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टूटी छत के नीचे से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वेक्षण
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बागेश्वर। आपदा काल में राजस्व विभाग क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वेक्षण करा रहा है। प्रभावितों को मुआवजा दिला रहा है लेकिन जिला मुख्यालय में राजस्व उप निरीक्षक सदर का कार्यालय भवन (पटवारी चौकी) ही जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। बारिश से भवन को बचाने के लिए प्लास्टिक सीट का सहारा लिया जा रहा है।
बागेश्वर के चौक बाजार में बंदोबस्त के समय वर्ष 1962 में पटवारी चौकी का निर्माण किया गया। तब पत्थरों से बने इस भवन में पत्थरों के स्लेट की छत डाली गई थी। भवन की हालत जीर्णशीर्ण होने पर करीब 15 वर्ष पहले स्लेट की छत उखाड़कर सीमेंट का लिंटर डाला गया। अब लिंटर क्षतिग्रस्त होने लगा है। भीतर से लिंटर की सरिया दिखने लगी हैं। बारिश में लिंटर से भीतर पानी घुस जाता है। इससे राजस्व उप निरीक्षक कार्यालय में रखे गए दस्तावेज भी खराब हो रहे हैं।
राजस्व उप निरीक्षक सदर जगत सिंह कोरंगा ने बारिश से बचाव के लिए लिंटर के ऊपर प्लास्टिक की सीट डलवा रखी है। राजस्व उप निरीक्षक का कहना है कि भवन की छत क्षतिग्रस्त हो गई है। इसकी मरम्मत की तत्काल आवश्यकता है। भवन मरम्मत का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को दिया है। राजस्व उप निरीक्षक कार्यालय की दयनीय हालत नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है। संवाद
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बागेश्वर के चौक बाजार में बंदोबस्त के समय वर्ष 1962 में पटवारी चौकी का निर्माण किया गया। तब पत्थरों से बने इस भवन में पत्थरों के स्लेट की छत डाली गई थी। भवन की हालत जीर्णशीर्ण होने पर करीब 15 वर्ष पहले स्लेट की छत उखाड़कर सीमेंट का लिंटर डाला गया। अब लिंटर क्षतिग्रस्त होने लगा है। भीतर से लिंटर की सरिया दिखने लगी हैं। बारिश में लिंटर से भीतर पानी घुस जाता है। इससे राजस्व उप निरीक्षक कार्यालय में रखे गए दस्तावेज भी खराब हो रहे हैं।
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राजस्व उप निरीक्षक सदर जगत सिंह कोरंगा ने बारिश से बचाव के लिए लिंटर के ऊपर प्लास्टिक की सीट डलवा रखी है। राजस्व उप निरीक्षक का कहना है कि भवन की छत क्षतिग्रस्त हो गई है। इसकी मरम्मत की तत्काल आवश्यकता है। भवन मरम्मत का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को दिया है। राजस्व उप निरीक्षक कार्यालय की दयनीय हालत नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है। संवाद
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