{"_id":"6223b0ef4d734d58ba58dcea","slug":"new-construction-in-bhadratunga-bageshwar-news-hld45557787","type":"story","status":"publish","title_hn":"अप्रैल से नए रंगरूप में सैलानियों का स्वागत करेंगे भद्रतुंगा और सरमूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अप्रैल से नए रंगरूप में सैलानियों का स्वागत करेंगे भद्रतुंगा और सरमूल
विज्ञापन
कपकोट के भद्रतुंगा में बन रहे घाट। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिले के प्रमुख धार्मिक पर्यटक स्थलों में तेजी से अपना स्थान बना रहे सरयू के उद्गम स्थल सरमूल और भद्रतुंगा में सिंचाई विभाग 98.71 लाख रुपये की लागत से घाट का निर्माण करा रहा है। सैलानियों को आकर्षित करने के लिए स्वागत गेट, जलकुंड और बैठने के लिए बैंच के निर्माण का कार्य भी कराया जाना है।
सरमूल, सहस्त्रधारा और भद्रतुंगा को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की कवायद करीब छह साल पहले शुरूहुई थी। 2017 में सरमूल, सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा विकास समिति ने सरमूल से बागेश्वर बागनाथ मंदिर की पदयात्रा कर क्षेत्र को पहचान दिलाने की पहल शुरू की थी। बाद के वर्षों में शासन और प्रशासन को ज्ञापन देकर क्षेत्र के विकास की मांग की गई। इन स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की मांग भी उठी। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने भी क्षेत्र के विकास में रुचि दिखाई और विकास कार्यों में भरपूर सहयोग देने की बात कही थी। वर्तमान में भद्रतुंगा और सरमूल में विकास कार्य होने लगे हैं।
इन दिनों भद्रतुंगा और सरमूल में 125 मीटर लंबे घाट का निर्माण किया जा रहा है। घाट का काम पूरा होने के बाद यहां आने वाले सैलानियों को सरयू के पावन जल से स्नान करने के लिए स्नानाघाट की सुविधा मिलेगी। घाट के अलावा महिलाओं के लिए चेजिंग रूम, नदी तक जाने के लिए सीढ़ियां, सैलानियों का सरमूल, सहस्त्रधारा में स्वागत करने के लिए आकर्षक गेट, सरमूल में सरयू नदी पर जलकुंड और सैलानियों व आगंतुकों के बैठने के लिए बैंच भी बनाई जाएगी। निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में हैं, अगर सबकुछ योजना के मुताबिक चलता रहा तो अप्रैल के शुरुआती सप्ताह तक भद्रतुंगा और सरमूल अपने नए रंगरूप में नजर आएगा।
विज्ञापन
भद्रतुंगा और सरमूल में घाट सहित अन्य निर्माण कार्य तेज गति से चल रहे हैं। मार्च के महीने में कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उम्मीद है कि तय समय पर काम पूरा कर लिया जाएगा और गर्मी के सीजन में इन धार्मिक स्थलों की यात्रा पर आने वाले सैलानियों को सुविधा मिलने लगेगी।
- जेएस बिष्ट, ईई, सिंचाई खंड कपकोट।
विज्ञापन
सरमूल, सहस्त्रधारा और भद्रतुंगा को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की कवायद करीब छह साल पहले शुरूहुई थी। 2017 में सरमूल, सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा विकास समिति ने सरमूल से बागेश्वर बागनाथ मंदिर की पदयात्रा कर क्षेत्र को पहचान दिलाने की पहल शुरू की थी। बाद के वर्षों में शासन और प्रशासन को ज्ञापन देकर क्षेत्र के विकास की मांग की गई। इन स्थलों को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की मांग भी उठी। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने भी क्षेत्र के विकास में रुचि दिखाई और विकास कार्यों में भरपूर सहयोग देने की बात कही थी। वर्तमान में भद्रतुंगा और सरमूल में विकास कार्य होने लगे हैं।
विज्ञापन
इन दिनों भद्रतुंगा और सरमूल में 125 मीटर लंबे घाट का निर्माण किया जा रहा है। घाट का काम पूरा होने के बाद यहां आने वाले सैलानियों को सरयू के पावन जल से स्नान करने के लिए स्नानाघाट की सुविधा मिलेगी। घाट के अलावा महिलाओं के लिए चेजिंग रूम, नदी तक जाने के लिए सीढ़ियां, सैलानियों का सरमूल, सहस्त्रधारा में स्वागत करने के लिए आकर्षक गेट, सरमूल में सरयू नदी पर जलकुंड और सैलानियों व आगंतुकों के बैठने के लिए बैंच भी बनाई जाएगी। निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में हैं, अगर सबकुछ योजना के मुताबिक चलता रहा तो अप्रैल के शुरुआती सप्ताह तक भद्रतुंगा और सरमूल अपने नए रंगरूप में नजर आएगा।
विज्ञापन
भद्रतुंगा और सरमूल में घाट सहित अन्य निर्माण कार्य तेज गति से चल रहे हैं। मार्च के महीने में कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उम्मीद है कि तय समय पर काम पूरा कर लिया जाएगा और गर्मी के सीजन में इन धार्मिक स्थलों की यात्रा पर आने वाले सैलानियों को सुविधा मिलने लगेगी।
- जेएस बिष्ट, ईई, सिंचाई खंड कपकोट।