{"_id":"63d56848b6c0ab41210b2d5e","slug":"fish-will-be-new-job-creator-in-bageshwar-bageshwar-news-hld489745611-2023-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: मशरूम, स्ट्रीबेरी के बाद दुलम गांव में मछली पाल की पहल,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: मशरूम, स्ट्रीबेरी के बाद दुलम गांव में मछली पाल की पहल,
विज्ञापन
बागेश्वर के दुलम गांव में मछली पालन के लिए बने तालाब। संवाद
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। मशरूम और स्ट्रॉबेरी उत्पादन में सफलता हासिल करने के बाद दुलम के ग्रामीणों ने मछली पालन के माध्यम से स्वरोजगार की नई पहल शुरू की है। मत्स्य विभाग की मदद से गांव के नौ लोगों ने मछली के तालाब तैयार कर लिए हैं। मार्च में विभाग की ओर से तालाबों में मछली के बीज डाले जाएंगे।
मशरूम मैन भगवत सिंह कोरंगा ने सबसे पहले गांव में मशरूम उत्पादन किया था। उनकी देखादेखी गांव के अन्य लोग भी मशरूम पैदा करने लगे। बाद में कोरंगा ने पूरे क्षेत्र को मशरूम का गढ़ बनाने के लिए कार्य किया। मशरूम से होने वाले फायदे को देखते हुए ग्रामीणों का रुझान स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग से स्वरोजगार करने पर गया। ग्रामीण महिपाल सिंह कोरंगा ने मशरूम से आगे बढ़ते हुए गांव मेें स्ट्रॉबेरी का उत्पादन शुरू किया और अन्य लोगों को भी प्रेरित किया। वर्तमान में गांव के करीब आठ परिवार स्ट्रॉबेरी उत्पादन कर रहे हैं।
खेतीबाड़ी के बाद अब ग्रामीणों ने मछली पालन की ओर रुख किया है। क्षेत्र के जगथाना में मछली पालन की भारी सफलता को देखते हुए दुलम के लोग भी मछली पालन को आगे आए हैं। लोगों के रुझान को देखते हुए विभाग की ओर से तालाब निर्माण के लिए मदद मुहैैया कराई गई है। गांव में नौ लोगों ने तालाब निर्माण का कार्य पूरा कर लिया है। चार लोगों के तालाब बनने हैं।
विज्ञापन
इन ग्रामीणों ने की है मछली पालन की पहल
बागेश्वर। दुलम के धन सिंह, खुशाल सिंह, पूरन सिंह, प्रताप सिंह, राजेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, प्रमोद सिंह, रंजीत सिंह, यशपाल सिंह ने मछली के तालाब का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। ग्रामीण बंटी कोरंगा ने बताया कि गांव में सब्जी उत्पादन भी बहुतायत में होता है। मछली पालन का विकल्प मिलने के बाद ग्रामीणों के पास आजीविका के साधन अधिक होंगे।
कोट
जिला योजना के तहत दुलम गांव में मछली पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। गांव में क्लस्टर के रूप में मछली के तालाब बना लिए गए हैं। चार तालाब अन्य स्थानों पर बनाए जाने हैं। मार्च में तालाबों में मछली के बीज डाले जाएंगे।
मनोज मियान, वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक बागेश्वर
विज्ञापन
मशरूम मैन भगवत सिंह कोरंगा ने सबसे पहले गांव में मशरूम उत्पादन किया था। उनकी देखादेखी गांव के अन्य लोग भी मशरूम पैदा करने लगे। बाद में कोरंगा ने पूरे क्षेत्र को मशरूम का गढ़ बनाने के लिए कार्य किया। मशरूम से होने वाले फायदे को देखते हुए ग्रामीणों का रुझान स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग से स्वरोजगार करने पर गया। ग्रामीण महिपाल सिंह कोरंगा ने मशरूम से आगे बढ़ते हुए गांव मेें स्ट्रॉबेरी का उत्पादन शुरू किया और अन्य लोगों को भी प्रेरित किया। वर्तमान में गांव के करीब आठ परिवार स्ट्रॉबेरी उत्पादन कर रहे हैं।
विज्ञापन
खेतीबाड़ी के बाद अब ग्रामीणों ने मछली पालन की ओर रुख किया है। क्षेत्र के जगथाना में मछली पालन की भारी सफलता को देखते हुए दुलम के लोग भी मछली पालन को आगे आए हैं। लोगों के रुझान को देखते हुए विभाग की ओर से तालाब निर्माण के लिए मदद मुहैैया कराई गई है। गांव में नौ लोगों ने तालाब निर्माण का कार्य पूरा कर लिया है। चार लोगों के तालाब बनने हैं।
विज्ञापन
इन ग्रामीणों ने की है मछली पालन की पहल
बागेश्वर। दुलम के धन सिंह, खुशाल सिंह, पूरन सिंह, प्रताप सिंह, राजेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, प्रमोद सिंह, रंजीत सिंह, यशपाल सिंह ने मछली के तालाब का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। ग्रामीण बंटी कोरंगा ने बताया कि गांव में सब्जी उत्पादन भी बहुतायत में होता है। मछली पालन का विकल्प मिलने के बाद ग्रामीणों के पास आजीविका के साधन अधिक होंगे।
कोट
जिला योजना के तहत दुलम गांव में मछली पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। गांव में क्लस्टर के रूप में मछली के तालाब बना लिए गए हैं। चार तालाब अन्य स्थानों पर बनाए जाने हैं। मार्च में तालाबों में मछली के बीज डाले जाएंगे।
मनोज मियान, वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक बागेश्वर