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तेंदुए को मारने को दो दिन का अल्टीमेटम
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तेंदुआ पकड़ने के लिए कांडा तहसील क्षेत्र के उत्तर दुग जलमानी तोक भूलगांव में धरना देते ग्रामीण।
- फोटो : BAGESHWAR
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धरमघर/बागेश्वर। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। कभी इंसान तो कभी मवेशी तेंदुए का शिकार बनते जा रहे हैं। इन तेंदुओं को पकड़ने, मारने की मांग तेज होती जा रही है। इसी सिलसिले में शुक्रवार से भूलगांव के ग्रामीणों ने बेमियादी आंदोलन शुरू कर दिया है।
भूलगांव में शुक्रवार को ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें प्रताप सिंह राठौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीणों ने
कहा कि तेंदुए की डर से लोगों का घर से अकेले बाहर निकलना दूभर हो गया है। मां-बाप अपने छोटे बच्चों की जिंदगी को लेकर चिंतित हैं। तेंदुआ पकड़ने के लिए वन विभाग ने कई पिंजरे लगाए हैं, लेकिन कैद नहीं हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से तेंदुए को दो दिन मारने की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया है।
विशन सिंह, चतुर सिंह राठौर ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दो दिन बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। वहां मोहन सिंह राठौर, मदन सिंह, दीवान सिंह राठौर, सुंदर सिंह, दीवान सिंह, दिनेश सिंह राठौर, जगदीश सिंह, भूपाल सिंह, धीरज सिंह राठौर, दलीप सिंह, नरेंद्र राठौर, मोहन सिंह, रमेश सिंह, बलवंत राठौर आदि थे।
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तेंदुए ने एक साथ तीन बकरियां मार डालीं
कपकोट/बागेश्वर। तेंदुए ने बृहस्पतिवार को कपकोट के वार्ड नंबर चार निवासी बकरी पालक शंकर दत्त जोशी की तीन बकरियों को मार डाला। शंकर आर्थिक रूप से कमजोर है। उसने बताया कि बकरी पालन से वह अपने परिवार का खर्चा चलाता है। एक बकरी की कीमत लगभग पांच हजार रुपये है। ग्रामीणों ने वन विभाग से शंकर को मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं ग्लेशियर की रेंजर शशि देव ने बताया कि नियमानुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी होने पर शंकर को मुआवजा दिया जाएगा।
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भूलगांव में शुक्रवार को ग्रामीणों की बैठक हुई। इसमें प्रताप सिंह राठौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीणों ने
कहा कि तेंदुए की डर से लोगों का घर से अकेले बाहर निकलना दूभर हो गया है। मां-बाप अपने छोटे बच्चों की जिंदगी को लेकर चिंतित हैं। तेंदुआ पकड़ने के लिए वन विभाग ने कई पिंजरे लगाए हैं, लेकिन कैद नहीं हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से तेंदुए को दो दिन मारने की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया है।
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विशन सिंह, चतुर सिंह राठौर ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दो दिन बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। वहां मोहन सिंह राठौर, मदन सिंह, दीवान सिंह राठौर, सुंदर सिंह, दीवान सिंह, दिनेश सिंह राठौर, जगदीश सिंह, भूपाल सिंह, धीरज सिंह राठौर, दलीप सिंह, नरेंद्र राठौर, मोहन सिंह, रमेश सिंह, बलवंत राठौर आदि थे।
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तेंदुए ने एक साथ तीन बकरियां मार डालीं
कपकोट/बागेश्वर। तेंदुए ने बृहस्पतिवार को कपकोट के वार्ड नंबर चार निवासी बकरी पालक शंकर दत्त जोशी की तीन बकरियों को मार डाला। शंकर आर्थिक रूप से कमजोर है। उसने बताया कि बकरी पालन से वह अपने परिवार का खर्चा चलाता है। एक बकरी की कीमत लगभग पांच हजार रुपये है। ग्रामीणों ने वन विभाग से शंकर को मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं ग्लेशियर की रेंजर शशि देव ने बताया कि नियमानुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी होने पर शंकर को मुआवजा दिया जाएगा।