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इस बार जलेंगे सिर्फ मिट्टी के स्वनिर्मित दीप
अमर उजाला ब्यूरो, गरुड़ (बागेश्वर)।
Updated Tue, 25 Oct 2016 10:32 PM IST
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मां भगवती संगठन गरुड़ के अध्यक्ष किशन बोरा।
- फोटो : अमर उजाला
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गरुड़ (बागेश्वर)। मां भगवती संगठन देवनाई घाटी ने घाटी के ग्रामीणों से इस बार दीवाली में मिट्टी के स्व निर्मित दीप में दिये जलाने के लिए जन जागरण अभियान चलाया है। ग्रामीणों ने संगठन से प्रेरणा लेने के बाद मिट्टी के दीप बनाना शुरू कर दिया है। घाटी के ग्रामीणों ने दीवाली में चीन में बने पटाखा और बिजली की मालाएं बाजार से न खरीदने का निर्णय लिया है।
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मां भगवती संगठन देवनाई घाटी के अध्यक्ष किशन बोरा ने बताया कि संगठन के कार्यकर्ताओं ने कोहिना, सिमसाल, रिठाण, बंतोली, पोखरी, देवनाई, पचना, भगरतोला, कोलतुलारी, थाकला, कोहिना भतेड़िया, गैरलेख, गोमती घाटी के गांवों में जाकर लोगों को दीवाली में मिट्टी के दिए में दीप जलाने का आह्वान किया।
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संगठन के कार्यकर्ताओं ने बच्चों को मिट्टी के दीये बनाने का काम सौंपा है। संगठन की प्रेरणा से बच्चों ने अपने घरों में मिट्टी के दीये बनाने का काम शुरू कर दिया है। कोलतुलारी के प्रधान मंगल राणा ने बताया कि अगर दीवाली में किसी भी घर में चीन में बनी सजावटी सामग्री मिली तो पंचायत उस परिवार से जुर्माना वसूलेगी।
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देवनाई की प्रधान शोभा बोरा, भगरतोला के प्रधान चंदन बोरा, थाकला के देवी दत्त पाठक, क्षेत्र पंचायत सदस्य भतेड़िया भरत राम, मदन कांडपाल, कोलतुलारी के प्रधान मंगल राणा आदि ने अपनी ग्राम पंचायत में फरमान जारी कर दिया है कि दीवाली में इस बार उनके गांव के लोग चीन में बने पटाखे, बिजली की मालाओं से कतई नहीं सजाएंगे।