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मंगेश ने विदेश सेवा के बजाय चुना था उत्तराखंड
बागेश्वर,अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 17 May 2017 12:02 AM IST
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विदेश सेवा को ठुकराकर तमाम असुविधाओं से भरे पहाड़ों में काम करने वाले टॉपरों की सूची में शायद ही कोई आईएसएस शामिल हो, लेकिन मंगेश घिल्डियाल ऐसी सोच वाले युवा आईएएस हैं, जिन्होंने चौथी रैंक के बावजूद विदेश सेवा को ठुकराकर सेवा के लिए अपने गृह राज्य को चुना।
अपने गांव और प्रदेश के लिए कुछ करने की मंशा लिए विदेश सेवा को ठुकराकर पहाड़ आने वाले मंगेश घिल्डियाल की गिनती ईमानदार अधिकारियों में होती है। बागेश्वर में पहली बार जिलाधिकारी के पद पर तैनात किए गए मंगेश घिल्डियाल ने केवल सात माह के कार्यकाल में ही अपनी विशेष कार्यशैली से जनता का दिल जीत लिया।
यही कारण है कि प्रदेश में यह पहला मामला होगा, जब किसी आईएएस अधिकारी का स्थानांतरण रोकने की मांग को लेकर जनता सड़कों पर उतरी होगी।
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अपने गांव और प्रदेश के लिए कुछ करने की मंशा लिए विदेश सेवा को ठुकराकर पहाड़ आने वाले मंगेश घिल्डियाल की गिनती ईमानदार अधिकारियों में होती है। बागेश्वर में पहली बार जिलाधिकारी के पद पर तैनात किए गए मंगेश घिल्डियाल ने केवल सात माह के कार्यकाल में ही अपनी विशेष कार्यशैली से जनता का दिल जीत लिया।
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यही कारण है कि प्रदेश में यह पहला मामला होगा, जब किसी आईएएस अधिकारी का स्थानांतरण रोकने की मांग को लेकर जनता सड़कों पर उतरी होगी।