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मलबे से मकान टूटने का खतरा

Sun, 17 Jul 2016 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Sun, 17 Jul 2016 11:57 PM IST
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Houses from the threat of demolition debris
मलबे से मकान टूटने का खतरा - फोटो : अमर उजाला

बागेश्वर। बागेश्वर जिले में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से नायल गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि भूस्खलन से आधा दर्जन मकानों को खतरा पैदा हो गया है। लगातार बारिश के कारण मलबा आने से 11 ग्रामीण सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। तीन दिन से बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

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शनिवार की रात बागेश्वर में 120 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। जिले की सरयू, गोमती व पिंडर नदियां उफान पर हैं। शनिवार की रात की बारिश से बागेश्वर के थोनाई में मोहन चंद्र लोहनी के मकान के पीछे स्लाइड आ गया।  इससे मकान को खतरा पैदा हो गया है। मोहन चंद्र ने अपने भाई मनोज लोहनी के मकान में शरण ली है। बारिश से नदी गांव में मोहन भट्ट के मकान की आंगन की दीवार ध्वस्त हो गई।
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इससे मकान को खतरा पैदा हो गया है। नायल चमोली गांव निवासी गोपुली देवी पत्नी हयात सिंह का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि डिगरा गांव के मोहन चंद्र पुत्र मथुरा दत्त के आंगन की दीवार ध्वस्त हो गई। जौलकांडे में ख्याली राम पुत्र गौर राम के आंगन की सुरक्षा दीवार ढह गई।
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बारिश से कपकोट के सोराग गांव में काफी नुकसान हुआ है। तल्ला गांव में भू-कटाव के कारण कई खेत बह गए हैं। सड़क का कुछ हिस्सा भी मलबे के साथ बह गया। उंगिया गांव में सड़क से नीचे निकले नाले से अनरखोला तोक के आवासीय भवनों को खतरा पैदा हो गया है।

लकड़ी से बनाया गया अस्थाई लकड़ी का पुल बहने से बच्चों के स्कूल जाने के लिए भी सुरक्षित साधन नहीं है। हुकुम सिंह व सूप राम के मकानों के पीछे मलबा आ गया है। देव सिंह के मकान के आगे आंगन धंसने से मकान में दरारें आ गई हैं। कांडा के राइंका बाजीरौट के समीप एक पेड़ सड़क पर गिर गया। लगातार हो रही बारिश से जनपद की ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का बुरा हाल है।

भनार-लाथी-नामती चेटाबगढ़, रिखाड़ी-बाछम, कपकोट-कर्मी, शामा-नौकोड़ी, बैड़ा-मझेड़ा, कन्यालीकोट-जगथाना, हरसिला-पुडकुनी, भानी-रीठाबगढ़- हरसिंग्याबगढ़ विनायक, शामा-तेजम, कंधार-रीठा तल्ला परकोटी, हरिनगरी -कुलांऊ -ग्वालदम मोटर मार्ग आवाजाही के लिए बंद पड़े हैं। बालीघाट-रीमा मोटरमार्ग में मलबा आने से रविवार को वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकी।


चौसाली गांव के प्रधान तिलक गोस्वामी ने बताया कि सड़क के बंद होने से तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को भी दिन में रुक-रुक कर बारिश होती रही। शाम को चार बजे से वर्षा का क्रम रुकने के बाद लोगों ने राहत महसूस की। शनिवार की रात बागेश्वर में 120 एमएम, गरुड़ में 80 एमएम जबकि कपकोट में 82.50 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। 

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