{"_id":"5839bf244f1c1b983513ca20","slug":"mining-began-an-indefinite-fast-demanding-closure","type":"story","status":"publish","title_hn":"खनन बंद करने की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खनन बंद करने की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Sat, 26 Nov 2016 10:28 PM IST
विज्ञापन
प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कांडा तहसील के गैस गोदाम के समीप हो रहे खड़िया खनन बंद करने की मांग को लेकर चनेत के ग्रामीणों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने कहा है कि जब तक खड़िया खनन बंद नहीं होता है उनका आंदोलन जारी रहेगा।
शुक्रवार की देर शाम चनेत में दो दिन से चल रहे क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में बदल दिया गया। श्री श्री भंडारी गोलू देवता मंदिर परिसर में शेर राम आमरण अनशन में बैठे। राजेंद्र प्रसाद सहित अन्य आंदोलनकारी ग्रामीणों ने माल्यार्पण कर शेर राम को अनशन में बैठाया। इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि गैस गोदाम के समीप हो रहे खनन को जब तक बंद नहीं किया जाता है आंदोलन जारी रखा जाएगा। कहा कि खनन के कारण भविष्य में चनेत गांव में भूस्खलन की समस्या सहित कई तरह के खतरे पैदा होंगे। इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
इस दौरान खड़िया खनन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की गई। समर्थन में साधूराम, पूरन राम, प्रकाश, नीरज, घनश्याम, राजन राम, नरेश राम, सतीश कुमार आदि ग्रामीणों ने धरना दिया।
विज्ञापन
शुक्रवार की देर शाम चनेत में दो दिन से चल रहे क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में बदल दिया गया। श्री श्री भंडारी गोलू देवता मंदिर परिसर में शेर राम आमरण अनशन में बैठे। राजेंद्र प्रसाद सहित अन्य आंदोलनकारी ग्रामीणों ने माल्यार्पण कर शेर राम को अनशन में बैठाया। इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि गैस गोदाम के समीप हो रहे खनन को जब तक बंद नहीं किया जाता है आंदोलन जारी रखा जाएगा। कहा कि खनन के कारण भविष्य में चनेत गांव में भूस्खलन की समस्या सहित कई तरह के खतरे पैदा होंगे। इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
विज्ञापन
इस दौरान खड़िया खनन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की गई। समर्थन में साधूराम, पूरन राम, प्रकाश, नीरज, घनश्याम, राजन राम, नरेश राम, सतीश कुमार आदि ग्रामीणों ने धरना दिया।
विज्ञापन