{"_id":"621687966d0b760f3f67ea89","slug":"hot-mix-delayed-from-seven-years-bageshwar-news-hld454581556","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात साल से त्यूनरा बाईपास को डामरीकरण का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात साल से त्यूनरा बाईपास को डामरीकरण का इंतजार
विज्ञापन
बागेश्वर के त्यूनरा बाईपास की ऐसी हो गई है हालत। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। नगर में वाहनों का भार कम करने और कफलखेत, मजियाखेत, बड़ेत, पालनीकोट, भटखोला, त्यूनरा आदि क्षेत्र के लोगों को सड़क की सुविधा देने के लिए करीब सात साल पहले त्यूनरा गधेरे के पास से त्यूनरा बाईपास का निर्माण किया गया था लेकिन आज तक यह सड़क पक्की नहीं हो पाई है। सड़क पर पड़े गड्ढों में वाहन फंस रहे हैं। हादसों का खतरा बना हुआ है।
बागेश्वर-ताकुला-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के त्यूनरा गधेरे से राजकीय इंटर कॉलेज बागेश्वर तक 1.8 किमी लंबी सड़क बनी हुई है। इस सड़क में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। सुरक्षा दीवार न होने से भूस्खलन हो रहा है। इलाके के लोग लंबे समय से सड़क पर डामरीकरण की मांग कर रहे हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग ने आज तक इस सड़क की सुध नहीं ली है। हालांकि इन दिनों लोनिवि सड़क पर सोलिंग का काम करा रहा है।
बागेश्वर की पूर्व कनिष्ठ प्रमुख और मजियाखेत निवासी सुनीता टम्टा कहती हैं कि सड़क पर बने गड्ढों में वाहन फंस रहे हैं। वाहन फंसने से सड़क बंद हो जाती है। लोनिवि सड़क की कतई देखरेख नहीं कर रहा है। न सड़क में डामरीकरण ही किया जा रहा है। सड़क पर वाहन फंसने पर नगरपालिका की जेसीबी मंगाकर सड़क पर यातायात बहाल किया जाता है। कीचड़ से सनी सड़क में दोपहिया वाहन रपट रहे हैं।
विज्ञापन
करीब सात साल पहले सड़क का निर्माण हो गया था। सड़क आज भी कच्ची है। इससे तमाम गांवों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बसंत बल्लभ पांडेय
त्यूनरा बाईपास का कोई लाभ इलाके के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। सड़क पर डामरीकरण न होने से सड़क कीचड़ से सन गई है। सड़क की दुर्दशा है। गड्ढों में वाहन फंस रहे हैं।
रणजीत प्रसाद निवासी
सड़क कच्ची होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर सुरक्षा दीवार तक नहीं बनाई गई हैं। इससे भूस्खलन हो रहा है। सड़क पर तत्काल डामर होना चाहिए।
कविता टम्टा
त्यूनरा बाईपास में जीआईसी की ओर सोलिंग का कार्य शुरू करा दिया गया है। दीवारों का भी निर्माण होगा। बरसात तक यह काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद डामरीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
बिजेंद्र सिंह महरा, एई लोनिवि
विज्ञापन
बागेश्वर-ताकुला-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के त्यूनरा गधेरे से राजकीय इंटर कॉलेज बागेश्वर तक 1.8 किमी लंबी सड़क बनी हुई है। इस सड़क में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। सुरक्षा दीवार न होने से भूस्खलन हो रहा है। इलाके के लोग लंबे समय से सड़क पर डामरीकरण की मांग कर रहे हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग ने आज तक इस सड़क की सुध नहीं ली है। हालांकि इन दिनों लोनिवि सड़क पर सोलिंग का काम करा रहा है।
विज्ञापन
बागेश्वर की पूर्व कनिष्ठ प्रमुख और मजियाखेत निवासी सुनीता टम्टा कहती हैं कि सड़क पर बने गड्ढों में वाहन फंस रहे हैं। वाहन फंसने से सड़क बंद हो जाती है। लोनिवि सड़क की कतई देखरेख नहीं कर रहा है। न सड़क में डामरीकरण ही किया जा रहा है। सड़क पर वाहन फंसने पर नगरपालिका की जेसीबी मंगाकर सड़क पर यातायात बहाल किया जाता है। कीचड़ से सनी सड़क में दोपहिया वाहन रपट रहे हैं।
विज्ञापन
करीब सात साल पहले सड़क का निर्माण हो गया था। सड़क आज भी कच्ची है। इससे तमाम गांवों के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बसंत बल्लभ पांडेय
त्यूनरा बाईपास का कोई लाभ इलाके के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। सड़क पर डामरीकरण न होने से सड़क कीचड़ से सन गई है। सड़क की दुर्दशा है। गड्ढों में वाहन फंस रहे हैं।
रणजीत प्रसाद निवासी
सड़क कच्ची होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर सुरक्षा दीवार तक नहीं बनाई गई हैं। इससे भूस्खलन हो रहा है। सड़क पर तत्काल डामर होना चाहिए।
कविता टम्टा
त्यूनरा बाईपास में जीआईसी की ओर सोलिंग का कार्य शुरू करा दिया गया है। दीवारों का भी निर्माण होगा। बरसात तक यह काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद डामरीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
बिजेंद्र सिंह महरा, एई लोनिवि