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अब मुनार, रिखाड़ी, शामा क्षेत्र में बरसे बादल, हर तरफ तबाही का मंजर
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बागेश्वर के मुनार में सड़क पर बह रहे नाले से लोगों को पार कराते विधायक सुरेश गढ़िया। संवाद न्यूज ?
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर/गरुड़। शुक्रवार की रात कपकोट के मुनार, रिखाड़ी, शामा क्षेत्र में बारिश ने फिर कहर बरपाया। गर्जना के बाद बादल बरसे तो लोगों ने समझा बादल फट गया। लोग सहम गए। रिखाड़ी और मुनार में तीन पैदल पुलिया ध्वस्त होने से आवाजाही ठप हो गई है। दो घराट बह गए हैं। मुनार और रिखाड़ी में घरों, दुकानों में मलबा घुस गया है। सड़क पर बोल्डर, मलबा पटने से कई वाहन फंस गए हैं। शामा और रिखाड़ी में सड़कें क्षतिग्रस्त होने से दर्जनों गांवों की आवाजाही बाधित हो गई है।
रिखाड़ी के प्राइमरी स्कूल साथ ही जूनियर हाईस्कूल को जोड़ने वाली पुलिया ध्वस्त हो गई। मुनार की आवासीय बस्ती को जोड़ने वाली पुलिया भी ध्वस्त हो गई है। प्राथमिक पाठशाला में मलबा घुस गया है। लोग जान जोखिम में डालकर नाले, गधेरों से आवाजाही कर रहे हैं। रिखाड़ी निवासी जगत सिंह टाकुली ने बताया कि रिखाड़ी में दीवान राम और केशर सिंह के घराट ध्वस्त हो गए हैं। धुरकोट में दो महिला स्नानागार क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूस्खलन से मल्ला रिखाड़ी के लिए खतरा पैदा हो गया है। तल्ला रिखाड़ी में कई मकान और दुकानों में मलबा घुस गया है।
शामा बाजार के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने से शामा, लीती, कालापैरकापड़ी, रातिरकेटी, मल्खाडुंगर्चा, गोगिना, उलानीधार, कीमू के साथ ही पिथौरागढ़ जिले के नामिक की आवाजाही ठप हो गई है। आवाजाही ठप होने से नौ गांवों के लोगों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। सूपी मोटर मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। भकुना में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से भू कटाव हो रहा है। सिंचाई विभाग की सुरक्षा दीवार बह गई है। भकुना और काला पैर कापड़ी की पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई है। नरगड़ा को जाने वाला रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। सूपी में मोटर मार्ग ध्वस्त हो गया है।
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बाधित हुई पढ़ाई
बागेश्वर। बारिश का असर स्कूलों की पढ़ाई पर भी पड़ा है। कपकोट के रिखाड़ी में प्राथमिक पाठशाला और जूनियर हाईस्कूल को जोड़ने वाली पुलिया बहने से आवागमन में दिक्कत आ गई है। रिखाड़ी के प्राथमिक पाठशाला में मलबा घुस गया है। सड़क बंद होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शामा-रमाड़ी मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त होने से शनिवार को विद्यार्थियों को स्कूल जाने के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ा। संवाद
कहां कितनी बारिश (मिमी में)
कपकोट 70
बागेश्वर 37
गरुड़ 38
अल्मोड़ा में 18.4
रानीखेत में 9.0
द्वाराहाट 3.0
चौखुटिया 12.0
सोमेश्वर में 43.0 मिमी
भिकियासैंण 8.0 मिमी,
लीती 237
शामा 185.5
सौंग-मुनार 124.5
नदियों का जलस्तर बढ़ा
बारिश से सरयू और गोमती नदी उफान पर हैं। शनिवार को सरयू का जलस्तर 867.20 मीटर और गोमती का जलस्तर 863.90 मीटर था। दोनों नदियों का चेतावनी स्तर 869.70 मीटर और खतरनाक स्तर 870.70 मीटर है। सरयू के उफान पर आने से बागेश्वर में बागनाथ मंदिर के पास तक नदी का पानी पहुंच गया था। सरयू घाट जलमग्न हो गया था। सरयू के बढ़े जलस्तर से नदी के किनारे रहने वाले लोग रतजगा करने को मजबूर हो गए हैं।
नौ दिन में तीसरी बार अतिवृष्टि
बागेश्वर। बागेश्वर में पिछले नौ दिन में तीन बार अतिवृष्टि हो चुकी है। 29 जून को कपकोट के असों, बसकूना, गडेरा, खडगेड़ा, नरगड़ा और सीमा क्षेत्र में तबाही मची थी। छह जुलाई की रात गरुड़ ब्लॉक के लाहुरघाटी में अतिवृष्टि से जखेड़ा, लमचूला, गनीगांव, भगदानू, सुराग, परकोटी में नुकसान हुआ था।
विधायक और एसडीएम पहुंचे आपदा प्रभावित क्षेत्र
बागेश्वर। कपकोट के विधायक सुरेश गढ़िया ने अतिवृष्टि से मुनार में हुए नुकसान का जायजा लिया। कपकोट के एसडीएम पारतोष वर्मा और तहसीलदार पूजा शर्मा ने रिखाड़ी क्षेत्र में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लिया।
बागेश्वर में 12 सड़कें बंद, दो मकान क्षतिग्रस्त
बागेश्वर। बारिश से जिले की 34 सड़कों पर यातायात ठप हो गया था। 22 सड़कों को संबंधित विभागों ने जेसीबी की मदद से खोल दिया। 12 सड़कों पर अब भी यातायात ठप है। कांडा तहसील के कांडेकन्याल निवासी कुंती देवी और काफलीगैर तहसील के करालापालड़ी निवासी मोहन सिंह के मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
बागेश्वर में यहां यातायात ठप
थुनाई-मिहिनियां, कपकोट-पिंडारी, असों-बसकूना, असों-दोफाड़, कपकोट-पोलिंग-गैरखेत, कमेड़ीदेवी-स्यांकोट, दूणी-सुकंडा, शामा-नौकोड़ी, कर्मी-बदियाकोट, मुनार बैंड-सूपी, डाकघट-लमचूला और कपकोट-कर्मी।
बिजली और पानी का संकट गहराया
बागेश्वर। गरुड़ के छह गांव और कपकोट के दो गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। लाहुरघाटी में बिजली के पोल बह गए हैं। जखेड़ा, गनीगांव, लमचूला सहित छह गांवों, कपकोट के नानी किरौली, फरसाल, काफलीगैर में भी बिजली आपूर्ति बाधित है। नैकानाखुमटिया, कालारौबैगांव, कालापैरकापड़ी में पेयजल आपूर्ति ठप है। संवाद
कोट
बारिश से बंद हुई सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। बिजली और पानी की क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत भी चल रही है। राजस्व विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने में जुटी है।
-शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बागेश्वर
अल्मोड़ा में दो ग्रामीण सड़कें बंद
अल्मोड़ा। मलबा आने से जिले के दो ग्रामीण मोटर मार्ग बंद है। सड़क बंद होने से यातायात ठप है।
आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक पैसिया मल्ला तड़कोट, थला-भ्याड़ी मोटर मार्ग बंद है। प्रशासन ने जेसीबी भेजकर गोलूछीना-श्रीखेत, कुवाली-सूत्रगांव, दसोला-मिल्टा, बलमारा-तल्ली चनोली, देघाट-चिंतोली मोटर मार्ग को खोल दिया है। कोसी बैराज का जल स्तर 1133.50 एम, रामगंगा का जल स्तर 921.750 एम रहा।
सोमेश्वर की कई सड़कें बनी तालाब
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। बारिश से सड़क सोमेश्वर तहसील की कई सड़के तालाब बन गईं। सोमेश्वर-कौसानी मोटर मार्ग, मनान मोटर मार्ग, चनौदा मोटर मार्गों में बने गड्ढों में पानी भर गया। इससे सड़कें तालाब बन गईं।
भिकियासैंण में भी जलभराव
भिकियासैंण। पुरानी बाजार की सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर गया है। रामनगर-बदरीनाथ मुख्य मोटर मार्ग के सिनार तिराहे से लेकर पुलिस चौकी के बीच सड़क में भी बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
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रिखाड़ी के प्राइमरी स्कूल साथ ही जूनियर हाईस्कूल को जोड़ने वाली पुलिया ध्वस्त हो गई। मुनार की आवासीय बस्ती को जोड़ने वाली पुलिया भी ध्वस्त हो गई है। प्राथमिक पाठशाला में मलबा घुस गया है। लोग जान जोखिम में डालकर नाले, गधेरों से आवाजाही कर रहे हैं। रिखाड़ी निवासी जगत सिंह टाकुली ने बताया कि रिखाड़ी में दीवान राम और केशर सिंह के घराट ध्वस्त हो गए हैं। धुरकोट में दो महिला स्नानागार क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूस्खलन से मल्ला रिखाड़ी के लिए खतरा पैदा हो गया है। तल्ला रिखाड़ी में कई मकान और दुकानों में मलबा घुस गया है।
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शामा बाजार के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने से शामा, लीती, कालापैरकापड़ी, रातिरकेटी, मल्खाडुंगर्चा, गोगिना, उलानीधार, कीमू के साथ ही पिथौरागढ़ जिले के नामिक की आवाजाही ठप हो गई है। आवाजाही ठप होने से नौ गांवों के लोगों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। सूपी मोटर मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। भकुना में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से भू कटाव हो रहा है। सिंचाई विभाग की सुरक्षा दीवार बह गई है। भकुना और काला पैर कापड़ी की पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई है। नरगड़ा को जाने वाला रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। सूपी में मोटर मार्ग ध्वस्त हो गया है।
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बाधित हुई पढ़ाई
बागेश्वर। बारिश का असर स्कूलों की पढ़ाई पर भी पड़ा है। कपकोट के रिखाड़ी में प्राथमिक पाठशाला और जूनियर हाईस्कूल को जोड़ने वाली पुलिया बहने से आवागमन में दिक्कत आ गई है। रिखाड़ी के प्राथमिक पाठशाला में मलबा घुस गया है। सड़क बंद होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शामा-रमाड़ी मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त होने से शनिवार को विद्यार्थियों को स्कूल जाने के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ा। संवाद
कहां कितनी बारिश (मिमी में)
कपकोट 70
बागेश्वर 37
गरुड़ 38
अल्मोड़ा में 18.4
रानीखेत में 9.0
द्वाराहाट 3.0
चौखुटिया 12.0
सोमेश्वर में 43.0 मिमी
भिकियासैंण 8.0 मिमी,
लीती 237
शामा 185.5
सौंग-मुनार 124.5
नदियों का जलस्तर बढ़ा
बारिश से सरयू और गोमती नदी उफान पर हैं। शनिवार को सरयू का जलस्तर 867.20 मीटर और गोमती का जलस्तर 863.90 मीटर था। दोनों नदियों का चेतावनी स्तर 869.70 मीटर और खतरनाक स्तर 870.70 मीटर है। सरयू के उफान पर आने से बागेश्वर में बागनाथ मंदिर के पास तक नदी का पानी पहुंच गया था। सरयू घाट जलमग्न हो गया था। सरयू के बढ़े जलस्तर से नदी के किनारे रहने वाले लोग रतजगा करने को मजबूर हो गए हैं।
नौ दिन में तीसरी बार अतिवृष्टि
बागेश्वर। बागेश्वर में पिछले नौ दिन में तीन बार अतिवृष्टि हो चुकी है। 29 जून को कपकोट के असों, बसकूना, गडेरा, खडगेड़ा, नरगड़ा और सीमा क्षेत्र में तबाही मची थी। छह जुलाई की रात गरुड़ ब्लॉक के लाहुरघाटी में अतिवृष्टि से जखेड़ा, लमचूला, गनीगांव, भगदानू, सुराग, परकोटी में नुकसान हुआ था।
विधायक और एसडीएम पहुंचे आपदा प्रभावित क्षेत्र
बागेश्वर। कपकोट के विधायक सुरेश गढ़िया ने अतिवृष्टि से मुनार में हुए नुकसान का जायजा लिया। कपकोट के एसडीएम पारतोष वर्मा और तहसीलदार पूजा शर्मा ने रिखाड़ी क्षेत्र में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लिया।
बागेश्वर में 12 सड़कें बंद, दो मकान क्षतिग्रस्त
बागेश्वर। बारिश से जिले की 34 सड़कों पर यातायात ठप हो गया था। 22 सड़कों को संबंधित विभागों ने जेसीबी की मदद से खोल दिया। 12 सड़कों पर अब भी यातायात ठप है। कांडा तहसील के कांडेकन्याल निवासी कुंती देवी और काफलीगैर तहसील के करालापालड़ी निवासी मोहन सिंह के मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
बागेश्वर में यहां यातायात ठप
थुनाई-मिहिनियां, कपकोट-पिंडारी, असों-बसकूना, असों-दोफाड़, कपकोट-पोलिंग-गैरखेत, कमेड़ीदेवी-स्यांकोट, दूणी-सुकंडा, शामा-नौकोड़ी, कर्मी-बदियाकोट, मुनार बैंड-सूपी, डाकघट-लमचूला और कपकोट-कर्मी।
बिजली और पानी का संकट गहराया
बागेश्वर। गरुड़ के छह गांव और कपकोट के दो गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। लाहुरघाटी में बिजली के पोल बह गए हैं। जखेड़ा, गनीगांव, लमचूला सहित छह गांवों, कपकोट के नानी किरौली, फरसाल, काफलीगैर में भी बिजली आपूर्ति बाधित है। नैकानाखुमटिया, कालारौबैगांव, कालापैरकापड़ी में पेयजल आपूर्ति ठप है। संवाद
कोट
बारिश से बंद हुई सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। बिजली और पानी की क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत भी चल रही है। राजस्व विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने में जुटी है।
-शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बागेश्वर
अल्मोड़ा में दो ग्रामीण सड़कें बंद
अल्मोड़ा। मलबा आने से जिले के दो ग्रामीण मोटर मार्ग बंद है। सड़क बंद होने से यातायात ठप है।
आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक पैसिया मल्ला तड़कोट, थला-भ्याड़ी मोटर मार्ग बंद है। प्रशासन ने जेसीबी भेजकर गोलूछीना-श्रीखेत, कुवाली-सूत्रगांव, दसोला-मिल्टा, बलमारा-तल्ली चनोली, देघाट-चिंतोली मोटर मार्ग को खोल दिया है। कोसी बैराज का जल स्तर 1133.50 एम, रामगंगा का जल स्तर 921.750 एम रहा।
सोमेश्वर की कई सड़कें बनी तालाब
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। बारिश से सड़क सोमेश्वर तहसील की कई सड़के तालाब बन गईं। सोमेश्वर-कौसानी मोटर मार्ग, मनान मोटर मार्ग, चनौदा मोटर मार्गों में बने गड्ढों में पानी भर गया। इससे सड़कें तालाब बन गईं।
भिकियासैंण में भी जलभराव
भिकियासैंण। पुरानी बाजार की सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर गया है। रामनगर-बदरीनाथ मुख्य मोटर मार्ग के सिनार तिराहे से लेकर पुलिस चौकी के बीच सड़क में भी बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।

बागेश्वर के शामा-रमाड़ी सड़क पर मलबे से गुजरती छात्राएं और अन्य। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर के रिखाड़ी में दरकी सड़क, सड़क पर गिरे बोल्डर। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

दुश्वारी:बागेश्वर के मुनार में बोल्डरों से पटी सड़क। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR