{"_id":"5f5514468ebc3e338a011fa4","slug":"no-path-to-villagers-bageshwar-news-hld3960188123","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो साल बाद भी भकूना में नहीं बन पाया झूलापुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो साल बाद भी भकूना में नहीं बन पाया झूलापुल
विज्ञापन
बागेश्वर जिले की सीमा में में स्थित भकूना में ट्राली के सहारे हो रही आवाजाही। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। बागेश्वर जिले के महरगाड़ घाटी को पिथौरागढ़ जिले से जोड़ने वाला झूलापुल दो वर्ष पहले बरसात में ध्वस्त हो गया था। इस स्थान पर अब तक नया झूलापुल नहीं बन पाया है। लोग ट्रॉली के सहारे रामगंगा में आवाजाही कर रहे हैं। झूलापुल का निर्माण न होने से लोगों में रोष है।
एक जुलाई 2018 की अतिवृष्टि में पिथौरागढ़ जिले के नाचनी के पास भकूला में बना झूलापुल ध्वस्त हो गया था। तब से इस स्थान पर ट्रॉली के सहारे आवाजाही हो रही है। ट्राली की गरारी की चपेट में आकर कई लोगों के हाथ चोटिल हो गए हैं।
मौके से लौटे कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि झूलापुल का निर्माण न होने से लोग भारी दिक्कतों में हैं। ट्रॉली खींचने वाली रस्सी किसी भी समय टूट सकती है। कहा कि जनप्रतिनिधि झूलापुल का निर्माण कराने के लिए प्रयास नहीं कर रहे हैं। स्थानीय नागरिक दीवान सिंह कोश्यारी, नंदन कोरंगा सिंह, श्याम सिंह, लक्ष्मण राम, जोहार सिंह, ग्राम प्रधान गंगा सिंह कार्की, उपप्रधान नरेंद्र सिंह ने झूलापुल का निर्माण करने की मांग की है। उधर, लोनिवि कपकोट के अधिशासी अभियंता संजय कुमार पांडेय ने बताया कि विश्व बैंक डिवीजन डीडीहाट ने उक्त स्थान पर मोटर पुल की डीपीआर तैयार की है लेकिन बागेश्वर की ओर से 2.5 किमी हिस्से में सड़क न होने के कारण डीपीआर को मंजूरी नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक जुलाई 2018 की अतिवृष्टि में पिथौरागढ़ जिले के नाचनी के पास भकूला में बना झूलापुल ध्वस्त हो गया था। तब से इस स्थान पर ट्रॉली के सहारे आवाजाही हो रही है। ट्राली की गरारी की चपेट में आकर कई लोगों के हाथ चोटिल हो गए हैं।
विज्ञापन
मौके से लौटे कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि झूलापुल का निर्माण न होने से लोग भारी दिक्कतों में हैं। ट्रॉली खींचने वाली रस्सी किसी भी समय टूट सकती है। कहा कि जनप्रतिनिधि झूलापुल का निर्माण कराने के लिए प्रयास नहीं कर रहे हैं। स्थानीय नागरिक दीवान सिंह कोश्यारी, नंदन कोरंगा सिंह, श्याम सिंह, लक्ष्मण राम, जोहार सिंह, ग्राम प्रधान गंगा सिंह कार्की, उपप्रधान नरेंद्र सिंह ने झूलापुल का निर्माण करने की मांग की है। उधर, लोनिवि कपकोट के अधिशासी अभियंता संजय कुमार पांडेय ने बताया कि विश्व बैंक डिवीजन डीडीहाट ने उक्त स्थान पर मोटर पुल की डीपीआर तैयार की है लेकिन बागेश्वर की ओर से 2.5 किमी हिस्से में सड़क न होने के कारण डीपीआर को मंजूरी नहीं मिल सकी है।
विज्ञापन