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डामरीकरण करो नहीं तो गाड़ी नहीं जाने देंगे
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बागेश्वर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते मेहनरबुंगा के ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। मेहनरबुंगा के ग्रामीणों ने मेहनरबुंगा बाईपास मार्ग में डामरीकरण के लिए शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने मामले को जिलाधिकारी विनीत कुुमार के सामने उठाते हुए शीघ्र डामरीकरण की मांग की। एक माह में डामरीकरण नहीं होने पर उन्होंने वाहनों की आवाजाही बंद करने की चेतावनी दी।
ग्रामीणों ने बताया कि महेनरबुंगा बाईपास मार्ग को बने करीब 12 वर्ष हो गए हैं। अब तक सड़क पर न तो सोलिंग हुई है और न ही डामरीकरण हो सका है। सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक मार्ग पर खड़िया से भरे ट्रकों का आवागमन होता है। भारी-भरकम वाहनों के चलने से सड़क की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होते जा रही है। मार्ग में जगह-जगह गड्ढे बने हैं। बरसात के मौसम में सड़क कीचड़ से पट जाती है। रोड की हालत दुर्घटनाओं को दावत दे रही है। सड़क से उठने वाली धूल लोगों के घरों में घुस रही है। बुजुर्गों और दमा के मरीजों पर धूल का बुरा असर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कई बार जन प्रतिनिधियों से डामरीकरण के लिए गुहार लगाई लेकिन मामले में कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने एक माह के भीतर डामरीकरण न होने पर मार्ग से वाहनों की आवाजाही बंद कराने की चेतावनी दी है। वहां दिनेश चंद्र, चंदन प्रसाद, प्रेम राम, हिमांशु कुमार, कमल कुमार, अनिल चंद्र, नीरज कुमार आदि थे।
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ग्रामीणों ने बताया कि महेनरबुंगा बाईपास मार्ग को बने करीब 12 वर्ष हो गए हैं। अब तक सड़क पर न तो सोलिंग हुई है और न ही डामरीकरण हो सका है। सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक मार्ग पर खड़िया से भरे ट्रकों का आवागमन होता है। भारी-भरकम वाहनों के चलने से सड़क की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होते जा रही है। मार्ग में जगह-जगह गड्ढे बने हैं। बरसात के मौसम में सड़क कीचड़ से पट जाती है। रोड की हालत दुर्घटनाओं को दावत दे रही है। सड़क से उठने वाली धूल लोगों के घरों में घुस रही है। बुजुर्गों और दमा के मरीजों पर धूल का बुरा असर पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि कई बार जन प्रतिनिधियों से डामरीकरण के लिए गुहार लगाई लेकिन मामले में कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने एक माह के भीतर डामरीकरण न होने पर मार्ग से वाहनों की आवाजाही बंद कराने की चेतावनी दी है। वहां दिनेश चंद्र, चंदन प्रसाद, प्रेम राम, हिमांशु कुमार, कमल कुमार, अनिल चंद्र, नीरज कुमार आदि थे।
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