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वनाग्नि की चपेट में बागेश्वर, कपकोट और गरुड़ के जंगल
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मानिला क्षेत्र में रात के समय जलते जंगल
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले के जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। शुक्रवार को अल्मोड़ा के सोमेश्वर से मानिला तक जंगल धधकते रहे। अकेले सोमेश्वर क्षेत्र में चार अलग- अलग स्थानों पर आग लगने से करीब 15 हेक्टेयर वन क्षेत्र जल गया। हजारों की वन संपदा का नुकसान होने के साथ ही पूरे क्षेत्र में धुंध छाई रही जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोमेश्वर के प्लयूड़ा, बैगनिया, माला क्षेत्र के जंगल में शुक्रवार सुबह से ही आग लग गई। जागेश्वर क्षेत्र में भी जंगलों को आग से नुकसान हुआ। ताकुला, बाड़ेछीना और दन्या क्षेत्र में भी जंगल जले। इधर, कठपुड़िया, दौलाघट, द्वारसों और मजखाली के जंगलों में भी आग लगी। आग से कुछ स्थानों पर चीड़ के पेड़ गिरकर सड़क पर गिरे जिससे कुछ देर यातायात भी बाधित रहा। द्वाराहाट क्षेत्र के भदौरा ग्राम सभा और बिंता, गगास वन क्षेत्र में भी आग लगी। दुनागिरी के पास स्थित पांडेखोली के जंगलों में क्षेत्र की महिलाएं आग बुझाने में जुटी रही। यहां कमला कैड़ा के नेतृत्व में कला कैड़ा, लीला रावत, उमा देवी जानकी, कुंती, देबुली, धनुली, और चंपा देवी आग बुझाने में जुटे रहे। वन क्षेत्राधिकारी नवीन टम्टा ने भी अपनी टीम के साथ आग पर काबू पाया। भदौरा गांव में महिलाओं ने एक समूह भी बनाया है जो लगातार आग बुझाकर अपने जंगलों को बचा रहा है। हवालबाग क्षेत्र में दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया। ताकुला के गड़नाथ में भी दमकल विभाग की टीम आग बुझाने के लिए पहुंची।
मानिला में भी काफी नुकसान
मानिला (अल्मोड़ा)। सल्ट के मानिला स्थित जंगलों में लगातार आग लगने का क्रम जारी है। कई पेड़ आग से जलकर गिर चुके हैं तो कई वन्य जीवों के आवास भी आग ने छीन लिए हैं। वन विभाग के कर्मचारी भी पूरी तरह से आग को काबू नहीं कर पा रहे हैं। धुएं से जहां लोगों को परेेेशानी हो रही है वहीं तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। मानिला क्षेत्र में रोजाना कोई न कोई जंगल आग की भेंट चढ़ रहा है।
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वन विभाग ने आग बुझाने की अपील की
अल्मोड़ा। जंगलों को वनाग्नि से बचाने के लिए वन विभाग लोगों को भी जागरूक कर रहा है। शुक्रवार को सिविल सोयम वन प्रभाग ने बिनसर वन्य जीव विहार में एक अग्नि सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन कर ग्रामीणों को जागरूक किया। ग्राम प्रधान कलोन चंदन सिंह मेहरा गोष्ठी में मुख्य अतिथि रहे। वन क्षेत्राधिकारी बिनसर वन्य जीव विहार आशुतोष जोशी ने अग्नि सुरक्षा के बारे में ग्रामीणों को बताया और उनसे जंगलों को आग से बचाने में सहयोग करने की अपील की। वहां पर वन दरोगा मोहन चंद्र भट्ट, नारायण नाथ के साथ ही ग्रामीण पूरन सिंह, गोपाल सिंह, हुकुम सिंह, हर्षिता, विनीता, सपना आर्या आदि थे।
जंगल में आग लगाने वाले नौ लोगों पर कार्रवाई
अल्मोड़ा। वन विभाग जंगलों की आग बुझाने के साथ ही जंगल में आग लगाने वाले लोगों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई कर रहा है। कुछ दिन पूर्व वन विभाग के कर्मचारियों को कसारदेवी क्षेत्र में जंगल में आग लगाते चार किशोर मिले। वन विभाग ने किशोरों को पकड़कर उनके परिजनों को सूचना दी और जुर्माना लगाने के बाद किशोरों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। रानीखेत के कालागढ़ रेंज में भी वन विभाग ने जंगल में आग लगा रहे पांच लोगों को पकड़कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने भी उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की। उक्त पांचों युवक क्षेत्र की नदी में दवा डालकर अवैध रूप से मछली का शिकार भी कर रहे थे।
138 घटनाओं में 199 हेक्टेयर जंगल जला
बागेश्वर। जिले के जंगलों में आग का दायरा बढ़ता जा रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर गरुड़, कपकोट, कांडा, काफलीगैर और धरमघर के जंगल धधक रहे हैं। वन विभाग आग की घटनाओं को रोक पाने में विफल साबित हो रहा है। फायर सीजन के दौरान जिले में वनाग्नि की 138 घटनाएं दर्ज हो गई हैं। आग से 199 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो गया है और 6.05 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
बृहस्पतिवार की रात को जिला मुख्यालय के नीलेश्वर की पहाड़ी पर आग लग गई। वन विभाग कार्यालय के समीप की पहाड़ी को धधकता देख विभागीय कर्मचारी मौके पर गए और आग को बुझाने का प्रयास किया। कर्मचारियों ने रात करीब 11 बजे आग पर काबू पाया। गरुड़ में वज्यूला रेंज के जंगलों में भीषण आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ। कुलाऊं, अमस्यारी सहित गढ़खेत रेंज के जंगल भी आग की चपेट मे आ गए। क्षेत्र में वनाग्नि से वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। काफलीगैर तहसील के धूराफाट क्षेत्र में भी भीषण आग लगी। जंगल की आग फैलते हुए एक निजी कंपनी के मोबाइल टावर तक जा पहुंची। ग्रामीणों ने सोशल मीडिया के माध्यम से कंपनी के कर्मचारी का नंबर मालूम किया और उसे सूचना दी। वहीं कपकोट तहसील मुख्यालय के समीप की पहाड़ी पर भी रात के समय भीषण आग लगी। काशिल देव मंदिर की पहाड़ी के अलावा कालीधार, जखेड़ी आदि स्थानों पर भी जंगल देर रात तक धधकता रहा। धरमघर रेंज के वनों में भी लगातार आग लग रही है।
भीषण वनाग्नि से जिले में पर्यावरण प्रदूषण बढ़ गया है। जिला मुख्यालय सहित अन्य स्थानों पर फैला धुुआं लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। लोगों को आंख में जलन, सांस लेने में दिक्कत और गले की खराश की शिकायत होने लगी है। बीमार और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वनाग्नि नियंत्रण के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। डीएम से बजट की मांग की गई थी, जिसे मंजूरी मिल गई है। इस राशि से आग बुझाने के नए उपकरण खरीदे जाएंगे। वनाग्नि नियंत्रण के लिए फायर वॉचरों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। -हिमांशु बागरी, डीएफओ बागेश्वर
वनाग्नि नियंत्रण के लिए 15 लाख मंजूर
बागेश्वर। जिले में वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए डीएम विनीत कुमार ने 14.95 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत राशि में 1.40 लाख रुपये जागरूकता, 2.50 लाख रुपये रिपीटर वायरलेस और 55 हजार रुपये फायर ब्लोअर खरीद में उपयोग किए जाएंगे। उन्होंने स्वीकृत राशि का उपयोग व्यय उत्तराखंड अधिप्राप्ति की नियमावली में दिए मानक और दिशा निर्देश के अनुसार करने को कहा है। संवाद
युवाओं ने बुझाई भरतकोट के जंगलों की आग
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। भरतकोट के जंगल में शुक्रवार को अचानक भयानक आग लग गई। देर शाम बिंता भतौरा के जागरूक युवाओं का दल आग बुझाने के लिए जंगल पहुंचा। हालांकि युवाओं ने लंबे संघर्ष के बाद आग बुझाने में सफलता प्राप्त की। आग बुझाने के बाद जब दल अपने ईष्ट देव गोलज्यू के दरबार उदेपुर में पहुंचे तो बारिश भी हो गई। आग बुझाने वाले दल में पूर्व सरपंच महेश कैड़ा, भतौरा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महेंद्र कैड़ा, रघुनाथ रावत, महेंद्र राम, सरपंच प्रतिनिधि ललित मोहन कैड़ा आदि थे। संवाद
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सोमेश्वर के प्लयूड़ा, बैगनिया, माला क्षेत्र के जंगल में शुक्रवार सुबह से ही आग लग गई। जागेश्वर क्षेत्र में भी जंगलों को आग से नुकसान हुआ। ताकुला, बाड़ेछीना और दन्या क्षेत्र में भी जंगल जले। इधर, कठपुड़िया, दौलाघट, द्वारसों और मजखाली के जंगलों में भी आग लगी। आग से कुछ स्थानों पर चीड़ के पेड़ गिरकर सड़क पर गिरे जिससे कुछ देर यातायात भी बाधित रहा। द्वाराहाट क्षेत्र के भदौरा ग्राम सभा और बिंता, गगास वन क्षेत्र में भी आग लगी। दुनागिरी के पास स्थित पांडेखोली के जंगलों में क्षेत्र की महिलाएं आग बुझाने में जुटी रही। यहां कमला कैड़ा के नेतृत्व में कला कैड़ा, लीला रावत, उमा देवी जानकी, कुंती, देबुली, धनुली, और चंपा देवी आग बुझाने में जुटे रहे। वन क्षेत्राधिकारी नवीन टम्टा ने भी अपनी टीम के साथ आग पर काबू पाया। भदौरा गांव में महिलाओं ने एक समूह भी बनाया है जो लगातार आग बुझाकर अपने जंगलों को बचा रहा है। हवालबाग क्षेत्र में दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया। ताकुला के गड़नाथ में भी दमकल विभाग की टीम आग बुझाने के लिए पहुंची।
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मानिला में भी काफी नुकसान
मानिला (अल्मोड़ा)। सल्ट के मानिला स्थित जंगलों में लगातार आग लगने का क्रम जारी है। कई पेड़ आग से जलकर गिर चुके हैं तो कई वन्य जीवों के आवास भी आग ने छीन लिए हैं। वन विभाग के कर्मचारी भी पूरी तरह से आग को काबू नहीं कर पा रहे हैं। धुएं से जहां लोगों को परेेेशानी हो रही है वहीं तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। मानिला क्षेत्र में रोजाना कोई न कोई जंगल आग की भेंट चढ़ रहा है।
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वन विभाग ने आग बुझाने की अपील की
अल्मोड़ा। जंगलों को वनाग्नि से बचाने के लिए वन विभाग लोगों को भी जागरूक कर रहा है। शुक्रवार को सिविल सोयम वन प्रभाग ने बिनसर वन्य जीव विहार में एक अग्नि सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन कर ग्रामीणों को जागरूक किया। ग्राम प्रधान कलोन चंदन सिंह मेहरा गोष्ठी में मुख्य अतिथि रहे। वन क्षेत्राधिकारी बिनसर वन्य जीव विहार आशुतोष जोशी ने अग्नि सुरक्षा के बारे में ग्रामीणों को बताया और उनसे जंगलों को आग से बचाने में सहयोग करने की अपील की। वहां पर वन दरोगा मोहन चंद्र भट्ट, नारायण नाथ के साथ ही ग्रामीण पूरन सिंह, गोपाल सिंह, हुकुम सिंह, हर्षिता, विनीता, सपना आर्या आदि थे।
जंगल में आग लगाने वाले नौ लोगों पर कार्रवाई
अल्मोड़ा। वन विभाग जंगलों की आग बुझाने के साथ ही जंगल में आग लगाने वाले लोगों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई कर रहा है। कुछ दिन पूर्व वन विभाग के कर्मचारियों को कसारदेवी क्षेत्र में जंगल में आग लगाते चार किशोर मिले। वन विभाग ने किशोरों को पकड़कर उनके परिजनों को सूचना दी और जुर्माना लगाने के बाद किशोरों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। रानीखेत के कालागढ़ रेंज में भी वन विभाग ने जंगल में आग लगा रहे पांच लोगों को पकड़कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने भी उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की। उक्त पांचों युवक क्षेत्र की नदी में दवा डालकर अवैध रूप से मछली का शिकार भी कर रहे थे।
138 घटनाओं में 199 हेक्टेयर जंगल जला
बागेश्वर। जिले के जंगलों में आग का दायरा बढ़ता जा रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर गरुड़, कपकोट, कांडा, काफलीगैर और धरमघर के जंगल धधक रहे हैं। वन विभाग आग की घटनाओं को रोक पाने में विफल साबित हो रहा है। फायर सीजन के दौरान जिले में वनाग्नि की 138 घटनाएं दर्ज हो गई हैं। आग से 199 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो गया है और 6.05 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
बृहस्पतिवार की रात को जिला मुख्यालय के नीलेश्वर की पहाड़ी पर आग लग गई। वन विभाग कार्यालय के समीप की पहाड़ी को धधकता देख विभागीय कर्मचारी मौके पर गए और आग को बुझाने का प्रयास किया। कर्मचारियों ने रात करीब 11 बजे आग पर काबू पाया। गरुड़ में वज्यूला रेंज के जंगलों में भीषण आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान हुआ। कुलाऊं, अमस्यारी सहित गढ़खेत रेंज के जंगल भी आग की चपेट मे आ गए। क्षेत्र में वनाग्नि से वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। काफलीगैर तहसील के धूराफाट क्षेत्र में भी भीषण आग लगी। जंगल की आग फैलते हुए एक निजी कंपनी के मोबाइल टावर तक जा पहुंची। ग्रामीणों ने सोशल मीडिया के माध्यम से कंपनी के कर्मचारी का नंबर मालूम किया और उसे सूचना दी। वहीं कपकोट तहसील मुख्यालय के समीप की पहाड़ी पर भी रात के समय भीषण आग लगी। काशिल देव मंदिर की पहाड़ी के अलावा कालीधार, जखेड़ी आदि स्थानों पर भी जंगल देर रात तक धधकता रहा। धरमघर रेंज के वनों में भी लगातार आग लग रही है।
भीषण वनाग्नि से जिले में पर्यावरण प्रदूषण बढ़ गया है। जिला मुख्यालय सहित अन्य स्थानों पर फैला धुुआं लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। लोगों को आंख में जलन, सांस लेने में दिक्कत और गले की खराश की शिकायत होने लगी है। बीमार और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वनाग्नि नियंत्रण के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। डीएम से बजट की मांग की गई थी, जिसे मंजूरी मिल गई है। इस राशि से आग बुझाने के नए उपकरण खरीदे जाएंगे। वनाग्नि नियंत्रण के लिए फायर वॉचरों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। -हिमांशु बागरी, डीएफओ बागेश्वर
वनाग्नि नियंत्रण के लिए 15 लाख मंजूर
बागेश्वर। जिले में वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए डीएम विनीत कुमार ने 14.95 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत राशि में 1.40 लाख रुपये जागरूकता, 2.50 लाख रुपये रिपीटर वायरलेस और 55 हजार रुपये फायर ब्लोअर खरीद में उपयोग किए जाएंगे। उन्होंने स्वीकृत राशि का उपयोग व्यय उत्तराखंड अधिप्राप्ति की नियमावली में दिए मानक और दिशा निर्देश के अनुसार करने को कहा है। संवाद
युवाओं ने बुझाई भरतकोट के जंगलों की आग
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। भरतकोट के जंगल में शुक्रवार को अचानक भयानक आग लग गई। देर शाम बिंता भतौरा के जागरूक युवाओं का दल आग बुझाने के लिए जंगल पहुंचा। हालांकि युवाओं ने लंबे संघर्ष के बाद आग बुझाने में सफलता प्राप्त की। आग बुझाने के बाद जब दल अपने ईष्ट देव गोलज्यू के दरबार उदेपुर में पहुंचे तो बारिश भी हो गई। आग बुझाने वाले दल में पूर्व सरपंच महेश कैड़ा, भतौरा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि महेंद्र कैड़ा, रघुनाथ रावत, महेंद्र राम, सरपंच प्रतिनिधि ललित मोहन कैड़ा आदि थे। संवाद

बागेश्वर के वज्यूला रेंज के जंगल में लगी आग। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR