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कठायतबाड़ा में बंदर उजाड़ रहे हैं खेती
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बागेश्वर के कठायतबाड़ा में गेहूं के खेत चट करते बंदर। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। सरकार के लाख दावों के बाद भी बंदरों से निजात नहीं मिल पा रहा है। बंदरों का झुंड खेती को नुकसान पहुंचा रहा है। दुकानों तक से सामान उठा ले जा रहा है। नगर के कठायतबाड़ा के लोग बंदरों के आतंक से खासे परेशान हैं। आलम ये है कि बंदर यहां के किसानों के खेतों को खोदकर गेहूं का बीज चट कर जाते हैं।
नगर के कठायतबाड़ा में बंदरों का झुंड खेती को नुकसान पहुंचा रहा है। बंदरों ने गेहूं के बीज तक निकालकर खा दिए हैं। घरों और दुकानों से बंदर सामान निकालकर ले जा रहे हैं। भगाने पर काटने को दौड़ते हैं। पिछले छह महीने में बंदर बागेश्वर, गरुड़, कपकोट में छह लोगों को काट चुके हैं। सरकार और जनप्रतिनिधि बंदर बाड़ा बनाकर बंदरों से निजात दिलाने की बात तो करते हैं, लेकिन यह धरातल पर नहीं उतरता। यही कारण है कि बंदर क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या है। इनके कारण लोग खेती से भी विमुख होने लगे हैं।
बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि दुकानों से भी बंदर सामान उठाकर ले जा रहे हैं। बंदरों को मनुष्यों का कतई डर नहीं है।
कुंवर सिंह कोरंगा व्यापारी कठायतबाड़ा
बंदर खेतों को उजाड़ रहे हैं। गेहूं के बीज तक बंदर खा जा रहे हैं। घरों से सामान निकालकर ले जाते हैं। बंदरों से निजात दिलाई जानी चाहिए।
गोविंद सिंह बाफिला सामाजिक कार्यकर्ता
बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बंदरों के आतंक से हर इलाका प्रभावित है। बंदर लोगों पर हमला भी कर रहे हैं। बंदरों से निजात दिलाने के लिए ठोस योजना बने।
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केएन चौबे निवासी कठायतबाड़ा
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नगर के कठायतबाड़ा में बंदरों का झुंड खेती को नुकसान पहुंचा रहा है। बंदरों ने गेहूं के बीज तक निकालकर खा दिए हैं। घरों और दुकानों से बंदर सामान निकालकर ले जा रहे हैं। भगाने पर काटने को दौड़ते हैं। पिछले छह महीने में बंदर बागेश्वर, गरुड़, कपकोट में छह लोगों को काट चुके हैं। सरकार और जनप्रतिनिधि बंदर बाड़ा बनाकर बंदरों से निजात दिलाने की बात तो करते हैं, लेकिन यह धरातल पर नहीं उतरता। यही कारण है कि बंदर क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या है। इनके कारण लोग खेती से भी विमुख होने लगे हैं।
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बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि दुकानों से भी बंदर सामान उठाकर ले जा रहे हैं। बंदरों को मनुष्यों का कतई डर नहीं है।
कुंवर सिंह कोरंगा व्यापारी कठायतबाड़ा
बंदर खेतों को उजाड़ रहे हैं। गेहूं के बीज तक बंदर खा जा रहे हैं। घरों से सामान निकालकर ले जाते हैं। बंदरों से निजात दिलाई जानी चाहिए।
गोविंद सिंह बाफिला सामाजिक कार्यकर्ता
बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बंदरों के आतंक से हर इलाका प्रभावित है। बंदर लोगों पर हमला भी कर रहे हैं। बंदरों से निजात दिलाने के लिए ठोस योजना बने।
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केएन चौबे निवासी कठायतबाड़ा