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Bageshwar News: डॉक्टर की सलाह पर खाने को उगाया चुकंदर बना आमदनी का जरिया
Fri, 07 Apr 2023 11:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 07 Apr 2023 11:33 PM IST
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चुकंदर के साथ बागेश्वर के क्वैराली निवासी जोगा राम। संवाद
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बागेश्वर। कहते हैं किसी की जिंदगी को बदलने के लिए एक सलाह ही काफी है। यह बात क्वैराली के जोगा राम पर सटीक बैठती है। पत्नी का स्वास्थ्य खराब होने पर वह डॉक्टर को दिखाने ले गए तो इलाज कर रहे डॉक्टर ने खून बढ़ाने के लिए चुकंदर खाने की सलाह दी तो उन्होंने इसकी खेती करना ही शुरु कर दिया। वर्तमान में वह चुकंदर से आय अर्जित कर रहे हैं और बाजार में उनके खेतों चुकंदर की मांग भी बढ़ रही है।
लोक वाद्य यंत्र मशकबीन बजाने में महारत रखने वाले जोगाराम ने बताया कि पिछले साल उनकी पत्नी बीमार हुई तो उनके शरीर में खून की कमी हो गई थी। डॉक्टर ने जांच के बाद पत्नी को चुकंदर का जूस पिलाने की सलाह दी। उन्होंने सलाह मानी और बाजार से चुकंदर खरीदने की बजाय अपने घर के आगे खाली पड़े खेत को तैयार कर चुकंदर उगाना शुुरु कर दिया। जोगाराम ने बताया पहले उन्होंने केवल पत्नी के इलाज के मकसद से चुकंदर उगाया था, लेकिन फिर अधिक मात्रा में उत्पादन शुरु कर दिया। पहली बार वह चुकंदर बाजार में बेचने लाए तो दुकानदारों ने उसे हाथोंहाथ लिया। जोगाराम ने बताया कि वह केवल गोबर की खाद का प्रयोग कर चुकंदर उगाते हैं। उनका इरादा अब बड़े पैमाने पर चुकंदर की खेती करने का है, ताकि वह इससे अच्छी आय अर्जित कर सकें।
इधर, सब्जी के थोक विक्रेता भूपेंद्र बबलू जोशी ने बताया कि अब तक बाहर से चुकंदर मंगाते थे, पहली बार जिले का चुकंदर खरीदा। ग्राहकों को चुकंदर बेहद पसंद आ रहा है। आगे भी वह जोगाराम से चुकंदर खरीदेंगे और उन्हें प्रोत्साहित करेंगे।
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लोक वाद्य यंत्र मशकबीन बजाने में महारत रखने वाले जोगाराम ने बताया कि पिछले साल उनकी पत्नी बीमार हुई तो उनके शरीर में खून की कमी हो गई थी। डॉक्टर ने जांच के बाद पत्नी को चुकंदर का जूस पिलाने की सलाह दी। उन्होंने सलाह मानी और बाजार से चुकंदर खरीदने की बजाय अपने घर के आगे खाली पड़े खेत को तैयार कर चुकंदर उगाना शुुरु कर दिया। जोगाराम ने बताया पहले उन्होंने केवल पत्नी के इलाज के मकसद से चुकंदर उगाया था, लेकिन फिर अधिक मात्रा में उत्पादन शुरु कर दिया। पहली बार वह चुकंदर बाजार में बेचने लाए तो दुकानदारों ने उसे हाथोंहाथ लिया। जोगाराम ने बताया कि वह केवल गोबर की खाद का प्रयोग कर चुकंदर उगाते हैं। उनका इरादा अब बड़े पैमाने पर चुकंदर की खेती करने का है, ताकि वह इससे अच्छी आय अर्जित कर सकें।
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इधर, सब्जी के थोक विक्रेता भूपेंद्र बबलू जोशी ने बताया कि अब तक बाहर से चुकंदर मंगाते थे, पहली बार जिले का चुकंदर खरीदा। ग्राहकों को चुकंदर बेहद पसंद आ रहा है। आगे भी वह जोगाराम से चुकंदर खरीदेंगे और उन्हें प्रोत्साहित करेंगे।
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