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गजब का जोश और जज्बा: हिमालय की गोद में ओलंपिक की तैयारी कर रहे ये युवा

Thu, 25 Apr 2019 12:41 PM IST
दीपक नेगी ब्यूरो/अमर उजाला/ब्यूरो
ब्यूरो/अमर उजाला/ब्यूरो Published by: दीपक नेगी Updated Thu, 25 Apr 2019 12:41 PM IST
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preparation for Olympic 2020 in jolkande
tokyo olympic

उत्तराखंड को यूं ही नहीं देवभूमि कहा जाता है। यहां की प्राकृतिक शक्तियां युवाओं को उत्साह, सकारात्मक ऊर्जा और जोश से लबरेज कर देती है और यही सफलता की राह तय करती है। शायद यही वजह है कि ओलंपिक की तैयारी के लिए मैदानी युवा हिमालय की गोद (बागेश्वर) में पहुंच रहे हैं। 

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शहर से महज सात किमी दूर स्थित जौलकांडे में यूपी के जौनपुर, मेरठ और दिल्ली के चार युवा ओलंपिक गेम्स 2020 के लिए तैयारी कर रहे हैं। ये चारों बीती चार अप्रैल से जौलकांडे में सुबह 20 किमी दौड़, ट्रैकिंग, योग, मेडिटेशन सहित अन्य शारीरिक व्यायाम करते हैं। इन युवाओं का मानना है कि यहां से खेल और शिक्षा के लिए तैयारी कर सफलता अर्जित की जा सकती है।

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तीन बार के नेशनल चैंपियन हैं विनय 

मेरठ निवासी विनय बड़ाना ने बताया कि वे तीन बार नेशनल चैंपियन रहे हैं। उनका लक्ष्य है 2020 ओलंपिक में भारत की ओर से खेलना है। विनय का कहना है कि हिमालय दर्शन से नई ऊर्जा का संचार होता है इससे दुगने उत्साह से मेहनत करते  हैं। 

आर्मी नेशनल गेम में हिस्सा ले चुके हैं अंकित
यूपी के जौनपुर निवासी अंकित यादव सेना में जवान है। उनका लक्ष्य भी आगामी ओलंपिक में मेडल जीत कर  देश का नाम रोशन करना है। वहएक बार आर्मी नेशनल गेम में हिस्सा ले चुके हैं। उनका कहना है कि जौलकांडे की वारियां खेल की तैयारी करने के लिए उपयुक्त हैं।

ओलंपिक का लक्ष्य लेकर गांव लौटा योगेश

बीटेक कर चुके व तीन बार आल इंडिया यूनिवर्सिटी के खेलों में प्रतिभागकर चुके योगेश भट्ट मूल रुप से इसी गांव के रहने वाले हैं लेकिन वर्तमान में दिल्ली में रहते हैं। वह 2020 ओलंपिक में मेडल जीतने का लक्ष्य लेकरयहां पहुंचे हैं। 
 
तीन बार एशियन गेम में हिस्सा ले चुके हैं रामकरन
दिल्ली निवासी राम करन सिंह तीन बार एशियन गेम्स में हिस्सा ले चुके हैं। उनका कहना है कि जौलकांडे में खेल, पढ़ाई की तैयारी करने के लिए प्रमुख स्थान है। यहां हमेशा पॉजीटिव विचारों का प्रवाह होता है। वह 2010 में चीन में ग्वांगझो, 2014 में कोरिया सियोल में एशियन गेम में सिल्वर मेडल जीता है। 2018 में दो बार सिल्वर मेडल जीत चुके हैं।  

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