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कपकोटी बने पैरामिलिट्री वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Sun, 10 Apr 2016 10:56 PM IST
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बैठक
- फोटो : amar ujala
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पूर्व पैरामिलिट्री वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। पैरामिलिट्री जवानों को भी मेडिकल सुविधा देने सहित आठ सूत्रीय मांगों पर व्यापक चर्चा हुई। इस मौके पर बागेश्वर जिले के लिए नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया।
रविवार को नरेंद्रा पैलेस में पूर्व पैरामिलिट्री संगठन के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष सीएस मर्तोलिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सबसे पहले नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। कार्यकारिणी में सर्वसम्मति से मोहन सिंह कपकोटी को अध्यक्ष, आनंद सिंह बिष्ट को उपाध्यक्ष, नारायण सिंह को सचिव और नारायण सिंह हरड़िया को कोषाध्यक्ष चुना गया। हुकुम सिंह आगरी को उपसचिव और सोबन राम को कार्यकारिणी का सदस्य नियुक्त किया गया।
इस दौरान पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं को सुनने के बाद कुमाऊं मंडल अध्यक्ष सीएस मर्तोलिया ने शीघ्र समाधान के लिए प्रांतीय स्तर पर उठाने की बात कही। पैरामिलिट्री फोर्सेस की स्टेट कोऑर्डिनेशन के चेयरमैन मनोहर सिंह नेगी ने बागेश्वर जिले की नई कार्यकारिणी सदस्यों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि संगठित होकर एसोसिएशन के लिए काम करेंगे। बैठक में पूर्व अर्द्धसैनिक बल नैनीताल के अध्यक्ष दरबान सिंह बोहरा, पिथौरागढ़ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह मेहता, ऊधमसिंह नगर कार्यकारिणी सदस्य गजेंद्र चंद, प्रदेश सचिव रूप सिंह बिष्ट, पिथौरागढ़ के गंभीर सिंह कठायत, स्वरूप सिंह कर्म्याल सहित बागेश्वर जिले के बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सीआईएसएफ और असाम राइफल्स के 171 सेवानिवृत्त अधिकारियों और जवानों सहित रिटायर्ड सैनिकों के आश्रितों ने भाग लिया।
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एसोसिएशन की इन मांगों पर हुई चर्चा
- बागेश्वर जिले के सेवानिवृत्त जवानों को आईटीबीपी मिर्थी के बजाय एसएसबी ग्वालदम से कैंटीन सुविधा दी जाए।
- सेना की तरह पैरामिलिट्री जवानों को भी मेडिकल सुविधा मिले।
- विभिन्न ऑपरेशनों में मृत जवानों को आर्मी की तरह शहीद का दर्जा व सम्मान दिया जाए।
- वन रैंक वन पेंशन लागू की जाए।
- वर्ष 2004 के बाद भर्ती जवानों को भी सीसीएस पेंशन रूल 1972 के अनुसार पेंशन मिले।
- पैरामिलिट्री जवानों को एक्समैन का दर्जा और सुविधाएं दी जाए।
- आर्मी की तरह पैरामिलिट्री के जवानों का भी भवन कर माफ किया जाए।
- सेवानिवृत्त जवानों के बच्चों को भर्ती के समय ब्लड रिलेशन का लाभ मिले।
रविवार को नरेंद्रा पैलेस में पूर्व पैरामिलिट्री संगठन के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष सीएस मर्तोलिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सबसे पहले नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। कार्यकारिणी में सर्वसम्मति से मोहन सिंह कपकोटी को अध्यक्ष, आनंद सिंह बिष्ट को उपाध्यक्ष, नारायण सिंह को सचिव और नारायण सिंह हरड़िया को कोषाध्यक्ष चुना गया। हुकुम सिंह आगरी को उपसचिव और सोबन राम को कार्यकारिणी का सदस्य नियुक्त किया गया।
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इस दौरान पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं को सुनने के बाद कुमाऊं मंडल अध्यक्ष सीएस मर्तोलिया ने शीघ्र समाधान के लिए प्रांतीय स्तर पर उठाने की बात कही। पैरामिलिट्री फोर्सेस की स्टेट कोऑर्डिनेशन के चेयरमैन मनोहर सिंह नेगी ने बागेश्वर जिले की नई कार्यकारिणी सदस्यों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि संगठित होकर एसोसिएशन के लिए काम करेंगे। बैठक में पूर्व अर्द्धसैनिक बल नैनीताल के अध्यक्ष दरबान सिंह बोहरा, पिथौरागढ़ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह मेहता, ऊधमसिंह नगर कार्यकारिणी सदस्य गजेंद्र चंद, प्रदेश सचिव रूप सिंह बिष्ट, पिथौरागढ़ के गंभीर सिंह कठायत, स्वरूप सिंह कर्म्याल सहित बागेश्वर जिले के बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सीआईएसएफ और असाम राइफल्स के 171 सेवानिवृत्त अधिकारियों और जवानों सहित रिटायर्ड सैनिकों के आश्रितों ने भाग लिया।
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एसोसिएशन की इन मांगों पर हुई चर्चा
- बागेश्वर जिले के सेवानिवृत्त जवानों को आईटीबीपी मिर्थी के बजाय एसएसबी ग्वालदम से कैंटीन सुविधा दी जाए।
- सेना की तरह पैरामिलिट्री जवानों को भी मेडिकल सुविधा मिले।
- विभिन्न ऑपरेशनों में मृत जवानों को आर्मी की तरह शहीद का दर्जा व सम्मान दिया जाए।
- वन रैंक वन पेंशन लागू की जाए।
- वर्ष 2004 के बाद भर्ती जवानों को भी सीसीएस पेंशन रूल 1972 के अनुसार पेंशन मिले।
- पैरामिलिट्री जवानों को एक्समैन का दर्जा और सुविधाएं दी जाए।
- आर्मी की तरह पैरामिलिट्री के जवानों का भी भवन कर माफ किया जाए।
- सेवानिवृत्त जवानों के बच्चों को भर्ती के समय ब्लड रिलेशन का लाभ मिले।