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Bageshwar News: कागजों में सिमटी निजी स्कूलों के सिंडिकेट की जांच
Mon, 13 Apr 2026 11:06 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:06 PM IST
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बागेश्वर। निजी स्कूलों की मनमानी और ऊंचे दामों पर किताबें-वर्दी बेचने के खेल पर अंकुश के प्रशासनिक दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। जन आक्रोश और खबरों के प्रकाशन के बाद प्रशासन ने जांच समिति का गठन तो किया लेकिन तय समय सीमा के बाद भी रिपोर्ट का अता-पता नहीं है। जांच के इंतजार में अधिकांश अभिभावक महंगे दामों पर किताबें खरीदने को मजबूर हो चुके हैं।
बीते दिनों निजी स्कूलों की ओर से एनसीईआरटी की किताबों को दरकिनार कर निजी प्रकाशन की किताबें मंगाना, तय दुकानों से ही खरीदने के दबाव की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया था। डीएम के निर्देश पर जांच समिति गठित कर नौ अप्रैल तक रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए थे। आज चार दिन अतिरिक्त बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट डीएम कार्यालय तक नहीं पहुंच सकी है।
प्रशासनिक सुस्ती का फायदा निजी स्कूलों और उनके अधिकृत पुस्तक विक्रेताओं को मिला है। जांच रिपोर्ट आने और कार्रवाई की उम्मीद में बैठे अभिभावकों ने अंततः हार मानकर स्कूलों के बताए केंद्रों से ही महंगी खरीदारी कर ली है। अभिभावकों का कहना है कि जब नए सत्र की किताबें खरीदी जा चुकी हैं तो अब जांच रिपोर्ट आने का क्या औचित्य रह जाएगा।
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.....कोट
निजी स्कूलों के संबंध में जांच प्रक्रिया गतिमान है। पिछले दिनों सरकारी छुट्टियां अधिक होने से स्कूल बंद रहे जिससे कुछ साक्ष्य और जानकारी जुटाने में समय लगा। जांच पूरी हो चुकी है और आगामी बुधवार तक हर हाल में रिपोर्ट डीएम कार्यालय को सौंप दी जाएगी।
-कमलेश्वरी मेहता, बीईओ, गरुड़ और जांच अधिकारी
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बीते दिनों निजी स्कूलों की ओर से एनसीईआरटी की किताबों को दरकिनार कर निजी प्रकाशन की किताबें मंगाना, तय दुकानों से ही खरीदने के दबाव की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया था। डीएम के निर्देश पर जांच समिति गठित कर नौ अप्रैल तक रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए थे। आज चार दिन अतिरिक्त बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट डीएम कार्यालय तक नहीं पहुंच सकी है।
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प्रशासनिक सुस्ती का फायदा निजी स्कूलों और उनके अधिकृत पुस्तक विक्रेताओं को मिला है। जांच रिपोर्ट आने और कार्रवाई की उम्मीद में बैठे अभिभावकों ने अंततः हार मानकर स्कूलों के बताए केंद्रों से ही महंगी खरीदारी कर ली है। अभिभावकों का कहना है कि जब नए सत्र की किताबें खरीदी जा चुकी हैं तो अब जांच रिपोर्ट आने का क्या औचित्य रह जाएगा।
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निजी स्कूलों के संबंध में जांच प्रक्रिया गतिमान है। पिछले दिनों सरकारी छुट्टियां अधिक होने से स्कूल बंद रहे जिससे कुछ साक्ष्य और जानकारी जुटाने में समय लगा। जांच पूरी हो चुकी है और आगामी बुधवार तक हर हाल में रिपोर्ट डीएम कार्यालय को सौंप दी जाएगी।
-कमलेश्वरी मेहता, बीईओ, गरुड़ और जांच अधिकारी