहुंचते-पहुंचते नदी पूरी तरह से दूषित हो जाती है। 

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कपकोट के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित सरमूल से निकलने वाली सरयू नदी में स्नान का बागेश्वर में विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि मार्कंडेय ऋषि की तप स्थली रहे सरयू-गोमती संगम पर जो भी स्नान करता है उसे कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिल जाती है, परंतु जिस नदी के जल में स्नान कर कभी लोग पवित्र हो जाते थे वही जल आज दूषित हो गया है।
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सरमूल से से निकलने वाला साफ पानी कपकोट नगर से ही मैला होना शुरू हो जाता है। कपकोट तहसील मुख्यालय में सफाई की उचित व्यवस्था नहीं होने से घरों और दुकानों की पूरी गंदगी इस पवित्र नदी में विसर्जित कर दी जाती है। कपकोट और भराड़ी बाजार में लगभग एक दर्जन से अधिक ऐसे स्थल हैं जहां से रोज सरयू नदी में कूड़ा करकट फेंका जाता है।
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सरयू किनारे बसे इस नगर में सीवर लाइन की कोई व्यवस्था नहीं है। घरों और होटलों की गंदगी सड़कों की नालियों में बहती हुई सीधे सरयू में ही गिरती है। नदी का पानी बागेश्वर शहर की शुरुआत के साथ ही और अधिक दूषित हो जाता है। बागेश्वर नगर में सात वार्ड हैं। सड़क सुविधा वाले क्षेत्रों को छोड़कर अंदर गलियों में कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है।

कई लोग घरों से कूड़ा लाकर सीधे नदी में फेंक देते हैं। कुछ जगहों पर नदी किनारे कूड़ा डालने वाले स्थायी कूड़ास्थल तक बना दिए गए हैं। वर्तमान में हालात यह हैं कि कपकोट से बागेश्वर के बिलौना तक सरयू नदी के किनारे कूड़ा ही कूड़ा नजर आता है।

अहम सवाल यह है कि बागेश्वर को 1962 में टाउन एरिया घोषित कर दिया गया था। 1997 में जिला मुख्यालय बना तो बाजार और आबादी के विस्तार के साथ कूड़े की समस्या भी बढ़ी, लेकिन कूड़ा निस्तारण का स्थायी समाधान आज तक नहीं तलाशा गया। 

बागेश्वर। घरों का कूड़ा और गंदगी पवित्र नदियों में न डाली जाए इसके लिए अमर उजाला बागेश्वर नगर के सभी वार्डों में पहुंचकर लोगों को जागरूक करेगा। अभियान की शुरुआत बुधवार से वेणीमाधव वार्ड से की जाएगी। इस दौरान कूड़ा निस्तारण में आने वाली दिक्कतों, विकल्प और समाधान पर वार्ड के गणमान्य लोगों के साथ चर्चा की जाएगी। एक संकल्प के साथ नगर के वेणीमाधव वार्ड, भीलेश्वर वार्ड, दुगबाजार वार्ड, ठाकुरद्वारा वार्ड, बागनाथ वार्ड, घटबगड़ वार्ड और ज्वालादेवी वार्ड में मोहल्ला स्वच्छता समितियां गठित करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। 


बागेश्वर। पर्यावरण सुरक्षा, पॉलीथिन उन्मूलन, नदी बचाओ अभियान, भारत स्वच्छता अभियान जैसे तमाम कार्यक्रम बागेश्वर में आयोजित होते रहते हैं। सड़कों पर वर्ष भर विभिन्न मौकों पर जागरूकता के लिए रैलियां निकाली जाती हैं, इनमें स्कूली बच्चों से लेकर तमाम विभागों के अधिकारियों की भागीदारी भी रहती है। इसके बावजूद घरों का कूड़ा नदियों में डालने का क्रम नहीं थमता। इससे साबित होता है कि यह स्वच्छता अभियान और रैलियां केवल एक औपचारिकता भर रह गई हैं। 

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