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Bageshwar News: हिमालयी क्षेत्र के कई गांवों के लिए देश-दुनिया अजनबी
Thu, 20 Jul 2023 11:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 20 Jul 2023 11:46 PM IST
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बागेश्वर। हाल में हुई अतिवृष्टि से हिमालयी क्षेत्र के कई गांव देश-दुनिया से अलग-थलग पड़ गए हैं। रजिया गधेरे के उफान पर आने से पिंडारी को जाने वाली सड़क पर आवागमन बाधित हो गया है। सड़क क्षतिग्रस्त होने से हिमालयी क्षेत्र के लोगों के सामने भारी समस्या खड़ी हो गई है।
कपकोट-रिखाड़ी-वाछम-धूर-पिंडारी सड़क पर धूर से दो किमी आगे सोमवार की अतिवृष्टि के बाद से रजिया गधेरा पूरे बेग से बह रहा है। गधेरे का मंजर किसी नदी के समान दिखाई दे रहा है। सड़क गधेरे में तब्दील हो गई है। सड़क बड़े-बड़े बोल्डरों से पट गई है।
सड़क खर्किया, खाती, वाछम, जातोली गांव के साथ ही पिंडारी, कफनी, सुंदरढूंगा ग्लेशियर को जोड़ती है। सड़क के गधेरे में तब्दील होने से इन इलाकों की आवाजाही बाधित हो गई है। लोग जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। सड़क पर उफनाए गधेरे को पार करना आसान नहीं है। रजिया नाला हर साल बरसात के सीजन में उफान पर आता है लेकिन सड़क का जिम्मा संभालने वाला पीएमजीएसवाई डिविजन बरसाती गधेरे की निकासी की व्यवस्था करने में नाकाम रहा। हर साल इलाके के लोगों को आफत झेलनी पड़ती है। क्षेत्र के लोग रजिया गधेरे में बैली ब्रिज लगाने की मांग कर रहे हैं।
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सूपी सड़क पर फूटा नाला, सांसत में जान
बागेश्वर। भराड़ी-सूपी सड़क बरसाती नाले में तब्दील हो गई है। स्कूली विद्यार्थियों के साथ क्षेत्र के लोगों को जान जोखिम में डालकर उफनाया नाला पार करना पड़ रहा है।
कपकोट के भराड़ी से सूपी जाने वाली सड़क बीते सोमवार को अतिवृष्टि के दौरान सूपी के पास क्षतिग्रस्त हो गई थी। बरसाती नाले के कटाव से सड़क का काफी बड़ा हिस्सा बह गया था। सड़क क्षतिग्रस्त होने से सूपी गांव के हालात बेहद खराब हो गए हैं। क्षेत्र के लोग, विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर नाला पार कर रहे हैं। नाले को कूद-फांद कर पार करना पड़ रहा है। विद्यार्थी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर बरसाती नाला पार कह रहे हैं। हादसा होने का खतरा है। इस स्थान पर अस्थायी पुलिया या बैली ब्रिज की बहुत आवश्यकता है। संवाद
रिखाड़ी में जमीन में पड़ी दरार
बागेश्वर। जिला मुख्यालय से 50 किमी की दूरी पर बसे कपकोट के रिखाड़ी गांव में निर्माणाधीन सड़क के मलबे से नुकसान पहुंचा है। गांव की जमीन पर कई जगह दरार पड़ गई है। लगातार गिर रहे मलबे से गांव के सात परिवारों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। सोमवार की बारिश के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। रिखाड़ी की ग्राम प्रधान तारा टाकुली का कहना है कि जमीन में बोल्डर गिरने और दरार पड़ने से लोगों में दहशत है। उन्होंने गांव की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। संवाद
खतरे में बदियाकोट का पशुपालन केंद्र
बागेश्वर। भू-कटाव से जिले के बदियाकोट पशुपालन केंद्र के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। केंद्र के आंगन की जमीन दरक रही है। बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। केंद्र भूस्खलन की चपेट में आता जा रहा है। पशुपालन केंद्र के भवन के पास तक भूस्खलन का दायरा बढ़ गया है। तत्काल सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो भवन को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाएगा।
निर्माणाधीन मकान क्षतिग्रस्त
बागेश्वर। किलपारा में पीएम आवास योजना के तहत बन रहा निर्माणाधीन मकान भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है। गांव के बलवंत राम पुत्र मोहन राम को पीएम आवास योजना के तहत मकान आवंटित हुआ था। मकान के भूतल का निर्माण कार्य चल रहा था। सोमवार की अतिवृष्टि से निर्माणाधीन मकान की दीवारें मलबे से पट गई हैं। उसके पास ही स्थित भूपाल राम पुत्र लालू राम का मकान भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आ गया है। प्रभावित लोगों ने क्षेत्र के भ्रमण पर आए कपकोट के ब्लाॅक प्रमुख गोविंद सिंह दानू के सामने मामला उठाया। भूपाल राम ने कहा कि मकान क्षतिग्रस्त हुआ को क्षेत्र प्रमुख का कहना है कि प्रभावितों को मदद दिलाई जाएगी। संवाद
पेयजल योजना क्षतिग्रस्त, 60 परिवार प्रभावित
बागेश्वर। सोमवार की अतिवृष्टि से कपकोट विकासखंड के बदियाकोट की अनुसूचित जाति बस्ती और पटाक गांव को जलापूर्ति करने वाली पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई है। पानी संकट से दोनों गांवों के लोग भारी दिक्कत में आ गए हैं। एससी बस्ती में 20 परिवार, पटाक के 40 परिवार पीने के पानी के लिए तरस गए हैं। दोनों गांवों के लोगों ने बुधवार को क्षेत्र के भ्रमण पर आए कपकोट के ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू को समस्या से अवगत कराया। ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि क्षेत्र पंचायत निधि से दोनों गांवों की जलापूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी। संवाद
विधायक ने किया आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
कपकोट/बागेश्वर। कपकोट के विधायक सुरेश गढ़िया ने बृहस्पतिवार को विधानसभा क्षेत्र के कर्मी, वाछम, धूर, उंनियां, तीख, बदियाकोट, किलपारा क्षेत्र का भ्रमण कर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया।
विधायक ने कर्मी ग्राम पंचायत के पैराड़ तोक में भूस्खलन से खतरे की जद में आए मकानों का निरीक्षण किया। उन्होंने साथ में मौजूद तहसीलदार देवेंद्र लोहनी को इलाके में क्षतिग्रस्त मकानों को मुआवजा जल्द देने के लिए कहा। खतरे की जद में आए मकानों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए कहा। विधायक ने कहा कि आपदा के इस दौर में सरकार क्षेत्रवासियों के साथ है। हर संभव मदद प्रभावितों तक पहुंचाई जाएगी। जनता को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं आपदाग्रस्त क्षेत्रों के बारे में लगातार जानकारी हासिल कर रहे हैं। डीएम से आपदा प्रभावित लोगों की तत्काल मदद करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि आपदा काल में भी कुछ लोग राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। यह समय राजनीति करने का नहीं है। यह समय दिक्कत में आए लोगों की मदद करने का है। कपकोट के ब्लॉक प्रमुख गोविंद दानू ने भी आपदा को लेकर राजनीति करने को गलत बताया। कहा कि सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधि प्रभावितों को मदद देने का काम कर रहे हैं। संवाद
मदद मिलने में हो रही देरी
कपकोट। कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने प्रभावित लोगों को मदद मिलने में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कपकोट के सकन्यूड़ा में सात जुलाई को चंचल राम पुत्र फकीर राम का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। 11 जुलाई को पटवारी ने निरीक्षण किया। बुधवार तक प्रभावित परिवार को किसी प्रकार की मदद नहीं मिली थी। चंचल राम पुत्र दिवान राम, दीवान राम पुत्र रामी राम का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। क्षेत्र भ्रमण पर सामने आया है कि राहत कैंप तक नहीं बनाए गए हैं। बताया कि गांव में कई लोगों के मकानों के लिए खतरा बना हुआ है। संवाद
रजिया गधेरे और सूपी में लगेगा बैलीब्रिज : डीएम
बागेश्वर। जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने बताया कि रिखाड़ी-वाछम-पिंडारी सड़क के रजिया गधेरे और सूपी के बरसाती नाले में बैली ब्रिज लगाया जाएगा। स्टीमेट बनाने के निर्देश लोनिवि को दे दिए हैं। आपदा विमोचन निधि से बैली ब्रिज के लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों पर पूरी नजर रखी जा रही है। प्रभावितों को तत्काल मदद पहुंचाई जा रही है। प्रभावितों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। संवाद
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कपकोट-रिखाड़ी-वाछम-धूर-पिंडारी सड़क पर धूर से दो किमी आगे सोमवार की अतिवृष्टि के बाद से रजिया गधेरा पूरे बेग से बह रहा है। गधेरे का मंजर किसी नदी के समान दिखाई दे रहा है। सड़क गधेरे में तब्दील हो गई है। सड़क बड़े-बड़े बोल्डरों से पट गई है।
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सड़क खर्किया, खाती, वाछम, जातोली गांव के साथ ही पिंडारी, कफनी, सुंदरढूंगा ग्लेशियर को जोड़ती है। सड़क के गधेरे में तब्दील होने से इन इलाकों की आवाजाही बाधित हो गई है। लोग जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। सड़क पर उफनाए गधेरे को पार करना आसान नहीं है। रजिया नाला हर साल बरसात के सीजन में उफान पर आता है लेकिन सड़क का जिम्मा संभालने वाला पीएमजीएसवाई डिविजन बरसाती गधेरे की निकासी की व्यवस्था करने में नाकाम रहा। हर साल इलाके के लोगों को आफत झेलनी पड़ती है। क्षेत्र के लोग रजिया गधेरे में बैली ब्रिज लगाने की मांग कर रहे हैं।
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सूपी सड़क पर फूटा नाला, सांसत में जान
बागेश्वर। भराड़ी-सूपी सड़क बरसाती नाले में तब्दील हो गई है। स्कूली विद्यार्थियों के साथ क्षेत्र के लोगों को जान जोखिम में डालकर उफनाया नाला पार करना पड़ रहा है।
कपकोट के भराड़ी से सूपी जाने वाली सड़क बीते सोमवार को अतिवृष्टि के दौरान सूपी के पास क्षतिग्रस्त हो गई थी। बरसाती नाले के कटाव से सड़क का काफी बड़ा हिस्सा बह गया था। सड़क क्षतिग्रस्त होने से सूपी गांव के हालात बेहद खराब हो गए हैं। क्षेत्र के लोग, विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर नाला पार कर रहे हैं। नाले को कूद-फांद कर पार करना पड़ रहा है। विद्यार्थी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर बरसाती नाला पार कह रहे हैं। हादसा होने का खतरा है। इस स्थान पर अस्थायी पुलिया या बैली ब्रिज की बहुत आवश्यकता है। संवाद
रिखाड़ी में जमीन में पड़ी दरार
बागेश्वर। जिला मुख्यालय से 50 किमी की दूरी पर बसे कपकोट के रिखाड़ी गांव में निर्माणाधीन सड़क के मलबे से नुकसान पहुंचा है। गांव की जमीन पर कई जगह दरार पड़ गई है। लगातार गिर रहे मलबे से गांव के सात परिवारों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। सोमवार की बारिश के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। रिखाड़ी की ग्राम प्रधान तारा टाकुली का कहना है कि जमीन में बोल्डर गिरने और दरार पड़ने से लोगों में दहशत है। उन्होंने गांव की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। संवाद
खतरे में बदियाकोट का पशुपालन केंद्र
बागेश्वर। भू-कटाव से जिले के बदियाकोट पशुपालन केंद्र के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। केंद्र के आंगन की जमीन दरक रही है। बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। केंद्र भूस्खलन की चपेट में आता जा रहा है। पशुपालन केंद्र के भवन के पास तक भूस्खलन का दायरा बढ़ गया है। तत्काल सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो भवन को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाएगा।
निर्माणाधीन मकान क्षतिग्रस्त
बागेश्वर। किलपारा में पीएम आवास योजना के तहत बन रहा निर्माणाधीन मकान भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है। गांव के बलवंत राम पुत्र मोहन राम को पीएम आवास योजना के तहत मकान आवंटित हुआ था। मकान के भूतल का निर्माण कार्य चल रहा था। सोमवार की अतिवृष्टि से निर्माणाधीन मकान की दीवारें मलबे से पट गई हैं। उसके पास ही स्थित भूपाल राम पुत्र लालू राम का मकान भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आ गया है। प्रभावित लोगों ने क्षेत्र के भ्रमण पर आए कपकोट के ब्लाॅक प्रमुख गोविंद सिंह दानू के सामने मामला उठाया। भूपाल राम ने कहा कि मकान क्षतिग्रस्त हुआ को क्षेत्र प्रमुख का कहना है कि प्रभावितों को मदद दिलाई जाएगी। संवाद
पेयजल योजना क्षतिग्रस्त, 60 परिवार प्रभावित
बागेश्वर। सोमवार की अतिवृष्टि से कपकोट विकासखंड के बदियाकोट की अनुसूचित जाति बस्ती और पटाक गांव को जलापूर्ति करने वाली पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई है। पानी संकट से दोनों गांवों के लोग भारी दिक्कत में आ गए हैं। एससी बस्ती में 20 परिवार, पटाक के 40 परिवार पीने के पानी के लिए तरस गए हैं। दोनों गांवों के लोगों ने बुधवार को क्षेत्र के भ्रमण पर आए कपकोट के ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू को समस्या से अवगत कराया। ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि क्षेत्र पंचायत निधि से दोनों गांवों की जलापूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी। संवाद
विधायक ने किया आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
कपकोट/बागेश्वर। कपकोट के विधायक सुरेश गढ़िया ने बृहस्पतिवार को विधानसभा क्षेत्र के कर्मी, वाछम, धूर, उंनियां, तीख, बदियाकोट, किलपारा क्षेत्र का भ्रमण कर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया।
विधायक ने कर्मी ग्राम पंचायत के पैराड़ तोक में भूस्खलन से खतरे की जद में आए मकानों का निरीक्षण किया। उन्होंने साथ में मौजूद तहसीलदार देवेंद्र लोहनी को इलाके में क्षतिग्रस्त मकानों को मुआवजा जल्द देने के लिए कहा। खतरे की जद में आए मकानों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए कहा। विधायक ने कहा कि आपदा के इस दौर में सरकार क्षेत्रवासियों के साथ है। हर संभव मदद प्रभावितों तक पहुंचाई जाएगी। जनता को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं आपदाग्रस्त क्षेत्रों के बारे में लगातार जानकारी हासिल कर रहे हैं। डीएम से आपदा प्रभावित लोगों की तत्काल मदद करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि आपदा काल में भी कुछ लोग राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। यह समय राजनीति करने का नहीं है। यह समय दिक्कत में आए लोगों की मदद करने का है। कपकोट के ब्लॉक प्रमुख गोविंद दानू ने भी आपदा को लेकर राजनीति करने को गलत बताया। कहा कि सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधि प्रभावितों को मदद देने का काम कर रहे हैं। संवाद
मदद मिलने में हो रही देरी
कपकोट। कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने प्रभावित लोगों को मदद मिलने में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कपकोट के सकन्यूड़ा में सात जुलाई को चंचल राम पुत्र फकीर राम का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। 11 जुलाई को पटवारी ने निरीक्षण किया। बुधवार तक प्रभावित परिवार को किसी प्रकार की मदद नहीं मिली थी। चंचल राम पुत्र दिवान राम, दीवान राम पुत्र रामी राम का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। क्षेत्र भ्रमण पर सामने आया है कि राहत कैंप तक नहीं बनाए गए हैं। बताया कि गांव में कई लोगों के मकानों के लिए खतरा बना हुआ है। संवाद
रजिया गधेरे और सूपी में लगेगा बैलीब्रिज : डीएम
बागेश्वर। जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने बताया कि रिखाड़ी-वाछम-पिंडारी सड़क के रजिया गधेरे और सूपी के बरसाती नाले में बैली ब्रिज लगाया जाएगा। स्टीमेट बनाने के निर्देश लोनिवि को दे दिए हैं। आपदा विमोचन निधि से बैली ब्रिज के लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों पर पूरी नजर रखी जा रही है। प्रभावितों को तत्काल मदद पहुंचाई जा रही है। प्रभावितों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। संवाद