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सरयू-गोमती की स्वच्छता के लिए सीवर लाइन जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Mon, 12 Dec 2016 10:58 PM IST
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घटबगढ़ वार्ड की नालियों में जमा गंदा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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सर्वाधिक भीड़भाड़ वाला बागेश्वर शहर का केएमओयू स्टेशन, अतिक्रमण के कारण संकरी हो गई बागेश्वर-बैजनाथ सड़क, सड़क की नालियों से लेकर वार्ड की संकरी गलियों में जगह-जगह जमा गंदा पानी, कहीं खुले तो कहीं अंडरग्राउंड नालों से होकर गोमती में समाती गंदगी। यह गोमती आगे जाकर संगम पर सरयू से मिल जाती है। यह तस्वीर है बागेश्वर नगरपालिका में आने वाले घटबगढ़ वार्ड की।
सरयू को प्रदूषण मुक्त करने के अभियान के तहत सोमवार को अमर उजाला ने घटबगढ़ वार्ड में सफाई की व्यवस्थाएं देखीं। बागेश्वर का घटबगढ़ वार्ड गोमती नदी किनारे स्थित है। इस वार्ड में केएमओयू बस स्टेशन सहित तमाम बड़े होटल, बैंक सहित सैकड़ों की तादात में भवन हैं। सार्वजनिक शौचालय भी हैं, परंतु सफाई की व्यवस्था यहां भी संतोषजनक नहीं है। वार्ड की सफाई तो नियमित होती है, लेकिन मोहल्ले से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी को लेकर कोई प्रबंध नहीं हैं। पूरे मोहल्ले की गंदगी आखिरकार सरयू में समा जाती है। जब सरयू को कूड़ा मुक्त करने के संबंध में लोगों से बातचीत की गई तो सभी लोगों ने इसके लिए सीवर लाइन को जरूरी बताया।
सभासद सोनिया से जब सफाई के मुद्दे पर बातचीत हुई तो उनका कहना था कि वार्ड में कूड़े की सफाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन गंदे पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध नहीं हैं। नाली निकासी की व्यवस्था हो तो मोहल्ले से लेकर नदी तक को स्वच्छ रखा जा सकता है। सरयू नदी की स्वच्छता को लेकर अमर उजाला का अभियान प्रशंसनीय हैं। शासन-प्रशासन को बागेश्वर नगर में सीवर लाइन के निर्माण के लिए जल्द प्रयास करने चाहिए। - सोनिया, सभासद।
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गिरीश चंद्र तिवारी ने बताया कि वार्ड में कूड़े की सफाई की समस्या नहीं है। स्टेशन होने से लोगों की आवाजाही के कारण गंदगी भी होती है। नदी को गंदगी से मुक्त करने के लिए खुले में शौच पर सख्ती से रोक लगानी होगी। इसके अलावा शहर का जो गंदा पानी है उसका भी ठोस प्रबंध करना होगा ताकि इससे नदियां दूषित न हों। इस धार्मिक नगर और यहां की नदियों की स्वच्छता के लिए सभी को जागरूक होने की जरूरत है। - गिरीश चंद्र तिवारी।
इंद्र सिंह परिहार ने कहा कि नगर की आबादी धीरे-धीरे बढ़ रही है। जनप्रतिनिधियों को समस्या के बारे में सोचना चाहिए। अभी तक नगर में सीवर लाइन का निर्माण नहीं हो सका है। पूरे शहर की गंदगी सरयू और गोमती में ही जा रही है। इन नदियों का धार्मिक महत्व है। नदियों के पानी में स्नान, पूजा अर्चना से लेकर इन्हीं नदियों के पानी को पीने और सिंचाई के प्रयोग में लाया जाता है। सीवर लाइन का जल्दी निर्माण होना चाहिए। - इंद्रसिंह परिहार।
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सरयू को प्रदूषण मुक्त करने के अभियान के तहत सोमवार को अमर उजाला ने घटबगढ़ वार्ड में सफाई की व्यवस्थाएं देखीं। बागेश्वर का घटबगढ़ वार्ड गोमती नदी किनारे स्थित है। इस वार्ड में केएमओयू बस स्टेशन सहित तमाम बड़े होटल, बैंक सहित सैकड़ों की तादात में भवन हैं। सार्वजनिक शौचालय भी हैं, परंतु सफाई की व्यवस्था यहां भी संतोषजनक नहीं है। वार्ड की सफाई तो नियमित होती है, लेकिन मोहल्ले से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी को लेकर कोई प्रबंध नहीं हैं। पूरे मोहल्ले की गंदगी आखिरकार सरयू में समा जाती है। जब सरयू को कूड़ा मुक्त करने के संबंध में लोगों से बातचीत की गई तो सभी लोगों ने इसके लिए सीवर लाइन को जरूरी बताया।
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सभासद सोनिया से जब सफाई के मुद्दे पर बातचीत हुई तो उनका कहना था कि वार्ड में कूड़े की सफाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन गंदे पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध नहीं हैं। नाली निकासी की व्यवस्था हो तो मोहल्ले से लेकर नदी तक को स्वच्छ रखा जा सकता है। सरयू नदी की स्वच्छता को लेकर अमर उजाला का अभियान प्रशंसनीय हैं। शासन-प्रशासन को बागेश्वर नगर में सीवर लाइन के निर्माण के लिए जल्द प्रयास करने चाहिए। - सोनिया, सभासद।
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गिरीश चंद्र तिवारी ने बताया कि वार्ड में कूड़े की सफाई की समस्या नहीं है। स्टेशन होने से लोगों की आवाजाही के कारण गंदगी भी होती है। नदी को गंदगी से मुक्त करने के लिए खुले में शौच पर सख्ती से रोक लगानी होगी। इसके अलावा शहर का जो गंदा पानी है उसका भी ठोस प्रबंध करना होगा ताकि इससे नदियां दूषित न हों। इस धार्मिक नगर और यहां की नदियों की स्वच्छता के लिए सभी को जागरूक होने की जरूरत है। - गिरीश चंद्र तिवारी।
इंद्र सिंह परिहार ने कहा कि नगर की आबादी धीरे-धीरे बढ़ रही है। जनप्रतिनिधियों को समस्या के बारे में सोचना चाहिए। अभी तक नगर में सीवर लाइन का निर्माण नहीं हो सका है। पूरे शहर की गंदगी सरयू और गोमती में ही जा रही है। इन नदियों का धार्मिक महत्व है। नदियों के पानी में स्नान, पूजा अर्चना से लेकर इन्हीं नदियों के पानी को पीने और सिंचाई के प्रयोग में लाया जाता है। सीवर लाइन का जल्दी निर्माण होना चाहिए। - इंद्रसिंह परिहार।