सांसद आदर्श गांव बाछम में समस्याओं का अंबार
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बाछम में तस्वीर बिल्कुल उल्टी है। इस गांव में बिजली, सड़क, शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें तक पूरी नहीं हो सकी हैं। हालत इतनी बदतर है कि ग्रामीणों ने समस्याओं का समाधान नहीं होने पर लोक सभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। गुस्साए ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर प्रदर्शन किया।
ये हैं ग्रामीणों की मांगें
जूनियर हाईस्कूल का उच्चीकरण कर सभी विषयों के शिक्षकों की तैनाती, गांव में पोस्ट आफिस, सीवीसी बैंक खोला जाए, संचार व फोर जी इंटरनेट सुविधा दी जाए, गांव के सभी तोकों तक बिजली पहुंचाई जाए, देवीकुंड, नाकुंड, सुंदरढूंगा को पर्यटन स्थल व धाम घोषित कर विकसित करें।
क्या कहते हैं ग्रामीण
बाछम को सांसद आदर्श गांव घोषित करने के बाद भी यहां की दशा में सुधार नहीं हो पाया है। समस्याएं आज भी जस की तस हैं। 15 दिनों के भीतर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन के साथ चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा। - आनंद राम, प्रधान बाछम
गांव के विद्यालय में शिक्षक नहीं होने से आठवीं की छात्राओं ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान चला रही है। लेकिन, हमारे गांव में बेटियां स्कूल की बजाय घर में बैठीं हैं। - भगवत सिंह दानू
आदर्श गांव घोषित करते वक्त हमें बताया गया था कि गांव की दशा सुधर जाएगी, गांव में अब कोई समस्या नहीं रहेगी। लेकिन, यहां तो एक भी अधिकारी समस्या जानने भी नहीं आया। - जोहार सिंह दानू
गांव को जोड़ने वाली सड़क खस्ताहाल है। जगह-जगह मलबा आने से अक्सर सड़क बाधित रहती है। डामरीकरण की मांग को भी प्रशासन अनसुना कर रहा है। - चंदन सिंह
पोस्ट ऑफिस खाती में खाताधारक को मात्र 500 रुपये ही दिए जा रहे हैं। कैश के अभाव में कम राशि दी जा रही है। आने- जाने में ही एक हजार से अधिक खर्च हो जाता है। - भरत सिंह