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आशाओं को मोहरा बनाकर साइबर ठगी का प्रयास
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Fraud in Bageshwar
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बागेश्वर। साइबर ठगों ने अब ठगी का नया तरीका ईजाद किया है। स्वयं को डॉक्टर बताकर आशा कार्यकर्ताओं से नवजात बच्चों की डिटेल लेने की कोशिश की जा रही है।
सहायता देने के नाम पर बैंक खाता और आधार नंबर लेने का प्रयास किया जा रहा है। एक ऐसा ही कॉल पचार की आशा के फोन पर आया। आशा कार्यकर्ता ठग के झांसे में आ भी गई लेकिन बाद में शक होने पर उन्होंने लोगों को सजग कर दिया।
पचार की आशा कार्यकर्ता दया पांडेय के मोबाइल नंबर पर रविवार दोपहर 12 बजे 7250373798 नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को देहरादून का डॉ. सुशील बताया। वर्ष 2020-21 में पैदा बच्चों की डिटेल मांगी।
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उनके माता-पिता का नाम, बच्चे का वजन, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि आदि पूछी। आशा से कहा गया कि ऐसे बच्चों के माता के खाते में छह हजार रुपये डाले जाएंगे।
इसकी जानकारी उन्हें दे दो। पूरी डिटेल देने के बाद आशा कार्यकर्ता ने गांव के चारों लोगों को बता दिया कि डॉक्टर का फोन आएगा, उन लोगों को सहायता मिलेगी।
एक बार फिर ठग डॉक्टर का आशा कार्यकर्ता के पास फोन आया कि संबंधित लोगों को बता दो कि डॉक्टर साहब जो भी डिटेल मांगेंगे उन्हें दे देना। इस पर आशा कार्यकर्ता को शक हो गया।
उन्होंने फोन करने वाले से पूरी जानकारी मांगी तो वह भड़क उठा। आशा समझ गई कि यह कोई डॉक्टर नहीं बल्कि साइबर ठग है। आशा ने तुरंत गांव के चारों लोगों को डॉक्टर के फर्जी होने की बात बताई।
फोन न उठाने के लिए कहा। इस बीच डॉक्टर दो लोगों से बात भी कर चुका था। हालांकि दोनों ने उसे शाम को बैंक डिटेल देने की बात कही थी।
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सहायता देने के नाम पर बैंक खाता और आधार नंबर लेने का प्रयास किया जा रहा है। एक ऐसा ही कॉल पचार की आशा के फोन पर आया। आशा कार्यकर्ता ठग के झांसे में आ भी गई लेकिन बाद में शक होने पर उन्होंने लोगों को सजग कर दिया।
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पचार की आशा कार्यकर्ता दया पांडेय के मोबाइल नंबर पर रविवार दोपहर 12 बजे 7250373798 नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को देहरादून का डॉ. सुशील बताया। वर्ष 2020-21 में पैदा बच्चों की डिटेल मांगी।
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उनके माता-पिता का नाम, बच्चे का वजन, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि आदि पूछी। आशा से कहा गया कि ऐसे बच्चों के माता के खाते में छह हजार रुपये डाले जाएंगे।
इसकी जानकारी उन्हें दे दो। पूरी डिटेल देने के बाद आशा कार्यकर्ता ने गांव के चारों लोगों को बता दिया कि डॉक्टर का फोन आएगा, उन लोगों को सहायता मिलेगी।
एक बार फिर ठग डॉक्टर का आशा कार्यकर्ता के पास फोन आया कि संबंधित लोगों को बता दो कि डॉक्टर साहब जो भी डिटेल मांगेंगे उन्हें दे देना। इस पर आशा कार्यकर्ता को शक हो गया।
उन्होंने फोन करने वाले से पूरी जानकारी मांगी तो वह भड़क उठा। आशा समझ गई कि यह कोई डॉक्टर नहीं बल्कि साइबर ठग है। आशा ने तुरंत गांव के चारों लोगों को डॉक्टर के फर्जी होने की बात बताई।
फोन न उठाने के लिए कहा। इस बीच डॉक्टर दो लोगों से बात भी कर चुका था। हालांकि दोनों ने उसे शाम को बैंक डिटेल देने की बात कही थी।