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बुनियादी सुविधाओं से जूझ रही कमस्यार घाटी

Sun, 21 May 2017 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Sun, 21 May 2017 10:58 PM IST
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 राज्य निर्माण के 16 बरस बीतने के बाद भी कमस्यार घाटी के गांव बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। शासकीय उपेक्षा के कारण तुषरेड़ा जैसा गांव आज तक सड़क से नहीं जुड़ सका है। गांवों में स्कूल हैं तो है, लेकिन टीचर नहीं है। अस्पताल हैं तो डाक्टर नहीं हैं। क्षेत्र में एक अदद एसबीआई की शाखा तक नहीं है। रोजगार के यहां कोई भी साधन नहीं हैं। लंबित समस्याओं का समाधान न होने के कारण ग्रामीण पलायन को मजबूर हैं।


करीब 50 ग्राम पंचायतों से घिरी कमस्यार घाटी की आबादी वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार 35 हजार से भी ऊपर पहुंच गई है। आखिरी गांव तुषरेड़ा आज तक सड़क से नहीं जुड़ सका है। सड़क के बगैर गांव में विकास की गतिविधियां भी चौपट हैं। कमेड़ीदेवी से मलसूना, अठपैसिया से खातीगांव सड़क का डामरीकरण नहीं हो सका है, जबकि इसका देवतोली नरगोली में बेड़ीनाग सड़क से मिलान भी नहीं हो सका है। 
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क्षेत्र में शिक्षा का भी बुरा हाल है। इस क्षेत्र का सबसे पुराना स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पदम सिंह डसीला स्मारक राइंका देवतोली में प्रधानाचार्य और शिक्षकों की भारी कमी है। वहां बच्चों के लिए खेल स्टेडियम तक नहीं है। राजूहा टकनार भैंसूड़ी का उच्चीकरण नहीं होने से बच्चों को इससे आगे की पढ़ाई में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में न तो एएनएम सेंटर है न ही डाकघर की ही शाखा है।
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अटल आदर्श गांव भंडारीगांव में एक अदद मिनी आंगनबाड़ी केंद्र तक नहीं है। क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं भी भगवान भरोसे चल रही हैं। राजकीय ऐलोपैथिक चिकित्सालय खातीगांव और सानीउडियार में डॉक्टर नहीं हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ग्रामीण 20 से 70 किमी दूर कांडा और बागेश्वर की दौड़ लगाने को मजबूर है। खातीगांव स्थित पशु सेवा केंद्र में गत 15 साल से ताला लगा हुआ है।

क्षेत्र के अनुसूचित जाति बाहुल्य कई गांव पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा। समूचे घाटी के लोगों के लिए बीएसएनएल का एक भी टावर नसीब नहीं है। इस तरह यहां बैंक की शाखा तक नहीं है। बैंक नहीं होने के कारण बेरोजगार अपना कारोबार खड़ा नहीं कर पा रहे हैं। पूर्व प्रवक्ता दान सिंह रावत, स्वतत्रंता संग्राम सेनानी बहादुर सिंह डसीला और पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष कृपाल सिंह रावत ने शासन-प्रशासन से समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। 



अपने पिछले कार्यकाल में कई समस्याओं का समाधान हुआ है। इस चुनाव प्रचार के दौरान कमस्यार घाटी की कई समस्याएं नए सिरे से संज्ञान में आई हैं। उनका परीक्षण करने के बाद हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने का पूरा प्रयास करूंगा।
 
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