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जर्जर भवन में चल रहा प्राथमिक विद्यालय रौल्याणा
ब्यूरो/अमर उजाला / बागेश्वर
Updated Thu, 05 May 2016 11:00 PM IST
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स्कूल भवन में पड़ी दरार
- फोटो : amar ujala
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प्राथमिक विद्यालय रौल्याणा पांच साल से जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। बारिश के सीजन में खतरे के भय से शिक्षा विभाग स्कूल को जूहा रौल्याणा में शिफ्ट कर देता है। एसएमसी रौल्याणा ने एक बैठक कर निर्णय लिया है कि इस बार बारिश के सीजन में स्कूल को शिफ्ट नहीं होने देंगे।
एसएमसी अध्यक्ष एवं रौल्याणा के प्रधान मदन गिरी ने बताया कि रौल्याणा प्राथमिक भवन का निर्माण 1985 में हुआ था। स्कूल की हालत वर्तमान में जर्जर है। भवन के कमरों में जगह- जगह पर भारी दरारें आ गई है। पिछले पांच साल से विभाग बारिश के सीजन में स्कूल भवन को गांव के जूहा में शिफ्ट कर देता है। जूहा में कमरों का अभाव है। जूनियर और प्राथमिक एक ही भवन में चलने से दोनों स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो जाती है।
ग्राम प्रधान ने बताया कि 19 सितंबर 2014 को डीएम बागेश्वर ने प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान प्रधान और बीईओ से स्कूल भवन का आगणन तैयार कर भेजने को कहा था। प्रधान ने बताया कि आगणन तैयार कर एसमसी ने तीन साल पूर्व डीएम और डीईओ को भेज दिया था। जिला प्रशासन ने स्कूल भवन के निर्माण के लिए आज तक धन अवमुक्त नहीं किया है। स्कूल के हेड टीचर संजय कुमार टम्टा ने बताया वर्तमान में स्कूल में 29 बच्चे अध्ययनरत है। बारिश के सीजन में कमरे पानी से लबालब भर जाते है। हेड टीचर ने बताया कि स्कूल भवन का पुनर्निर्माण करने के संबंध में कई बार एसएमसी सी बैठक में प्रस्ताव पारित हो चुका है।
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एसएमसी अध्यक्ष एवं रौल्याणा के प्रधान मदन गिरी ने बताया कि रौल्याणा प्राथमिक भवन का निर्माण 1985 में हुआ था। स्कूल की हालत वर्तमान में जर्जर है। भवन के कमरों में जगह- जगह पर भारी दरारें आ गई है। पिछले पांच साल से विभाग बारिश के सीजन में स्कूल भवन को गांव के जूहा में शिफ्ट कर देता है। जूहा में कमरों का अभाव है। जूनियर और प्राथमिक एक ही भवन में चलने से दोनों स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो जाती है।
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ग्राम प्रधान ने बताया कि 19 सितंबर 2014 को डीएम बागेश्वर ने प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान प्रधान और बीईओ से स्कूल भवन का आगणन तैयार कर भेजने को कहा था। प्रधान ने बताया कि आगणन तैयार कर एसमसी ने तीन साल पूर्व डीएम और डीईओ को भेज दिया था। जिला प्रशासन ने स्कूल भवन के निर्माण के लिए आज तक धन अवमुक्त नहीं किया है। स्कूल के हेड टीचर संजय कुमार टम्टा ने बताया वर्तमान में स्कूल में 29 बच्चे अध्ययनरत है। बारिश के सीजन में कमरे पानी से लबालब भर जाते है। हेड टीचर ने बताया कि स्कूल भवन का पुनर्निर्माण करने के संबंध में कई बार एसएमसी सी बैठक में प्रस्ताव पारित हो चुका है।
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