फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Pindari Bridge Will Be Soon

मार्च तक बनकर तैयार हो जाएगा पिंडर नदी में पक्का स्पान पैदल पुल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 11:31 PM IST
विज्ञापन
Pindari Bridge Will Be Soon
बागेश्वर की पिंडर नदी किनारे पुल निर्माण को पहुंची सामग्री। - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। पिंडर नदी में लोहे के स्पान पुल का निर्माण कार्य जोरशोर से चल रहा है। पुल की निर्माण सामग्री पहुंच गई है। विभाग मार्च तक पुल का निर्माण पूरा कराने की बात कह रहा है।
विज्ञापन

पिंडारी ग्लेशियर विश्व प्रसिद्ध ट्रैकिंग रूट है। देश और विदेशों के हजारों लोग इस ट्रैक की चढ़ाई कर चुके हैं। प्रकृति की इस खूबसूरत नेमत को 2013 में पहले कुदरत के कहर से जूझना पड़ा था। आपदा में पिंडर और कफनी नदी को पार करने के लिए बनाए गए लकड़ी के पक्के पैदल पुल ध्वस्त हो गए थे। जिसके बाद से हर साल कफनी और पिंडर नदी पर लकड़ी के कच्चे पुलों का निर्माण किया जाने लगा। बारिश के दौरान कच्चे पुल बह जाने से संपर्क कट जाता था और ट्रैकरों व स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती थी। बारिश बंद होने के बाद फिर से कच्चे पुल बनाए जाते। बार-बार परेशानी से जूझ रहे स्थानीय लोगों ने पिंडर नदी में पक्के पुल का निर्माण कराने की मांग की। शासन ने लोहे के स्पान पुल के निर्माण के लिए एक करोड़ छह लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। वर्तमान में पुल के अपरमेंट बनकर तैयार हो गए हैं।
विज्ञापन

पक्के पुल बनने से दूर होगी परेशानी
बागेश्वर। खाती गांव के तारा सिंह दानू, प्रकाश सिंह दानू, आनंद दानू, पूरन दानू, यामू सिंह, खुशवंत सिंह आदि ने बताया कि पुल ध्वस्त होने के बाद बुग्यालों में बकरी चराने वाले अनवाल, पोर्टर, गाइड काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण होने के बाद सबकी परेशानी दूर हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

विलियम ट्रेल ने खोजा था पिंडारी का रास्ता
बागेश्वर। पिंडारी ग्लेशियर के रास्ते की खोज अंग्रेज प्रशासक विलियम ट्रेल को जाता है। उन्होंने 1830 में सूपी गांव के मलक सिंह बूढ़ा के सहयोग से इस रास्ते की खोज की थी। वह पिंडारी के रास्ते जोहार तक जा रहे थे। हालांकि इस यात्रा को वह पूरा नहीं कर सके, लेकिन मलक सिंह बूढ़ा ने इस दर्रे को सफलता पूर्वक पार किया था। पिंडारी ग्लेशियर का यह दर्रा आज भी विलियम ट्रेल के नाम पर ट्रेल पास के नाम से जाना जाता है।

पिंडर नदी में लोहे का पक्का स्पान पुल बनाने का काम तेजी से चल रहा है। पुल निर्माण की सामग्री नदी तक पहुंच गई है। इन दिनों ठंड अधिक होने से कुछ दिक्कत आ रही है। विभाग मार्च तक हर हाल में पुल का निर्माण कार्य पूरा करा लेगा।
एसके पांडेय, ईई, लोनिवि कपकोट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed