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Bageshwar News: मां का शव और बदहवास भाई को देख जार-जार रोया गणेश
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पवन से कुछ बोल तो नहीं पाया पर झर-झर बहनें लगीं अश्रुधारा, अस्पताल में अनजान लोगों ने दी सांत्वना
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। एक ओर मोर्चरी में रखा मां का शव और दूसरी तरफ जिला अस्पताल के बेड पर बदहवास पड़ा भाई, यह मंजर कठोर हृदय वाला भी देखेगा तो रो उठेगा। 22 साल के गणेश ने जब यह दृश्य देखा तो वह फूट-फूटकर रोने लगा। रिश्तेदार उसे सांत्वना दे रहे थे लेकिन उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। हालात यह हो गए कि अस्पताल में जांच कराने आए अनजान लोग भी उसके आंसू पोंछने में लग गए।
अतिवृष्टि में माता-पिता को खोने वाला गणेश अपने रिश्तेदारों के साथ 11 बजे जिला अस्पताल पहुंचा। सबसे पहले वह अपने भाई पवन से मिलने गया। उसने बेड में लेटे पवन को गले लगाया और फफककर रोने लगा। पवन अपने भाई से भी कुछ नहीं बोल सका, अलबत्ता उसकी आंखें भी भर आईं।
दोनों भाइयों में कोई कुछ नहीं बोल सका, बस आंखों से झर-झर बहते आंसू ही हालात की कहानी बयां कर रहे थे। भाई से मिलने के बाद वह सीधे मोर्चरी में पहुंचा जहां मां का शव देखकर वह पूरी तरह से टूट गया। मोर्चरी के बाहर आकर वह बेसुध सा होकर दीवार की टेक लगकर रोने लगा।
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इस दौरान अस्पताल में एक नेपाली मूल के आदमी का शव भी पोस्टमार्टम के लिए लाया गया था। गणेश की हालत देखकर मृतक नेपाली की पत्नी भी अपना दुख भूलकर उसे पानी पिलाकर सांत्वना देने लग गई। वहां मौजूद कुछ मरीज और गणेश के रिश्तेदार भी उसे सांत्वना देकर चुप कराने का प्रयास करते दिखे।
बहन और बुआ को देखकर भी नहीं निकले पवन के बोल
आधी रात माता-पिता, भाई को खोने के बाद से गुमसुम पवन की बहनें और बुआ शनिवार को उससे मिलने जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने भी पवन से बातचीत करने की काफी कोशिश की लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी।
मां की मौत और भाई के लापता होने पर महेश व प्रकाश को लगा गहरा सदमा
मां बचुली देवी की मौत और भाई पूरन चंद्र के लापता होने का महेश चंद्र व प्रकाश चंद्र को भी गहरा सदमा लगा है। मेरठ में प्राइवेट नौकरी करने वाले प्रकाश और चंडीगढ़ में निजी कंपनी में कार्यरत महेश शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे तो उनकी आंखों के आंसू भी नहीं थम रहे थे। हालांकि दोनों ने किसी तरह से खुद को संभाला।
फोटो 30 बीजीएस 18 पी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। एक ओर मोर्चरी में रखा मां का शव और दूसरी तरफ जिला अस्पताल के बेड पर बदहवास पड़ा भाई, यह मंजर कठोर हृदय वाला भी देखेगा तो रो उठेगा। 22 साल के गणेश ने जब यह दृश्य देखा तो वह फूट-फूटकर रोने लगा। रिश्तेदार उसे सांत्वना दे रहे थे लेकिन उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। हालात यह हो गए कि अस्पताल में जांच कराने आए अनजान लोग भी उसके आंसू पोंछने में लग गए।
अतिवृष्टि में माता-पिता को खोने वाला गणेश अपने रिश्तेदारों के साथ 11 बजे जिला अस्पताल पहुंचा। सबसे पहले वह अपने भाई पवन से मिलने गया। उसने बेड में लेटे पवन को गले लगाया और फफककर रोने लगा। पवन अपने भाई से भी कुछ नहीं बोल सका, अलबत्ता उसकी आंखें भी भर आईं।
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दोनों भाइयों में कोई कुछ नहीं बोल सका, बस आंखों से झर-झर बहते आंसू ही हालात की कहानी बयां कर रहे थे। भाई से मिलने के बाद वह सीधे मोर्चरी में पहुंचा जहां मां का शव देखकर वह पूरी तरह से टूट गया। मोर्चरी के बाहर आकर वह बेसुध सा होकर दीवार की टेक लगकर रोने लगा।
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इस दौरान अस्पताल में एक नेपाली मूल के आदमी का शव भी पोस्टमार्टम के लिए लाया गया था। गणेश की हालत देखकर मृतक नेपाली की पत्नी भी अपना दुख भूलकर उसे पानी पिलाकर सांत्वना देने लग गई। वहां मौजूद कुछ मरीज और गणेश के रिश्तेदार भी उसे सांत्वना देकर चुप कराने का प्रयास करते दिखे।
बहन और बुआ को देखकर भी नहीं निकले पवन के बोल
आधी रात माता-पिता, भाई को खोने के बाद से गुमसुम पवन की बहनें और बुआ शनिवार को उससे मिलने जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने भी पवन से बातचीत करने की काफी कोशिश की लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी।
मां की मौत और भाई के लापता होने पर महेश व प्रकाश को लगा गहरा सदमा
मां बचुली देवी की मौत और भाई पूरन चंद्र के लापता होने का महेश चंद्र व प्रकाश चंद्र को भी गहरा सदमा लगा है। मेरठ में प्राइवेट नौकरी करने वाले प्रकाश और चंडीगढ़ में निजी कंपनी में कार्यरत महेश शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे तो उनकी आंखों के आंसू भी नहीं थम रहे थे। हालांकि दोनों ने किसी तरह से खुद को संभाला।
फोटो 30 बीजीएस 18 पी