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कपकोट के बाद अब कांडा में क्वारंटीन सेंटर के भोजन पर उठे सवाल
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कांडा में क्वारंटीन किए गए लोगों को दाल की खराब गुणवत्ता के बाद फल और बिस्किट बांटे गए। संवाद न्य?
- फोटो : BAGESHWAR
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कांडा/बागेश्वर। कांडा के संस्थागत क्वारंटीन सेंटर के भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठे। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण के हस्तक्षेप के बाद भोजन क्वारंटीन लोगों को नहीं बांटा गया। भोजन के बजाय फल और बिस्कुट बांटे गए।
बृहस्पतिवार को कांग्रेसी नेता कांडा के क्वारंटीन सेंटरों का निरीक्षण कर रहे थे। वह जब सेंटर पहुंचे तो वहां पर प्रवासियों को भोजन बांटने की तैयारी चल रही थी। उन्होंने प्रवासियों के लिए बनी दाल चेक की तो उसे गुणवत्ता विहीन पाया। उन्होंने इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी। कपकोट के एसडीएम योगेंद्र सिंह की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने भोजन वितरण रुकवा दिया। तब प्रवासियों के लिए फल और बिस्कुट मंगवाए गए। सभी 51 क्वारंटीन लोगों को फल बंटवाए गए। पूर्व विधायक फर्स्वाण का कहना था कि क्वारंटीन सेंटरों में पौष्टिक भोजन देने की बात कही जा रही लेकिन कांडा आईटीआई के क्वारंटीन सेंटर में बना भोजन खाने योग्य नहीं था। इससे पहले मई महीने में कपकोट के क्वारंटीन सेंटर में भोजन व्यवस्था पर सवाल उठे थे।
दाल में कमी थी। इसलिए क्वारंटीन किए गए लोगों को फल बांटे गए। अनुबंधकर्ता को नोटिस देकर गुणवत्तायुक्त भोजन देने की हिदायत दी गई है। वहां 12 दिन से प्रवासी ठहराए गए हैं। इससे पहले कोई शिकायत नहीं मिली।
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- योगेंद्र सिंह, एसडीएम कांडा।
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बृहस्पतिवार को कांग्रेसी नेता कांडा के क्वारंटीन सेंटरों का निरीक्षण कर रहे थे। वह जब सेंटर पहुंचे तो वहां पर प्रवासियों को भोजन बांटने की तैयारी चल रही थी। उन्होंने प्रवासियों के लिए बनी दाल चेक की तो उसे गुणवत्ता विहीन पाया। उन्होंने इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी। कपकोट के एसडीएम योगेंद्र सिंह की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने भोजन वितरण रुकवा दिया। तब प्रवासियों के लिए फल और बिस्कुट मंगवाए गए। सभी 51 क्वारंटीन लोगों को फल बंटवाए गए। पूर्व विधायक फर्स्वाण का कहना था कि क्वारंटीन सेंटरों में पौष्टिक भोजन देने की बात कही जा रही लेकिन कांडा आईटीआई के क्वारंटीन सेंटर में बना भोजन खाने योग्य नहीं था। इससे पहले मई महीने में कपकोट के क्वारंटीन सेंटर में भोजन व्यवस्था पर सवाल उठे थे।
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दाल में कमी थी। इसलिए क्वारंटीन किए गए लोगों को फल बांटे गए। अनुबंधकर्ता को नोटिस देकर गुणवत्तायुक्त भोजन देने की हिदायत दी गई है। वहां 12 दिन से प्रवासी ठहराए गए हैं। इससे पहले कोई शिकायत नहीं मिली।
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- योगेंद्र सिंह, एसडीएम कांडा।