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लैंगिग भेदभाव खत्म करने को जागरूकता जरूरी : ज्योति साह मिश्रा
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बागेश्वर में उत्कृष्ट कार्य के लिए महिला को सम्मानित करतीं महिला आयोग की उपाध्यक्ष। संवाद
- फोटो : BAGESHWAR
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महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने किया। सम्मान समारोह में जिले में लिंगानुपात बढ़ाने के लिए बेहतर कार्य करने वाले 21 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को मुख्य अतिथि ने प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 13 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और चार आशा कार्यकर्ताओं का भी सम्मान हुआ। उत्कृष्ट कार्य करने वाली छह बालिकाओं अंजली सती, नेहा कांडपाल, धारा तिवारी, ईशा धामी, अर्चना भंडारी और हेमलता लोहार को भी मुख्य अतिथि ने घर की पहचान, बेटी के नाम नेम प्लेट, प्रशस्तिपत्र और स्मार्टफोन देकर पुरस्कृत किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि समाज से लैंगिक भेदभाव को खत्म करने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। जिले के लिंगानुपात में पूरे प्रदेश में अव्वल रहने पर खुशी जताई। विधायक चंदन राम दास ने लोगों से बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने का संकल्प लेने को कहा। कहा कि कोविड काल में महिला अधिकारियों-कर्मचारियों ने बेहतर ढंग से कार्य किया है जिसका प्रतिफल है कि जिला कोरोना से मुक्त हो चुका है।
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नगरपालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने कहा कि जिले की बेटियों ने जिले का नाम राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। सभी को इन बेटियों और उनके परिजनों से प्रेरणा लेनी होगी। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिले की महिलाओं के संघर्ष पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष से सफलता तक’ का भी विमोचन किया गया। वहां एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, सीएमओ डॉ. बीडी जोशी, बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र प्रसाद बिष्ट, डीएफओ बीएस शाही, सभासद नीमा दफौटी आदि थे।
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शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने किया। सम्मान समारोह में जिले में लिंगानुपात बढ़ाने के लिए बेहतर कार्य करने वाले 21 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को मुख्य अतिथि ने प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 13 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और चार आशा कार्यकर्ताओं का भी सम्मान हुआ। उत्कृष्ट कार्य करने वाली छह बालिकाओं अंजली सती, नेहा कांडपाल, धारा तिवारी, ईशा धामी, अर्चना भंडारी और हेमलता लोहार को भी मुख्य अतिथि ने घर की पहचान, बेटी के नाम नेम प्लेट, प्रशस्तिपत्र और स्मार्टफोन देकर पुरस्कृत किया।
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मुख्य अतिथि ने कहा कि समाज से लैंगिक भेदभाव को खत्म करने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। जिले के लिंगानुपात में पूरे प्रदेश में अव्वल रहने पर खुशी जताई। विधायक चंदन राम दास ने लोगों से बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने का संकल्प लेने को कहा। कहा कि कोविड काल में महिला अधिकारियों-कर्मचारियों ने बेहतर ढंग से कार्य किया है जिसका प्रतिफल है कि जिला कोरोना से मुक्त हो चुका है।
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नगरपालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने कहा कि जिले की बेटियों ने जिले का नाम राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। सभी को इन बेटियों और उनके परिजनों से प्रेरणा लेनी होगी। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिले की महिलाओं के संघर्ष पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष से सफलता तक’ का भी विमोचन किया गया। वहां एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, सीएमओ डॉ. बीडी जोशी, बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र प्रसाद बिष्ट, डीएफओ बीएस शाही, सभासद नीमा दफौटी आदि थे।