फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   need to treat udyamsthal hospital

उद्यमस्थल के अस्पताल को इलाज की जरूरत

Thu, 11 Feb 2016 12:37 AM IST
प्रेम प्रकाश कांडपाल, दुग नाकुरी (बागेश्वर)।
प्रेम प्रकाश कांडपाल, दुग नाकुरी (बागेश्वर)। Updated Thu, 11 Feb 2016 12:37 AM IST
विज्ञापन

 इस तहसील के उद्यमस्थल स्थित राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय को खुद इलाज की जरूरत है। अस्पताल में रोगों की जांच के लिए आधुनिक मशीनें नहीं हैं। गंभीर किस्म के रोगियों को यहां से 40 किमी दूर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। दो साल पहले बने अस्पताल भवन में किया गया रंग रोगन भी फीका पड़ने लगा है।

विज्ञापन


नाकुरी पट्टी की करीब 30 हजार की आबादी के लिए स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए उद्यमस्थल में राजकीय एलोपैथिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना तीस साल पहले हुई थी। 2013 में 82 लाख रुपये की लागत से भवन का निर्माण हुआ। भवन में किया गया रंगरोगन अब फीका पड़ गया है जबकि कुछ हिस्सों में दरारें भी दिखने लगी हैं।
विज्ञापन


 अस्पताल में एलोपैथिक डाक्टर हैं जबकि आयुर्वेदिक डाक्टर की आज तक तैनाती नहीं हो सकी है। अस्पताल में लोगों के स्वास्थ्य की जांच के लिए एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीनें तक नहीं हैं जबकि मल, मूत्र और खून की जांच के लिए लैब तकनीशियन नहीं है। इन रोगों की जांच के लिए लोगों को यहां से 40 किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 इसमें उनका काफी समय और धन बर्बाद होता है। मालूम हो कि इस क्षेत्र में खड़िया की खानें हैं। इनमें बड़ी संख्या में मजदूर काम करते हैं। उस हिसाब से भी अस्पताल में समुचित व्यवस्था नहीं है। गंभीर किस्म के रोगियों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।

 ग्रामीण कुंदन सिंह रैखोला, धन सिंह बाफिला, पुष्कर रैखोला, तिलक गोस्वामी आदि ने शासन-प्रशासन से समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. इमरान अहमद ने बताया कि अस्पताल की समस्याओं की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।

महिला सशक्तिकरण के तमाम दावों के बावजूद राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय में एक महिला डाक्टर तक नहीं है। डाक्टर नहीं होने के कारण महिला रोगियों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। महिलाएं पुरुष डाक्टर को अपनी परेशानी बताने झिझकती हैं। प्रसव पीड़िताओं को प्रसव के लिए 108 नंबर से जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है।

पूर्व मंत्री बलवंत भौर्याल ने सरकार पर अस्पताल की उपेक्षा करने का आरोप मढ़ा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल की समस्याएं शीघ्र हल नहीं हुई तो क्षेत्र के लोगों के सहयोग से आंदोलन किया जाएगा।


विधायक कपकोट ललित फर्स्वाण ने कहा कि अस्पताल की समस्याएं संज्ञान में हैं। दुग नाकुरी अस्पताल को 108 नंबर आपातकालीन एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करा दी गई है। अस्पताल बेहतर बने इसके लिए सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं। इसका लाभ अस्पताल को भी मिल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed