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...आखिर जिंदगी की जंग हार गई हंसी दीदी
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Wed, 13 Apr 2016 01:19 AM IST
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हंसी देवी
- फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। आखिर तमाम कोशिशों के बावजूद नरगोली के देवलेत तो निवासी हंसी दीदी गंभीर बीमारी के चलते मंगलवार सुबह जिंदगी की जंग हार गईं। निर्धन परिवार की इस महिला को नया जीवन दान के लिए कई हाथ बढ़े, लेकिन सरकार से कोई मदद नहीं मिल सकी। हंसी दीदी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिला मुख्यालय से करीब 65 किमी दूर नरगोली ग्राम पंचायत के देवलेत तोक निवासी हरीश राम अंत्योदय परिवार के मुखिया हैं। उनकी पत्नी हंसी देवी का कुछ समय पहले स्वास्थ्य खराब हो गया।
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घर में आय के साधन कुछ भी नहीं होने के कारण परिजन उन्हें बड़े अस्पताल में नहीं दिखा सके। घर में रहते उनकी बीमारी और भी बढ़ती गई। पेट में सूजन आने के साथ ही खाना-पीना कम होता चला गया। क्षेत्र के कुछ भले लोगों की पीड़िता पर नजर पड़ी तो उन्होंने उसकी जान बचाने का बीड़ा उठाया। पीड़िता के इलाज के लिए आपस में चंदा किया। अल्मोड़ा अर्बन बैंक अल्मोड़ा की बेड़ीनाग शाखा में हंसी देवी के नाम से खाता भी खोला गया। इस खाते में डीईओ (बेसिक) आकाश सारस्वत के प्रयासों से एक लाख रुपये की सहायता राशि जमा हुई। कुछ अन्य लोगों ने भी हंसी देवी के इलाज के लिए बचत खाते में सहायता राशि जमा करवाई।
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इसके बाद हंसी देवी को गत पांच अप्रैल को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने पीड़िता के लीवर और दोनों किडनियां खराब बताईं। इलाज की कोशिशें जारी रही, कहीं और आगे दिखाने के सुझाव मिले। लेकिन, आर्थिक तंगी के आगे परिजन उन्हें नहीं ले जा सके और उनका वहीं इलाज चलता रहा।
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सोमवार को अचानक हल्की आवाज में हंसी देवी ने बच्चों का मुंह देखने की इच्छा जाहिर की और हरीश राम जैसे-तैसे उन्हें घर ले आए। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे हंसी का निधन हो गया। वह घर में पति, चार बेटियां, एक बेटा और सास मां को रोता बिलखता छोड़ गई।
इधर, लोगों का कहना है कि यदि मृतका के इलाज के लिए सरकार से सहायता मिली होती तो उनकी जान बच भी सकती थी। दोपहर बाद सानीउडियार में कुलूर और जिठार नदी के संगम पर स्थित टोपेश्वर महादेेव मंदिर के पास उनकी अंत्येष्टि कर दी गई। उनके निधन पर डीईओ (बेसिक) आकाश सारस्वत, पंकज सिंह डसीला, गिरिराज रौतेला, राजेंद्र रौतेला, आनंद कर्नाटक, विनोद मेहरा, डीएल शाह, नृृपेंद्र रौतेला और भूपेंद्र कार्की आदि ने गहरा दुख जताया है।