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जिले के विधायक स्वास्थ्य मंत्री भी रहे, पर नहीं बना जिला अस्पताल का भवन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 12:27 AM IST
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No More Medical Facility in Bageshwar
बागेश्वर के इसी सीएचसी के भवन में चलता है जिला अस्पताल। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिला बनने के 25 साल बाद भी जिला अस्पताल के भवन का निर्माण नहीं हुआ है। इस अवधि में कांग्रेस, भाजपा की सरकारें और विधायक रहे। यहां तक कि जिले से एक विधायक स्वास्थ्य मंत्री भी रहे लेकिन कोई भी सरकार और जनप्रतिनिधि जिला अस्पताल के भवन का निर्माण नहीं करा पाई। जिला अस्पताल सीएचसी के भवन में चल रहा है। चुनावी साल में भी जिला अस्पताल की कोई चर्चा नहीं हो रही है।
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15 सितंबर 1997 को अल्मोड़ा से जिले से अलग होकर बागेश्वर जिला अस्तित्व में आया तो जिला अस्पताल कांडा रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के भवन में संचालित किया गया। लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही जिला अस्पताल का अपना परिसर बनेगा, लोगों को इलाज कराने के लिए सुविधा मिलेगी, लेकिन साल दर साल बीतते गए। जिला अस्पताल का भवन नहीं बना। जिला अस्पताल आज भी भीड़भाड़ वाले इलाके में अभावों के बीच सीएचसी के भवन में संचालित हो रहा है।
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व्यस्ततम इलाके में जिला अस्पताल संचालित होने से मरीजों के साथ ही अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सीएचसी के भवन में डॉक्टरों के लिए पर्याप्त कक्ष नहीं हैं। अक्सर कांडा रोड से जिला अस्पताल को जाने वाली सड़क पर जाम भी लगता है। जिला गठन के बाद कई सरकारें बदलीं, कई जनप्रतिनिधि चुने गए लेकिन जिला अस्पताल का अपना भवन नहीं बना।
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तीन विधायक मंत्री बने पर नहीं बनवा पाए जिला अस्पताल का भवन
बागेश्वर। जिला गठन के समय भाजपा के नारायण राम दास विधायक थे। वह अंतरिम सरकार में मंत्री रहे। राज्य गठन के बाद जिले में एक के स्थान पर तीन सीटें हो गई। कपकोट सीट से वर्ष 2002 में भाजपा के भगत सिंह कोश्यारी विधायक चुने गए। बागेश्वर से कांग्रेस के राम प्रसाद टम्टा मंत्री चुने गए। वह एनडी सरकार में मंत्री रहे। कांडा सीट से कांग्रेस के उमेद सिंह माजिला विधायक चुने गए। वर्ष 2007 में कपकोट सीट से भाजपा के भगत सिंह कोश्यारी विधायक चुने गए। कोश्यारी के वर्ष 2009 में राज्यसभा सदस्य बनने के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा के शेर सिंह गढ़िया विधायक चुने गए।
कांडा सीट से बलवंत सिंह भौर्याल विधायक चुने गए। वह पहले खंडूरी सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री और फिर निशंक सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे। बागेश्वर सीट से चंदन राम दास विधायक बने। 2012 में बागेश्वर से भाजपा के चंदन राम दास, कपकोट से कांग्रेस के ललित फर्स्वाण विधायक चुने गए। कांडा सीट समाप्त हो गई। 2017 में बागेश्वर से भाजपा के चंदन राम दास और कपकोट सीट से भाजपा के बलवंत सिंह भौर्याल विधायक चुने गए। यह जनप्रतिनिधि जिले की जनता के स्वास्थ्य देखभाल से सीधे सरोकार रखने वाले जिला अस्पताल का भवन नहीं बनवा पाए।

13 अक्तूबर को सीएम ने की घोषणा
बागेश्वर। 13 अक्तूबर को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधायक चंदन राम दास के आग्रह पर जिला अस्पताल का अलग से भवन बनाने की घोषणा की। खोली में बेस अस्पताल के लिए चयनित भूमि में जिला अस्पताल का भवन बनाने की घोषणा की गई, लेकिन आचार संहिता लगने से पहले इसका शासनादेश जारी नहीं हुआ।
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