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मानसून के दौरान जल संस्थान की 48 पेयजल योजनाएं हुई क्षतिग्रस्त
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बागेश्वर। इस साल हुई मानसूनी बारिश में जल संस्थान की 48 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। विभाग ने योजनाओं को हुए नुकसान का आकलन कर मरम्मत के लिए मुख्यालय को 80,00,000 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था। इनमें से कुल 23 योजनाओं की मरम्मत के लिए 34,50,000 रुपये की राशि मिल चुकी है। विभाग को अवशेष राशि का इंतजार है।
जल संस्थान जिले में 148 ग्रामीण और दो नगरीय सहित कुल 150 योजनाओं का संचालन करता है। बारिश के दौरान इनमें से अधिकतर पेयजल योजनाओं को नुकसान हुआ। नगर की जखेड़ा और अमसरकोट पेयजल योजना से कई बार आपूर्ति बाधित हुई। कपकोट के असों, बसकूना, काफलीकमेड़ा आदि योजनाएं भी टूटी।
गरुड़ के लाहुर घाटी की पेयजल योजना भी कई दिनों तक बाधित रहीं। सबसे अधिक परेशानी जखेड़ा पेयजल योजना के बाधित होने से हुआ। नगर और सटे गांवों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। अब दो योजनाओं को छोड़कर अन्य सभी योजनाओं से पानी की आपूर्ति सुचारु करा दी गई है। जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी ने बताया कि मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त कई योजनाओं की मरम्मत कराई जा चुकी है। कुछ योजनाओं की वृहद मरम्मत होनी है। मुख्यालय से अवशेष राशि मिलने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।
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जल संस्थान जिले में 148 ग्रामीण और दो नगरीय सहित कुल 150 योजनाओं का संचालन करता है। बारिश के दौरान इनमें से अधिकतर पेयजल योजनाओं को नुकसान हुआ। नगर की जखेड़ा और अमसरकोट पेयजल योजना से कई बार आपूर्ति बाधित हुई। कपकोट के असों, बसकूना, काफलीकमेड़ा आदि योजनाएं भी टूटी।
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गरुड़ के लाहुर घाटी की पेयजल योजना भी कई दिनों तक बाधित रहीं। सबसे अधिक परेशानी जखेड़ा पेयजल योजना के बाधित होने से हुआ। नगर और सटे गांवों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। अब दो योजनाओं को छोड़कर अन्य सभी योजनाओं से पानी की आपूर्ति सुचारु करा दी गई है। जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी ने बताया कि मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त कई योजनाओं की मरम्मत कराई जा चुकी है। कुछ योजनाओं की वृहद मरम्मत होनी है। मुख्यालय से अवशेष राशि मिलने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।
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