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शिक्षा प्रेरकों ने केंद्र और प्रदेश सरकार से मांगा रोजगार
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बागेश्वर में बैठक करते शिक्षा प्रेरक। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। पांच साल से बेरोजगारी की मार झेल रहे शिक्षा प्रेरकों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही है। आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रेरकों ने केेंद्र और राज्य सरकार से रोजगार देने की मांग की है।
शुक्रवार को नगर के वेणीमाधव मंदिर में शिक्षा प्रेरकों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष महेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2009-10 से 2017 तक शिक्षा प्रेरकों ने गांव-गांव में शिक्षा की अलख जगाने का काम किया था। उनकी सेेवा से जहां शत प्रतिशत लोगों को साक्षर करने का सपना साकार हो रहा था, वहीं कई लोगों की रोजी-रोटी भी चल रही थी। बावजूद इसके पांच साल पहले शिक्षा प्रेरकों की सेवा समाप्त कर दी गई।
प्रेरकों का कहना है कि सरकार ने उनके साथ अन्याय किया है। आठ साल तक प्रेरक का कार्य करने के चलते वह अन्य कार्य भी नहीं कर सके। कई लोगों की उम्र अधिक होने से प्रतियोगी परीक्षा भी नहीं दे सकते हैं। कहा कि आर्थिक परेशानी के कारण प्रेरक मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। प्रेरकों से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर डीएम के माध्यम से विभागों में समायोजन कराने की मांग की। वहां पर धीरेंद्र करायत, नंदन रौतेला, नंदन सिंह रौतेला, बलवंत रावत, गंगा जोशी, चंद्रकला पांडेय, बिंदु रावत आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को नगर के वेणीमाधव मंदिर में शिक्षा प्रेरकों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष महेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2009-10 से 2017 तक शिक्षा प्रेरकों ने गांव-गांव में शिक्षा की अलख जगाने का काम किया था। उनकी सेेवा से जहां शत प्रतिशत लोगों को साक्षर करने का सपना साकार हो रहा था, वहीं कई लोगों की रोजी-रोटी भी चल रही थी। बावजूद इसके पांच साल पहले शिक्षा प्रेरकों की सेवा समाप्त कर दी गई।
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प्रेरकों का कहना है कि सरकार ने उनके साथ अन्याय किया है। आठ साल तक प्रेरक का कार्य करने के चलते वह अन्य कार्य भी नहीं कर सके। कई लोगों की उम्र अधिक होने से प्रतियोगी परीक्षा भी नहीं दे सकते हैं। कहा कि आर्थिक परेशानी के कारण प्रेरक मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। प्रेरकों से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर डीएम के माध्यम से विभागों में समायोजन कराने की मांग की। वहां पर धीरेंद्र करायत, नंदन रौतेला, नंदन सिंह रौतेला, बलवंत रावत, गंगा जोशी, चंद्रकला पांडेय, बिंदु रावत आदि मौजूद रहे।
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