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Bageshwar News: लीती और कर्मी गांव में 30 हेक्टेयर पर जड़ी-बूटी उगाने की तैयारी
Sun, 25 May 2025 11:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 25 May 2025 11:58 PM IST
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- वन विभाग प्रस्ताव शासन को भेजेगा, स्वीकृति पर शुरू होगा पौधरोपण
- दोहन से विलुप्त हो रहे औषधीय पौधों को संरक्षित करना मुख्य उद्देश्य
बागेश्वर। वन विभाग ने लीती और कर्मी गांव में 30 हेक्टेयर भूमि पर जड़ी-बूटी की खेती करने की योजना बनाई है। विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही पौधरोपण का कार्य शुरू हो जाएगा।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जड़ी-बूटी के लगातार दोहन से कई जड़ी-बूटियां विलुप्त होने के कगार पर हैं। वन विभाग अब हिमालयी क्षेत्रों में इनके उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ विलुप्त हो रहीं जड़ी बूटियों को संरक्षित करेगा। वन विभाग लीती और कर्मी गांव में कुटकी, गंद्रायणी, जटामासी, जम्बू फरन, कूट, सम्यो, कपुरकचरी, तेजपात और अश्वगंधा की खेती करेगा। इसमें स्थानीय लोगों का सहयोग भी लिया जाएगा। इन क्षेत्रों में पहले इनका काफी उत्पादन होता था। वन विभाग के प्रयासों की लोगों ने सराहना की है।
कोट- लीती और कर्मी गांव में जड़ी-बूटी की खेती करने के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, जड़ी-बूटी की खेती शुरू कर दी जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को भी जोड़ा जाएगा। - तनुजा परिहार, एसडीओ वन विभाग बागेश्वर
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- दोहन से विलुप्त हो रहे औषधीय पौधों को संरक्षित करना मुख्य उद्देश्य
बागेश्वर। वन विभाग ने लीती और कर्मी गांव में 30 हेक्टेयर भूमि पर जड़ी-बूटी की खेती करने की योजना बनाई है। विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही पौधरोपण का कार्य शुरू हो जाएगा।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जड़ी-बूटी के लगातार दोहन से कई जड़ी-बूटियां विलुप्त होने के कगार पर हैं। वन विभाग अब हिमालयी क्षेत्रों में इनके उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ विलुप्त हो रहीं जड़ी बूटियों को संरक्षित करेगा। वन विभाग लीती और कर्मी गांव में कुटकी, गंद्रायणी, जटामासी, जम्बू फरन, कूट, सम्यो, कपुरकचरी, तेजपात और अश्वगंधा की खेती करेगा। इसमें स्थानीय लोगों का सहयोग भी लिया जाएगा। इन क्षेत्रों में पहले इनका काफी उत्पादन होता था। वन विभाग के प्रयासों की लोगों ने सराहना की है।
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कोट- लीती और कर्मी गांव में जड़ी-बूटी की खेती करने के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, जड़ी-बूटी की खेती शुरू कर दी जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को भी जोड़ा जाएगा। - तनुजा परिहार, एसडीओ वन विभाग बागेश्वर
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