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जगह-जगह से उखड़ गया गोमती पुल का हॉटमिक्स
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Sat, 24 Dec 2016 11:00 PM IST
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गोमती पर पुल
- फोटो : amar ujala
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एनएच पर स्थित गोमती पुल में किया गया प्रयोग असफल रहा। पुल के ऊपर किया गया हॉटमिक्स जगह-जगह से उखड़ गया है। पुल के ऊपर डामर में चार इंच चौड़ी दरारें पड़ गई हैं। पुल में लोहे के फर्श के ऊपर टुकड़ों में तब्दील हो चुकी डामर की सिल्लियों को यदि हटाया नहीं गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि विभाग द्वारा अब पुल के ऊपर मैस्टिक एस्पार्ट तकनीक से फर्श तैयार करने की बात कही जा रही है।
मालूम हो कि एनएच में स्थित सरयू और गोमती पुल का कुछ माह पूर्व सुधार किया गया था। जर्जर हाल हो चुके पुल के फर्श को तोड़कर इसके स्थान पर विभाग ने लोहे की चादरों का फर्श तैयार किया था। एनएच ने लोहे की प्लेटों के ऊपर हॉटमिक्स कर दिया था। परंतु चार माह में ही डामर में दरारें पड़ने लगी थी। इसके बाद एनएच विभाग ने गोमती पुल में दरारों को ढकने के लिए डामर की एक और लेयर चढ़ाई। लेकिन इस परत में एक माह के भीतर ही दरारें आ गईं जो पुल के फर्श से अलग हो गई। इस समय पुल के फर्श में दरारें ही दरारें पड़ी हुई हैं। वाहनों के दबाव से डामर की सिल्लियां खिसककर पानी में गिर रही हैं।
बड़े वाहनों की आवाजाही के समय राहगीरों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। यदि विभाग ने शीघ्र खतरा बनी डामर की इन सिल्लियों को साफ नहीं किया तो किसी के साथ ही गंभीर हादसा हो सकता है। एनएच के एई ने बताया कि पुल में सुधारीकरण के बाद यह हॉटमिक्स अस्थायी तौर पर किया गया था। अब पुल के ऊपर मैस्टिक एस्पार्ट तकनीक से फर्श तैयार किया जाएगा। इसके बाद पुल में दरार पड़ने की यह समस्या नहीं रहेगी।
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मालूम हो कि एनएच में स्थित सरयू और गोमती पुल का कुछ माह पूर्व सुधार किया गया था। जर्जर हाल हो चुके पुल के फर्श को तोड़कर इसके स्थान पर विभाग ने लोहे की चादरों का फर्श तैयार किया था। एनएच ने लोहे की प्लेटों के ऊपर हॉटमिक्स कर दिया था। परंतु चार माह में ही डामर में दरारें पड़ने लगी थी। इसके बाद एनएच विभाग ने गोमती पुल में दरारों को ढकने के लिए डामर की एक और लेयर चढ़ाई। लेकिन इस परत में एक माह के भीतर ही दरारें आ गईं जो पुल के फर्श से अलग हो गई। इस समय पुल के फर्श में दरारें ही दरारें पड़ी हुई हैं। वाहनों के दबाव से डामर की सिल्लियां खिसककर पानी में गिर रही हैं।
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बड़े वाहनों की आवाजाही के समय राहगीरों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। यदि विभाग ने शीघ्र खतरा बनी डामर की इन सिल्लियों को साफ नहीं किया तो किसी के साथ ही गंभीर हादसा हो सकता है। एनएच के एई ने बताया कि पुल में सुधारीकरण के बाद यह हॉटमिक्स अस्थायी तौर पर किया गया था। अब पुल के ऊपर मैस्टिक एस्पार्ट तकनीक से फर्श तैयार किया जाएगा। इसके बाद पुल में दरार पड़ने की यह समस्या नहीं रहेगी।
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