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बागेश्वर के जिनखोला में आवासीय मकान क्षतिग्रस्त
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कपकोट-कर्मी सड़क पर फुलवाड़ी के पास बह रहे नाले को पार करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। शुक्रवार की रात की बारिश से तबाह मुनार और रिखाड़ी में अब भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। सड़क मलबे, बोल्डरों से पटी है। तीन पुल ध्वस्त होने से रिखाड़ी के प्राथमिक पाठशाला और जूनियर हाईस्कूल के साथ ही मुनार गांव के लिए आवाजाही बाधित हो गई है। कई वाहन मलबे में फंसे हुए हैं। उधर, गरुड़ के जिनखोला में मोहन राम पुत्र राम लाल का आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। परिवार उसी क्षतिग्रस्त मकान में रहने को मजबूर है।
शनिवार की रात को एक बार फिर जिले में बारिश हुई है। कपकोट में 42.50 एमएम, बागेश्वर में 9 और गरुड़ में 10 एमएम बारिश हुई। बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। बीते शुक्रवार को अतिवृष्टि ने कपकोट के मुनार, रिखाड़ी क्षेत्र में जबरदस्त तबाही मचाई थी। सड़क, घरों, दुकानों में मलबा पटने के साथ ही तीन पैदल पुलिया ध्वस्त हो गई थीं। पुलिया ध्वस्त होने से आवागमन में जबरदस्त परेशानी का सामना क्षेत्र के लोगों को करना पड़ रहा है।
रिखाड़ी क्षेत्र में दो घराट भी बह गए थे। लोगों के सामने अनाज पिसाने का संकट खड़ा हो गया है। वहीं बीते 29 जून की अतिवृष्टि से बंद असों-बसकूना सड़क के न खुलने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कपकोट-कर्मी सड़क भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है। सड़क पर फुलवाड़ी के पास नाला बन गया है। लोगों को पैदल आवाजाही में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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वहीं काफलीकमेड़ा की पेयजल लाइन ध्वस्त होने से गांव में पानी का संकट बना हुआ है। जल संस्थान योजना की मरम्मत करा रहा है। कुल मिलाकर बरसात के सीजन की शुरूआती बारिश ने ही जिले के कपकोट क्षेत्र को गहरे जख्म दे दिए हैं।
बागेश्वर में सात सड़कों में अब भी यातायात बंद
बागेश्वर। जिले के सात सड़कों पर अब भी यातायात बंद है। कपकोट-कर्मी, असों-बसकूना, कपकोट-पिंडारी, थुणाई-मिहिनिया, डंगोली-सलानी, मुनारवबैंड-सूपी, डाकघट-लमचूला सड़क पर आवाजाही न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सड़कों की मरम्मत की जा रही है। मलबा हटाया जा रहा है। संवाद
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शनिवार की रात को एक बार फिर जिले में बारिश हुई है। कपकोट में 42.50 एमएम, बागेश्वर में 9 और गरुड़ में 10 एमएम बारिश हुई। बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। बीते शुक्रवार को अतिवृष्टि ने कपकोट के मुनार, रिखाड़ी क्षेत्र में जबरदस्त तबाही मचाई थी। सड़क, घरों, दुकानों में मलबा पटने के साथ ही तीन पैदल पुलिया ध्वस्त हो गई थीं। पुलिया ध्वस्त होने से आवागमन में जबरदस्त परेशानी का सामना क्षेत्र के लोगों को करना पड़ रहा है।
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रिखाड़ी क्षेत्र में दो घराट भी बह गए थे। लोगों के सामने अनाज पिसाने का संकट खड़ा हो गया है। वहीं बीते 29 जून की अतिवृष्टि से बंद असों-बसकूना सड़क के न खुलने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कपकोट-कर्मी सड़क भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है। सड़क पर फुलवाड़ी के पास नाला बन गया है। लोगों को पैदल आवाजाही में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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वहीं काफलीकमेड़ा की पेयजल लाइन ध्वस्त होने से गांव में पानी का संकट बना हुआ है। जल संस्थान योजना की मरम्मत करा रहा है। कुल मिलाकर बरसात के सीजन की शुरूआती बारिश ने ही जिले के कपकोट क्षेत्र को गहरे जख्म दे दिए हैं।
बागेश्वर में सात सड़कों में अब भी यातायात बंद
बागेश्वर। जिले के सात सड़कों पर अब भी यातायात बंद है। कपकोट-कर्मी, असों-बसकूना, कपकोट-पिंडारी, थुणाई-मिहिनिया, डंगोली-सलानी, मुनारवबैंड-सूपी, डाकघट-लमचूला सड़क पर आवाजाही न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सड़कों की मरम्मत की जा रही है। मलबा हटाया जा रहा है। संवाद

बागेश्वर की असों-बसकूना रोड से जेसीबी से हटाया जा रहा मलबा। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR