{"_id":"587e584b4f1c1ba73fefe2a5","slug":"ro-issued-a-notice-to-the-speaker","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरओ ने विधानसभा अध्यक्ष को जारी किया नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरओ ने विधानसभा अध्यक्ष को जारी किया नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Tue, 17 Jan 2017 11:15 PM IST
विज्ञापन
जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग आफिसर फिंचाराम चौहान ने उत्तरायणी मेले और मकर संक्रांति पर्व के शुभकामना संदेश मोबाइल नंबरों पर प्रस्तारित करने पर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल को नोटिस जारी किया है। और 18 जनवरी तक स्पष्टीकरण देने को कहा है।
आरओ ने बताया कि मीडिया प्रमाणन एवं अनुनिक्षण समिति के संज्ञान में आया है कि आईएम सतवाल के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल की ओर से कतिपय मोबाइल नंबरों में उत्तरायणी मेला और मकर संक्रांति पर्व के शुभकामना संदेश प्रसारित किए गए। आरओ ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र से संभावित प्रत्याशी भी हैं। विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस भेजकर एसएमएस के विषय में सूचना मांगी गई है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एसएमएस के माध्यम से प्रकाशित संदेश को प्रचार माना गया है।
एसएमएस प्रसारित करने से पूर्व मीडिया प्रमाणन अनुनिक्षण समिति से अनुमति प्राप्त करने और उसका व्यय लेखा टीम को देना जरूरी है। संभावित प्रत्याशियों की ओर से बधाई संदेश आदि प्रसारित करना मतदाताओं को प्रभावित करने का माध्यम माना जाएगा।
विज्ञापन
श्री चौहान ने बताया कि प्रसारित संदेश की एक प्रति नोटिस से साथ प्रेषित की गई है। नोटिस में कहा गया है कि क्यों न आदर्श आचार संहिता और भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के उल्लंघन पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से 18 जनवरी सायं तीन बजे तक स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा है। स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
आरओ ने बताया कि मीडिया प्रमाणन एवं अनुनिक्षण समिति के संज्ञान में आया है कि आईएम सतवाल के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल की ओर से कतिपय मोबाइल नंबरों में उत्तरायणी मेला और मकर संक्रांति पर्व के शुभकामना संदेश प्रसारित किए गए। आरओ ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र से संभावित प्रत्याशी भी हैं। विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस भेजकर एसएमएस के विषय में सूचना मांगी गई है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एसएमएस के माध्यम से प्रकाशित संदेश को प्रचार माना गया है।
विज्ञापन
एसएमएस प्रसारित करने से पूर्व मीडिया प्रमाणन अनुनिक्षण समिति से अनुमति प्राप्त करने और उसका व्यय लेखा टीम को देना जरूरी है। संभावित प्रत्याशियों की ओर से बधाई संदेश आदि प्रसारित करना मतदाताओं को प्रभावित करने का माध्यम माना जाएगा।
विज्ञापन
श्री चौहान ने बताया कि प्रसारित संदेश की एक प्रति नोटिस से साथ प्रेषित की गई है। नोटिस में कहा गया है कि क्यों न आदर्श आचार संहिता और भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के उल्लंघन पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से 18 जनवरी सायं तीन बजे तक स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा है। स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।