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धोखाधड़ी, जालसाजी का आरोपी दोषमुक्त
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बागेश्वर। न्यायिक मजिस्ट्रेट गरुड़ विवेक शर्मा की अदालत ने धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपी को दोषमुक्त किया है। आरोपी के खिलाफ वाहन चालक को धोखे में रखकर टैक्स की फर्जी रसीद उपलब्ध कराने और सरकारी कर की चोरी करने का आरोप था।
मामला तीन साल पहले का है। 11 जून 2019 को गरुड़ क्षेत्र के बैजनाथ बाजार में परिवहन विभाग और पुलिस की टीम यातायात नियमों का पालन करवाने के लिए संयुक्त चेकिंग अभियान चला रही थी। टीम के एक वाहन को रोककर दस्तावेज चेक करने पर आरसी, डीएल, फिटनेस सही पाए गए। चालक के पास उत्तराखंड राज्य के रोड टैक्स की रसीद थी। जिसे वेबसाइट से मिलान करने पर पोर्टल में टैक्स का कोई मिलान नहीं मिला। रोड टैक्स की जमा रसीद का पैटर्न भी पोर्टल से अलग पाया गया। पूछताछ में वाहन चालक सुरेश चंद्र ने बताया कि उसने काशीपुर-मुुरादाबाद रोड से टैक्स की रसीद बनाई थी। रसीद के पीछे रसीद बनाने वाले का नाम और मोबाइल नंबर लिखा था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चालक को धोखे में रखकर कूटरचित फर्जी रसीद उपलब्ध करवाकर साइबर अपराध करते हुए करों की चोरी कर सरकारी राजस्व की हानि करने पर धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया। कोतवाली पुलिस ने आरोपी मनीष को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश कराए गए। आरोपी की ओर से अधिवक्ता चंद्रशेखर मिश्रा ने मामले की पैरवी की। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी मनीष कुमार, निवासी कबूतरा मोहल्ला, भुलवाना पलवल, हरियाणा को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।
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मामला तीन साल पहले का है। 11 जून 2019 को गरुड़ क्षेत्र के बैजनाथ बाजार में परिवहन विभाग और पुलिस की टीम यातायात नियमों का पालन करवाने के लिए संयुक्त चेकिंग अभियान चला रही थी। टीम के एक वाहन को रोककर दस्तावेज चेक करने पर आरसी, डीएल, फिटनेस सही पाए गए। चालक के पास उत्तराखंड राज्य के रोड टैक्स की रसीद थी। जिसे वेबसाइट से मिलान करने पर पोर्टल में टैक्स का कोई मिलान नहीं मिला। रोड टैक्स की जमा रसीद का पैटर्न भी पोर्टल से अलग पाया गया। पूछताछ में वाहन चालक सुरेश चंद्र ने बताया कि उसने काशीपुर-मुुरादाबाद रोड से टैक्स की रसीद बनाई थी। रसीद के पीछे रसीद बनाने वाले का नाम और मोबाइल नंबर लिखा था।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चालक को धोखे में रखकर कूटरचित फर्जी रसीद उपलब्ध करवाकर साइबर अपराध करते हुए करों की चोरी कर सरकारी राजस्व की हानि करने पर धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया। कोतवाली पुलिस ने आरोपी मनीष को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश कराए गए। आरोपी की ओर से अधिवक्ता चंद्रशेखर मिश्रा ने मामले की पैरवी की। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी मनीष कुमार, निवासी कबूतरा मोहल्ला, भुलवाना पलवल, हरियाणा को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।
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