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जौलकांडे के जंगल में तीन दिन से धधक रही है आग

Thu, 14 Apr 2016 10:50 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बागेश्वर।
ब्यूरो, अमर उजाला, बागेश्वर। Updated Thu, 14 Apr 2016 10:50 PM IST
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Julkande three days in the forest is burned with fire
आग - फोटो : अमर उजाला

जिले के जंगल आग की चपेट में हैं। आग लगने से अब तक लाखों की वन्य संपदा को नुकसान पहुंच चुका है। जौलकांडे के वन्य क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से आग धधक रही है। लगातार आग से वातावरण में धुंध छा गई है। 

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जिले का अधिकांश वन्य क्षेत्र चीड़ का है। इसके अलावा चीड़ और बांज के मिश्रित वन भी हैं। वनों को आग से बचाने के लिए वन विभाग पूर्व से ही तैयारियों में लगा था। विभाग की ओर से आग पर काबू पाने के लिए 27 क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। इन सभी स्टेशनों में इस समय 54 कर्मी तैनात किए गए हैं। लेकिन, तापमान बढ़ने के बाद जिस तेजी से वनों की आग धधक रही है, उससे वन विभाग की तैयारियां नाकाफी साबित हो रही हैं।
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अब तक आग से बागेश्वर के साथ ही कांडा और कपकोट क्षेत्र के कई जंगल जल चुके हैं। जौलकांडे के निचले क्षेत्र में स्थित जंगल भी पिछले तीन दिनों से धूं-धूं कर जल रहा है। बुधवार रात को भी जौलकांडे का चीड़ का जंगल जलता रहा। इससे लाखों की वन्य संपदा को नुकसान पहुंच रहा है। चीड़ और बांज के जंगलों में लगी आग से वातावरण में धुंध छा गई है। 

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