{"_id":"58dbee4e4f1c1bfe4c63e3e1","slug":"not-the-condition-of-the-sloping-bungalows","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं सुधरी डांक बंगलों की हालत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं सुधरी डांक बंगलों की हालत
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Wed, 29 Mar 2017 10:56 PM IST
विज्ञापन
Kashmir Tourism
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पर्यटन सीजन शुरू होने को है लेकिन अभी तक हिमनदों के ट्रैक पर पड़ने वाले लोनिवि डांक बंगलों की हालत नहीं सुधर सकी है। कपकोट के डांक बंगले की छत टपकती है तो लोहारखेत में जमीन धंसने से बंगले का भविष्य ही खतरे में पड़ गया है। उच्च हिमालयी क्षेत्र के फुरकिया में स्थित डांक बंगला तो अब रहने लायक नहीं रह गया है। कफनी ग्लेशियर ट्रैक पर जिला पंचायत के बंगले की हालत भी खस्ता है। हालात यह है कि किसी में बिजली की फीटिंग नहीं है तो किसी में पीने के पानी का कनेक्शन ही नहीं है। भवनों की हालत जल्दी नहीं सुधरी तो सैलानियों को कई परेशानियां झेलनी पड़ेंगी।
मालूम हो कि कपकोट ब्लॉक के उत्तर भाग में विश्व प्रसिद्ध पिंडारी, सुंदरढुंगा और कफनी गलेशियर हैं। सीजन में इन ग्लेशियरों को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी जाते हैं। पर्यटकों के रहने खाने के लिए लोनिवि ने डांक बंगले बनाए हैं। पिंडारी ट्रैक पर अंग्रेेजों के जमाने में निर्मित इन बंगलों की हालत अब खस्ता हो चुुकी है। कपकोट नगर स्थित डांक बंगले की छत हल्की बरसात में ही टपकनी शुरू हो जाती है। लोहारखेत में जमीन धंसने से भवन टेड़ा हो चुका है। धाकुड़ी के डांक बंगले में रोशनी के लिए बिजली और खाती के बंगले में पानी का कनेक्शन ही नहीं है। द्वाली के बंगले की हालत खस्ता है। वहां रहने के लिए बिस्तर तक नहीं है। फुरकिया स्थित डांक बंगले की छत टपकती है फर्श जगह जगह क्षतिग्रस्त होने के कारण वह अब रहने लायक ही नहीं रह गया है। सुंदरढुंगा और कफनी ग्लेशियर ट्रैक पर लोनिवि का डांक बंगला है नहीं है। कफनी ट्रैक पर जिला पंचायत का बंगला तो है लेकिन उसकी हालत भी अब काफी खस्ता हो चुकी है। भवनों की हालत शीघ्र नहीं सुधरी तो इसका असर पर्यटन पर पड़ेगा।
कपकोट के डांक बंगले की छत शीघ्र ठीक करवा दी जाएगी। धाकुड़ी के बंगले की मरम्मत करवा दी गई है। वहां बिजली की लाइन बनने पर ही फिटिंग होगी। खाती के भवन की मरम्मत हो चुकी है। पानी के कनेक्शन के प्रयास किए जा रहे हैं। द्वाली के बंगले में मरम्मत का काम चल रहा है। वहां बिस्तर भी शीघ्र रखवा दिया जाएगा। भवन के कायाकल्प के लिए 20 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
-डीएस बधानी, जेई, लोनिवि कपकोट डिवीजन
घटगाड़ और लेहबगड़ में झूला पुल बनकर तैयार
बागेश्वर। वर्ष 2013 में आई भीषण आपदा से खाती के पास घटगाड़ और सुंदरढुंगा ट्रैक पर लेहबगड़ में पिंडर के उपर बने पैदल पुल ध्वस्त हो गए थे। लोनिवि ने वहां अब झूला पुलों का निर्माण कर दिए है। जेई डीएस बधानी ने बताया कि घटगाड़ में 1.73 करोड़ जबकि लेह बगड़ में 1.84 करोड़ रुपये की लागत से झूला पुलों का निर्माण कर दिया है। पुलों के निर्माण से हिमनदों के सैर सपाटे को जाने वाले सैलानियों को खासी सुविधा होगी।
मालूम हो कि कपकोट ब्लॉक के उत्तर भाग में विश्व प्रसिद्ध पिंडारी, सुंदरढुंगा और कफनी गलेशियर हैं। सीजन में इन ग्लेशियरों को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी जाते हैं। पर्यटकों के रहने खाने के लिए लोनिवि ने डांक बंगले बनाए हैं। पिंडारी ट्रैक पर अंग्रेेजों के जमाने में निर्मित इन बंगलों की हालत अब खस्ता हो चुुकी है। कपकोट नगर स्थित डांक बंगले की छत हल्की बरसात में ही टपकनी शुरू हो जाती है। लोहारखेत में जमीन धंसने से भवन टेड़ा हो चुका है। धाकुड़ी के डांक बंगले में रोशनी के लिए बिजली और खाती के बंगले में पानी का कनेक्शन ही नहीं है। द्वाली के बंगले की हालत खस्ता है। वहां रहने के लिए बिस्तर तक नहीं है। फुरकिया स्थित डांक बंगले की छत टपकती है फर्श जगह जगह क्षतिग्रस्त होने के कारण वह अब रहने लायक ही नहीं रह गया है। सुंदरढुंगा और कफनी ग्लेशियर ट्रैक पर लोनिवि का डांक बंगला है नहीं है। कफनी ट्रैक पर जिला पंचायत का बंगला तो है लेकिन उसकी हालत भी अब काफी खस्ता हो चुकी है। भवनों की हालत शीघ्र नहीं सुधरी तो इसका असर पर्यटन पर पड़ेगा।
विज्ञापन
कपकोट के डांक बंगले की छत शीघ्र ठीक करवा दी जाएगी। धाकुड़ी के बंगले की मरम्मत करवा दी गई है। वहां बिजली की लाइन बनने पर ही फिटिंग होगी। खाती के भवन की मरम्मत हो चुकी है। पानी के कनेक्शन के प्रयास किए जा रहे हैं। द्वाली के बंगले में मरम्मत का काम चल रहा है। वहां बिस्तर भी शीघ्र रखवा दिया जाएगा। भवन के कायाकल्प के लिए 20 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
-डीएस बधानी, जेई, लोनिवि कपकोट डिवीजन
घटगाड़ और लेहबगड़ में झूला पुल बनकर तैयार
बागेश्वर। वर्ष 2013 में आई भीषण आपदा से खाती के पास घटगाड़ और सुंदरढुंगा ट्रैक पर लेहबगड़ में पिंडर के उपर बने पैदल पुल ध्वस्त हो गए थे। लोनिवि ने वहां अब झूला पुलों का निर्माण कर दिए है। जेई डीएस बधानी ने बताया कि घटगाड़ में 1.73 करोड़ जबकि लेह बगड़ में 1.84 करोड़ रुपये की लागत से झूला पुलों का निर्माण कर दिया है। पुलों के निर्माण से हिमनदों के सैर सपाटे को जाने वाले सैलानियों को खासी सुविधा होगी।