बागेश्वर। उत्तराखंड विधानसभा की एक समिति महायोजना/जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) के मानकों की समीक्षा कर रही है। स्थानीय विधायक चंदन रामदास को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। इस नाते सरमोली पिथौरागढ़ के जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने मंगलवार को यहां आकर विधायक को ज्ञापन सौंपा। इसमें चीन और नेपाल सीमा से सटे मुनस्यारी और धारचूला को महायोजना/जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) के दायरे से मुक्त रखने की मांग की गई।
मर्तोलिया ने विधायक को बताया कि चीन और नेपाल की सीमा पर स्थित भारतीय गांवों से लगातार पलायन बढ़ता जा रहा है। प्राधिकरण के मानक लागू होने के बाद सीमा क्षेत्र के गांवों में नया आवासीय भवन बनाना, मरम्मत समेत भवन संबंधी कार्य कठिन हो गए हैं जबकि सीमा क्षेत्र के गांवों में गरीब, बेरोजगार ही बचे हैं। इन असहाय लोगों का प्राधिकरण के काले कानून से जीवनयापन करना मुश्किल कर दिया है। सीमा क्षेत्र के गांवों में बिना रोजगार के आर्थिक तंगी की मार झेल रहे परिवार प्राधिकरण के कारण पलायन करते हैं, तो सीमा क्षेत्र के जनशून्य होने का खतरा पैदा हो सकता है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी यह अच्छे संकेत नहीं हैं। भारतीय सीमा के अंतिम गांव मिलम, गुंजी भी प्रभावित है। उन्होंने विधायक से मुनस्यारी और धारचूला तहसील क्षेत्र को प्राधिकरण से मुक्त रखने की सिफारिश अपनी रिपोर्ट में शामिल करने की मांग की।