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कपकोट के किलपारा में नाबालिग का विवाह रुकवाया
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बागेश्वर। जिला मुख्यालय से 115 किमी दूर किलपारा में वन स्टॉप सेंटर और पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम ने नाबालिग का विवाह रुकवा दिया। बरात को बिना दुल्हन के वापस लौटना पड़ा।
कपकोट के किलपारा में कपकोट के ही जगथाना से बरात आई थी। किसी ने बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटर को सूचना दी कि किलपारा में नाबालिग का विवाह किया जा रहा है। सूचना पर तत्काल वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी षष्टी कांडपाल पुलिस टीम के साथ किलपारा के लिए रवाना हुुई। टीम ने किलपारा पहुंचकर नाबालिग का विवाह रुकवा दिया। टीम ने दुल्हा-दुल्हन पक्ष के लोगों को बताया कि नाबालिग का विवाह करना कानूनन अपराध है। नाबालिग का विवाह करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। लड़की के बालिग होने पर ही विवाह करें। इस पर दुल्हा-दुल्हन के पक्ष के लोग मान गए। बरात बगैर दुल्हन के वापस लौटी।
वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी कांडपाल ने बताया कि दुल्हन की उम्र शुक्रवार को 17 महीने 10 दिन हो रही थी। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों से लड़की के बालिग होने पर ही विवाह करने का शपथपत्र भरवाया गया। किलपारा गांव में नाबालिग की शादी न करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया गया। कांडपाल ने बताया कि सितंबर 2019 में जिले में वन स्टॉप सेंटर का गठन हुआ। तब से अब तक 21 नाबालिगों के विवाह रुकवा दिए हैं। विवाह रुकवाने वाली टीम में पुलिस की महिला हेल्पलाइन प्रभारी उप निरीक्षक खष्टी बिष्ट और एंटी ह्यूमन ट्रैफिंकिग सेल के प्रभारी टीआर बगरेठा भी थे।
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कपकोट के किलपारा में कपकोट के ही जगथाना से बरात आई थी। किसी ने बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटर को सूचना दी कि किलपारा में नाबालिग का विवाह किया जा रहा है। सूचना पर तत्काल वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी षष्टी कांडपाल पुलिस टीम के साथ किलपारा के लिए रवाना हुुई। टीम ने किलपारा पहुंचकर नाबालिग का विवाह रुकवा दिया। टीम ने दुल्हा-दुल्हन पक्ष के लोगों को बताया कि नाबालिग का विवाह करना कानूनन अपराध है। नाबालिग का विवाह करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। लड़की के बालिग होने पर ही विवाह करें। इस पर दुल्हा-दुल्हन के पक्ष के लोग मान गए। बरात बगैर दुल्हन के वापस लौटी।
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वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी कांडपाल ने बताया कि दुल्हन की उम्र शुक्रवार को 17 महीने 10 दिन हो रही थी। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों से लड़की के बालिग होने पर ही विवाह करने का शपथपत्र भरवाया गया। किलपारा गांव में नाबालिग की शादी न करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया गया। कांडपाल ने बताया कि सितंबर 2019 में जिले में वन स्टॉप सेंटर का गठन हुआ। तब से अब तक 21 नाबालिगों के विवाह रुकवा दिए हैं। विवाह रुकवाने वाली टीम में पुलिस की महिला हेल्पलाइन प्रभारी उप निरीक्षक खष्टी बिष्ट और एंटी ह्यूमन ट्रैफिंकिग सेल के प्रभारी टीआर बगरेठा भी थे।
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