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पिंडारी ग्लेशियर जाने से नीदरलैंड के पर्यटक को रोका
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:33 PM IST
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भराड़ी में नीदरलैँड के पर्यटक के कागजात जांचते एलआईयू इंस्पेक्टर।
- फोटो : अमर उजाला
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रोक के बावजूद पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा पर रवाना हो रहे नीदरलैंड के पर्यटक को एसडीएम ने भराड़ी में ही रोक दिया। प्रतिबंध की जानकारी देने पर पर्यटक मुनस्यारी चला गया।
शनिवार दोपहर एलआईयू इंस्पेक्टर मोहन लाल को भराड़ी बाजार से होकर पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा पर जाते हुए नीदरलैंड का एक पर्यटक दिखाई दिया। सूूचना पर एसडीएम रवींद्र बिष्ट और थानाध्यक्ष वंदना चौहान मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने 45 वर्षीय पर्यटक पीटर को बताया कि इन दिनों आपदाकाल चल रहा है। इस कारण पिंडारी, सुंदरढुंगा और कफनी ग्लेशियर की सैर पर 15 जून से प्रतिबंध लगा हुआ है। आपदा और सुरक्षा के लिहाज से अभी वहां जाना उचित नहीं है। एसडीएम के समझाने पर सैलानी मान गया और उसने मुनस्यारी-पिथौरागढ़ के भ्रमण पर जाने का निर्णय लिया। एलआईयू इंस्पेक्टर ने बताया जांच पड़ताल में पर्यटक के सभी कागजात वैध पाए गए।
गौरतलब है कि ग्लेशियर की यात्रा पर रोक के बावजूद यूक्रेेन का 13 सदस्यीय दल ग्लेशियर की ओर चला गया और द्वाली में पुल नहीं होने के कारण 29 जुलाई को रास्ते से लौट भी आया लेकिन प्रशासन को इसकी भनक नहीं लग पाई थी। इस घटना के बाद से प्रशासन चौकन्ना है।
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शनिवार दोपहर एलआईयू इंस्पेक्टर मोहन लाल को भराड़ी बाजार से होकर पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा पर जाते हुए नीदरलैंड का एक पर्यटक दिखाई दिया। सूूचना पर एसडीएम रवींद्र बिष्ट और थानाध्यक्ष वंदना चौहान मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने 45 वर्षीय पर्यटक पीटर को बताया कि इन दिनों आपदाकाल चल रहा है। इस कारण पिंडारी, सुंदरढुंगा और कफनी ग्लेशियर की सैर पर 15 जून से प्रतिबंध लगा हुआ है। आपदा और सुरक्षा के लिहाज से अभी वहां जाना उचित नहीं है। एसडीएम के समझाने पर सैलानी मान गया और उसने मुनस्यारी-पिथौरागढ़ के भ्रमण पर जाने का निर्णय लिया। एलआईयू इंस्पेक्टर ने बताया जांच पड़ताल में पर्यटक के सभी कागजात वैध पाए गए।
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गौरतलब है कि ग्लेशियर की यात्रा पर रोक के बावजूद यूक्रेेन का 13 सदस्यीय दल ग्लेशियर की ओर चला गया और द्वाली में पुल नहीं होने के कारण 29 जुलाई को रास्ते से लौट भी आया लेकिन प्रशासन को इसकी भनक नहीं लग पाई थी। इस घटना के बाद से प्रशासन चौकन्ना है।
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