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Bageshwar News: जेसीबी ऑपरेटर को तीन साल की सश्रम कैद

Wed, 30 Aug 2023 12:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Wed, 30 Aug 2023 12:12 AM IST
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JCB operator sentenced to three years rigorous imprisonment
बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने जेसीबी से घायल करने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर गाली गलौज करने के दोषी को तीन साल का सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार नरेंद्र राम पुत्र मोहन राम निवासी बघर ने कपकोट थाने में केस दर्ज कराते हुए कहा था कि 16 जून 2021 को ठेकेदार मोहन बिष्ट बघर मोटर मार्ग पर डामरीकरण का कार्य करवा रहा था। वादी के मकान के ऊपर बरसाती पानी की निकासी के लिए नाली नहीं बनाई गई। इस संबंध में वादी के पिता मोहन राम ने जेसीबी चालक रणवीर कंडारी से मकान के ऊपर नाली बनाने का अनुरोध किया। जेसीबी चालक नाली बनाने के स्थान पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालीगलौज करने लगा। जेसीबी चालक ने वादी के पिता पर जेसीबी चढ़ा दी। जेसीबी के बकेट के नीचे आने से वादी के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। वादी के पिता को गंभीर अवस्था में कपकोट सीएचसी ले जाया गया। वहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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वादी के अनुसार जेसीबी चालक रणवीर कंडारी ने रिपोर्ट कराने पर जान से मारने की धमकी दी। मामले की विवेचना सीओ शिवराज सिंह राणा ने की। विवेचना के बाद आरोपी जेसीबी चालक के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया गया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने कई गवाह परीक्षित कराए।
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मंगलवार को न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए आरोपी रणवीर कंडारी को आईपीसी की धारा 324 का दोषी पाते हुए तीन साल के सश्रम कैद की सजा सुनाई। आईपीसी की धारा 307 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3 (1) (द), 3 (2) (वी), 3 (2) (वी क) से दोषमुक्त किया। न्यायालय ने दोषी को धारा 3 (1) (घ) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अधिनियम के अधीन आरोपित अपराध में दोषी पाते हुए छह माह का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने कहा कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। आरोपी की जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। न्यायालय ने जिला विधिक प्राधिकरण से पीड़ित को विधि के अनुसार प्रतिकर दिलाने का आदेश भी दिया है।


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