{"_id":"57c5d9d74f1c1bc5162cb5d8","slug":"paithan-binadhi-no-school-in-the-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोठण बिनाड़ी गांव में स्कूल तक नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोठण बिनाड़ी गांव में स्कूल तक नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला बागेश्वर।
Updated Wed, 31 Aug 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
गांव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विकास के तमाम दावों के बावजूद दुग नाकुरी तहसील के पोठण बिनाड़ी गांव के बच्चों के लिए एक प्राइमरी स्कूल तक नसीब नहीं है। स्कूल पढ़ने के लिए बच्चों को दो किलोमीटर दूर रंगदेव गांव जाना पड़ता है। गांव सड़क से भी नहीं जुड़ सका है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को 30 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। जंगली जानवरों के आतंक से ग्रामीणों का अब कृषि से मोह भंग होते जा रहा है।
विज्ञापन
बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी के कारण अब तक 30 परिवारों ने पलायन कर लिया है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ग्राम पंचायत पोठण बिनाड़ी की जनसंख्या 550 है गांव में 225 मतदाता हैं। लोगों को विश्वास था कि अलग राज्य बनने के बाद गांव की बुनियादी समस्याओं का समाधान होगा। लेकिन 16 साल बाद भी गांव के हालात पहले के जैसे ही हैं।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान अमर सिंह ने बताया कि गांव के लिए बालीघाट रीमा धरमघर सड़क के बिनाड़ी बैंड से नाथीकनरा सड़क का सर्वे तीन बार हो चुका है। लेकिन निर्माण के नाम पर आज तक एक फावड़ा तक नहीं चल सका है। एक गांव से दूसरे गांव को जाने के लिए संपर्क मार्ग तक नहीं हैं। गांव में प्राइमरी स्कूल तक नहीं है। बच्चों को इसके लिए दो किमी दूर रंगदेव गांव जाना पड़ता है। मिनी आंगनबाड़ी केंद्र है लेकिन भवन का निर्माण आज तक नहीं हो सका है। उन्होंने जन प्रतिनिधियों पर विकास में सहयोग नहीं देने का आरोप मढ़ा।
विज्ञापन
पोठण बिनाड़ी गांव की समस्याएं संज्ञान में हैं। बालीघाट रीमा धरमघर सड़क का चौड़ीकरण हॉट मिक्स का काम प्रगति पर है। समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है।
ललित फर्स्वाण, विधायक कपकोट।